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Kurukshetra News: सांग, रागनी, लूर और रसिया नृत्य सहित विभिन्न विधाओं को कुवि दे रहा संजीवनी
Wed, 30 Oct 2024 03:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 30 Oct 2024 03:12 AM IST
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कुरुक्षेत्र। युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित चार दिवसीय रत्नावली महोत्सव लोगों में हरियाणवी संस्कृति की अमिट छाप छोड़ गया, इस महोत्सव के माध्यम से युवाओं और अन्य दर्शकों में विलुप्त होती जा रही अपनी संस्कृति को जानने का मौका मिला। सोमवार का महोत्सव के समापन पर विजेता कलाकारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. विवेक चावला ने बताया कि रत्नावली के इस मंच ने सांग, रागनी, लूर और रसिया नृत्य सहित अन्य विधाओं को संजीवनी देने का कार्य किया हैइस वर्ष महोत्सव में रही कमियों पर मंथन किया जाएगा तथा अगले वर्ष होने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा ओर बेहतर की जाएगी।
उन्होंने बताया कि युवा कलाकार महोत्सव के दौरान प्रस्तुत की जा रहीं इन विधाओं में हिस्सा लेकर अपनी संस्कृति की जानकारी हासिल कर रहे हैं। चार दिवसीय महोत्सव में 34 विधाओं का आयोजन किया गया था, जिसमें तीन हजार कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से कला का जादू बिखेरा। उन्होंने बताया कि इस बार महोत्सव में भले ही फिल्मी जगत से कोई अभिनेता नहीं पहुंचा, लेकिन फिर भी युवाओं में भरपूर उत्साह रहा। लूर और रसिया के रस में दर्शक डूबे रहे तथा राष्ट्रपति अवार्डी लोक कलाकार प्रेम देहाती की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने रत्नावली के मंच से सांग की प्रस्तुति भी साझा की। महोत्सव में लोककलाकारों की धुन पर दर्शक झूमते रहे।
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उन्होंने बताया कि युवा कलाकार महोत्सव के दौरान प्रस्तुत की जा रहीं इन विधाओं में हिस्सा लेकर अपनी संस्कृति की जानकारी हासिल कर रहे हैं। चार दिवसीय महोत्सव में 34 विधाओं का आयोजन किया गया था, जिसमें तीन हजार कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से कला का जादू बिखेरा। उन्होंने बताया कि इस बार महोत्सव में भले ही फिल्मी जगत से कोई अभिनेता नहीं पहुंचा, लेकिन फिर भी युवाओं में भरपूर उत्साह रहा। लूर और रसिया के रस में दर्शक डूबे रहे तथा राष्ट्रपति अवार्डी लोक कलाकार प्रेम देहाती की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने रत्नावली के मंच से सांग की प्रस्तुति भी साझा की। महोत्सव में लोककलाकारों की धुन पर दर्शक झूमते रहे।
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