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Kurukshetra News: घर में घुसकर कारोबारी की आठ बार चाकू घोंपकर निर्मम हत्या
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कुरुक्षेत्र/पिहोवा। रंगदारी नहीं देने पर बदमाशों ने घर में घुसकर कारोबारी की आठ बार चाकू घोंपकर कर हत्या कर दी। हमलावरों ने कारोबारी को बचाने आए उसके पिता और भाई को भी बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। मृतक की शिनाख्त अमित बंसल (35) निवासी दीवान कॉलोनी के रूप में हुई है। अमित कोल्ड ड्रिंक और डिस्पोजल सप्लाई करने का काम करता था। वारदात 26-27 अप्रैल की रात करीब एक बजे की है। मामला आपसी गैंगवार का बताया जा रहा है। हालांकि अमित का किसी गैंग से कोई ताल्लुक नहीं था, लेकिन आरोपियों ने अमित के छोटे भाई सुमित बंसल से रंगदारी मांगी थी।
अमित के छोटे भाई शुभम ने बताया कि 26-27 अप्रैल रात करीब एक बजे दिलबाग उर्फ बाग्गा अपने आठ-10 साथियों के साथ दीवार फांदकर उनके घर में घुसा था। शोर सुनकर वह लोग बाहर आए तो आरोपियों ने उसके भाई अमित, पिता वीरभान और उस पर चाकुओं से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले वह तीनों बुरी तरह से जख्मी हो गए थे। गंभीर रूप से जख्मी होने पर उसके भाई अमित को पंचकूला के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां वीरवार-शुक्रवार की रात करीब दो बजे उपचार के दौरान उसके भाई ने दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा
थाना शहर पिहोवा प्रबंधक जीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने सुमित बंसल की शिकायत पर 27 अप्रैल को हंस बहल, दिलबाग, राजदीप को नामजद करते हुए अन्य के खिलाफ 148, 149, 307, 323, 384, 427, 450 और 506 के तहत मामला दर्ज किया था। अब इस मामले में हत्या की धारा 302 जोड़ दी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया।
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चार दिन के रिमांड पर लिए आरोपी
सीआईए-एक के प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी टीम ने आरोपी राजदीप उर्फ राजू निवासी जाजनपुर, दीपक उर्फ सहवाग निवासी ढांड जिला कैथल व अमन निवासी रूपनगर शाहाबाद को गिरफ्तार किया है। अदालत के आदेश से आरोपियों को चार दिन के रिमांड पर लिया है। साथ ही अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
सट्टा हारने के बाद बाग्गा ने सुमित से मांगे थे दो लाख रुपये
कुरुक्षेत्र। दो गैंग के आपसी तनाव ने बंसल परिवार की खुशियों को ग्रहण लगा दिया। गत माह 14 अप्रैल को ही कारोबारी अमित बंसल के छोटे भाई शुभम की शादी हुई थी। इस शादी से पूरा परिवार बेहद खुश था, मगर अनहोनी दबे पांव बंसल परिवार की खुशियों को छीनने के लिए धीरे-धीरे उनकी ओर बढ़ रही थी। बताया जा रहा है कि बाग्गा को आईपीएल के सट्टे लगाने पर मोटा नुकसान हुआ था। इसी के लिए उसने अमित के भाई सुमित से दो लाख रुपये मांगे थे, मगर सुमित के जितेंद्र उर्फ चीता निवासी सारसा के पास जाने पर उसने दोनों को धमकाना शुरू कर दिया।
यहां बता दें दिलबाग उर्फ बाग्गा, राजदीप, दीपक उर्फ सहवाग ने अपनी बाग्गा गैंग बनाई हुई है। वे विशाल उर्फ विक्की सोढ़ी गैंग से भी जुड़े हैं, जबकि जितेंद्र उर्फ चीता की अपनी एक अलग गैंग है। हालांकि पहले बाग्गा और चीता दोस्त थे, मगर बाद में दोनों के बीच आपसी रंजिश हो गई थी। बाग्गा, राजदीप, सहवाग और चीता पर कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों गैंग की आपसी दुश्मनी में अमित पर बाग्गा ने घर में घुसकर हमला कर जख्मी कर दिया था। हालांकि अमित के परिजनों ने लूटपाट के इरादे से वारदात को अंजाम देने के आरोपी भी लगाए हैं।
