कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के जग ज्योति दरबार में महंत राजेंद्र पुरी द्वारा सनातन के लिए की जा रही अखंड पंच धूनी कठोर अग्नि तपस्या पांच जून को संपन्न होगी। मंगलवार को भी महंत राजेंद्र पुरी की तपस्या के दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत को ऋषि मुनियों की धरती कहा जाता है। सदियों से ही ऋषि-मुनियों ने त्याग तपस्या कर इस देश में खुशहाली की कामना की है। वह भी इसी कामना से करीब दो दशक से ज्येष्ठ महीने की गर्मी में जनकल्याण एवं विश्व शांति के लिए पंच धूनी कठोर अग्नि तपस्या कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि देश में अनेक ऐसे संत महापुरुष हुए है, जिन्होंने अपनी तपस्या और बलिदान से देश की धरा को पवित्र किया है। इसलिए भारत को महात्माओं की तपोभूमि माना गया है। इस मौके पर गुरिंदर, मोनू, सागर, गगन छापर, कमलजीत छापर, कुलदीप, विकास, मनीष मनोदी, दर्शन, नरेश, रवि शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।