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Kurukshetra News: बूंदाबांदी से बढ़ी कंपकंपी, आज भी बारिश के आसार
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कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में चिकित्सक के कमरें के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
कुरुक्षेत्र। कड़ाके की ठंड के बीच मौसम में बदलाव जारी है, जिसका आम दिनचर्या पर असर पड़ रहा है। लोग जहां घरों में दुबकने को मजबूर है वहीं खांसी, जुकाम आैर बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
शनिवार को अल सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई तो दोपहर से पहले कुछ देर हल्की धूप भी खिली लेकिन इसके बाद देर शाम को फिर हल्की बूंदाबांदी कई क्षेत्रों में हुई तो बादल भी छाए रहे। रविवार को भी बूंदाबांदी के आसार है। बढ़ती ठंड व बारिश के बने आसार से जहां लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है वहीं यह गेहूं की फसल के लिए लाभकारी मानी जा रही है। इससे किसानों में खुशी है और माना जा रहा है कि अधिक ठंड से गेहूं की फसल अच्छी होगी तो पैदावार भी अधिक मिलेगी।
शनिवार को हालांकि न्यूनतम तापमान बढ़कर 11.1 डिग्री तक पहुंच गया लेकिन रविवार को यह फिर आठ डिग्री तक गिरेगा। वहीं अधिकतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी है, जिससे लोग ठिठुरने को मजबूर हैं।
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बारिश का बना मौसम गेहूं के लिए वरदान : कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि बढ़ती ठंड भले ही जन जीवन को बेहद प्रभावित कर रही है लेकिन गेहूं की फसल के लिए यह बेहतर है। बारिश का बना मौसम फसल के लिए और भी वरदान रहेगा लेकिन ऐसे मौसम में किसानों को अपनी फसल की देखरेख ज्यादा करनी चाहिए, मौसम अनुसार ही पानी व खाद का प्रयोग करें। कृषि विशेषज्ञों के संपर्क में रहें।
पशुओं का ख्याल जरूरी : पशु पालन विभाग के एसडीओ डॉ. जसबीर सिंह का कहना है कि बढ़ती ठंड व शीतलहर की चपेट में पशु भी आ सकते हैं। ऐसे में पशु पालकों को इस दौरान ज्यादा ख्याल रखना होगा। शीतलहर से बचाव जरूरी है, जिसके लिए आवश्यक प्रबंध के साथ चारे की भी कमी नहीं रहने देनी चाहिए। अधिक ठंड होने का असर दुग्ध उत्पादन पर भी हो सकता है।
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शनिवार को अल सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई तो दोपहर से पहले कुछ देर हल्की धूप भी खिली लेकिन इसके बाद देर शाम को फिर हल्की बूंदाबांदी कई क्षेत्रों में हुई तो बादल भी छाए रहे। रविवार को भी बूंदाबांदी के आसार है। बढ़ती ठंड व बारिश के बने आसार से जहां लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है वहीं यह गेहूं की फसल के लिए लाभकारी मानी जा रही है। इससे किसानों में खुशी है और माना जा रहा है कि अधिक ठंड से गेहूं की फसल अच्छी होगी तो पैदावार भी अधिक मिलेगी।
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शनिवार को हालांकि न्यूनतम तापमान बढ़कर 11.1 डिग्री तक पहुंच गया लेकिन रविवार को यह फिर आठ डिग्री तक गिरेगा। वहीं अधिकतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी है, जिससे लोग ठिठुरने को मजबूर हैं।
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बारिश का बना मौसम गेहूं के लिए वरदान : कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि बढ़ती ठंड भले ही जन जीवन को बेहद प्रभावित कर रही है लेकिन गेहूं की फसल के लिए यह बेहतर है। बारिश का बना मौसम फसल के लिए और भी वरदान रहेगा लेकिन ऐसे मौसम में किसानों को अपनी फसल की देखरेख ज्यादा करनी चाहिए, मौसम अनुसार ही पानी व खाद का प्रयोग करें। कृषि विशेषज्ञों के संपर्क में रहें।
पशुओं का ख्याल जरूरी : पशु पालन विभाग के एसडीओ डॉ. जसबीर सिंह का कहना है कि बढ़ती ठंड व शीतलहर की चपेट में पशु भी आ सकते हैं। ऐसे में पशु पालकों को इस दौरान ज्यादा ख्याल रखना होगा। शीतलहर से बचाव जरूरी है, जिसके लिए आवश्यक प्रबंध के साथ चारे की भी कमी नहीं रहने देनी चाहिए। अधिक ठंड होने का असर दुग्ध उत्पादन पर भी हो सकता है।

11सीटीके02 : किला रोड बाजार के सामने बने सार्वजनिक शौचालय के बाहर लगी महिलाओं की लाइन।

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