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सन्निहित सरोवर में छोड़ा पानी, डुबकी लगा सकेंगे श्रद्धालु
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Mon, 03 Apr 2017 12:03 AM IST
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water in sannihit sarovar
- फोटो : अमर उजाला
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सन्निहित सरोवर में डुबकी लगाने के लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने पानी छोड़ दिया है। अगले कुछ दिनों में सन्निहित सरोवर में पानी भरने की उम्मीद है। हालांकि कल तक जो तर्क कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड दे रहा था, वह अब सन्निहित सरोवर को भरते समय आड़े नहीं आ रहे। इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि सन्निहित में पानी भरने के लिए जो कारण आड़े आ रहे थे, वैसा कुछ नहीं था। इस लापरवाही को उजागर करने पर केडीबी ने प्रशासन के उच्चाधिकारियों को भी गुमराह किया।
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अमर उजाला में सन्निहित तीर्थ का मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। जाहिर है कि पिछले दिनों चैत्र चौदस और अमावस्या के मौके पर यहां भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को सन्निहित के घाटों पर डुबकी लगाने के लिए पानी नसीब नहीं हुआ था। अधिकांश श्रद्धालु इस कुव्यवस्था को कोसते हुए गए थे। अमर उजाला ने केडीबी के कुप्रबंधों की जानकारी हरियाणा के पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा को दी थी, जिसके बाद पर्यटन मंत्री ने सन्निहित सरोवर का जायजा लिया था और मौके पर ही डीसी सुमेधा कटारिया और केडीबी के मानद सचिव अशोक सुखीजा एवं केडीबी के सीईओ गौरव अंतिल को जरूरी निर्देश दिये थे। रविवार को पानी छोड़ने के साथ सरोवर की सफाई पर कर्मचारी जुटे रहे।
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नहीं माना गया सुझाव
केडीबी के कई सदस्य भी पिछले दिनों चैत्र चौदस और अमावस्या पर सन्निहित सरोवर में पानी का प्रबंध ना होने से खिन्न है। इन सदस्यों का कहना है कि चैत्र चौदस अमावस्या से पहले सन्निहित में पानी का प्रबंध करने के लिए सुझाव दिया था,मगर उनके सुझाव को दर किनार कर दिया गया। पता ये भी चला है कि केडीबी में पिछले कुछ समय से अधिकारी भी रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके पीछे मानद सचिव की नियुक्ति को माना जा रहा है। वहीं केडीबी के ही सूत्रों की मानें तो कुछ लोग केडीबी के मानद सचिव को फेल करने पर तुले हैं।
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सभी तीर्थों सहित सन्निहित और ब्रह्मसरोवर पर खास फोकस
केडीबी के मानद सचिव अशोक सुखीजा ने बताया कि बोर्ड का फोकस तीर्थों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर है। इनमें विशेष रुप से सन्निहित और ब्रह्मसरोवर पर फोकस किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सन्निहित सरोवर पर बेसहारा पशुओं को रोकने के लिए यहां ग्रिल लगाने, सन्निहित तीर्थ के घाट पर यात्रियों के बैठने के लिए सुविधाजनक शेड लगवाने और वाटर कूलरों की व्यवस्था जल्द की जाएगी। इसके अलावा तीर्थ के सौंदर्यीकरण और अतिरिक्त सुलभ शौचालय भी बनाए जाएंगे।