थाना शहर पिहोवा में दर्ज सुमित की शिकायत के अनुसार दिलबाग के डर से वह 26 अप्रैल को चीता के पास उसके गांव चला गया था। उसी रात करीब साढ़े 10 बजे बाग्गा ने चीता को उसे अपने पास छिपाने पर फोन से धमकी दी थी। बाद में बाग्गा ने उनको गांव में आने की वीडियो भी भेजी थी, जिसमें राजदीप ने बाग्गा को पैसे नहीं देने पर धमकाया था कि वे उसे और चीता को जान से मार देंगे। उन्होंने चीता को कॉल करके उनका ठिकाना भी पूछा था, जिस पर चीता ने उन्हें रात एक बजे तक चंडीगढ़ से उसके घर पहुंचने की बात कही थी। तब उन्होंने उसके परिवार को खत्म करने की धमकी देकर कॉल काट दी थी।
सट्टा में हुआ था बाग्गा को नुकसान
जानकारी के मुताबिक बाग्गा ने आईपीएल में सट्टा लगाया था, जिसमें उसे काफी नुकसान हो गया था। इस नुकसान भी भरपाई के लिए बाग्गा ने रंगदारी मांगी थी। इसके लिए उसने शहर के कई लोगों को धमकाया था। वहीं अमित के परिजन आरोप लगा रहे हैं कि आरोपी उनके घर लूटपाट के इरादे से आए थे। करीब 10 साल पहले अमित शादी हुई थी, जिससे उससे ओजस (8) और नक्ष (6) दो बेटे हुए।
10 दिन पहले मिली थी जमानत
पुलिस के मुताबिक दिलबाग उर्फ बाग्गा करीब 10 दिन पहले ही जिला जेल से जमानत पर आया था। वह शस्त्र अधिनियम के तहत जिला जेल में बंद था। करीब दो महीने पहले ही बाग्गा को सीआईए ने गुलडेहरा गांव के नजदीक से देसी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। इसके अलावा बाग्गा पर हत्या और लड़ाई झगड़े के कई मामले दर्ज हैं, जबकि उसके साथी राजदीप और सहवाग भी जेल में बंद थे। राजदीप करीब तीन महीने ही जेल से छूटा था। वहीं चीता साल 2014 में डीएवी कॉलेज में हुए भागल के रहने वाले गौरव हत्याकांड में शामिल था।
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अमित के छोटे भाई शुभम ने बताया कि 26-27 अप्रैल रात करीब एक बजे दिलबाग उर्फ बाग्गा अपने आठ-10 साथियों के साथ दीवार फांदकर उनके घर में घुसा था। शोर सुनकर वह लोग बाहर आए तो आरोपियों ने उसके भाई अमित, पिता वीरभान और उस पर चाकुओं से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले वह तीनों बुरी तरह से जख्मी हो गए थे। गंभीर रूप से जख्मी होने पर उसके भाई अमित को पंचकूला के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां वीरवार-शुक्रवार की रात करीब दो बजे उपचार के दौरान उसके भाई ने दम तोड़ दिया।
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पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा
थाना शहर पिहोवा प्रबंधक जीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने सुमित बंसल की शिकायत पर 27 अप्रैल को हंस बहल, दिलबाग, राजदीप को नामजद करते हुए अन्य के खिलाफ 148, 149, 307, 323, 384, 427, 450 और 506 के तहत मामला दर्ज किया था। अब इस मामले में हत्या की धारा 302 जोड़ दी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया।
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चार दिन के रिमांड पर लिए आरोपी
सीआईए-एक के प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी टीम ने आरोपी राजदीप उर्फ राजू निवासी जाजनपुर, दीपक उर्फ सहवाग निवासी ढांड जिला कैथल व अमन निवासी रूपनगर शाहाबाद को गिरफ्तार किया है। अदालत के आदेश से आरोपियों को चार दिन के रिमांड पर लिया है। साथ ही अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
सट्टा हारने के बाद बाग्गा ने सुमित से मांगे थे दो लाख रुपये
कुरुक्षेत्र। दो गैंग के आपसी तनाव ने बंसल परिवार की खुशियों को ग्रहण लगा दिया। गत माह 14 अप्रैल को ही कारोबारी अमित बंसल के छोटे भाई शुभम की शादी हुई थी। इस शादी से पूरा परिवार बेहद खुश था, मगर अनहोनी दबे पांव बंसल परिवार की खुशियों को छीनने के लिए धीरे-धीरे उनकी ओर बढ़ रही थी। बताया जा रहा है कि बाग्गा को आईपीएल के सट्टे लगाने पर मोटा नुकसान हुआ था। इसी के लिए उसने अमित के भाई सुमित से दो लाख रुपये मांगे थे, मगर सुमित के जितेंद्र उर्फ चीता निवासी सारसा के पास जाने पर उसने दोनों को धमकाना शुरू कर दिया।
यहां बता दें दिलबाग उर्फ बाग्गा, राजदीप, दीपक उर्फ सहवाग ने अपनी बाग्गा गैंग बनाई हुई है। वे विशाल उर्फ विक्की सोढ़ी गैंग से भी जुड़े हैं, जबकि जितेंद्र उर्फ चीता की अपनी एक अलग गैंग है। हालांकि पहले बाग्गा और चीता दोस्त थे, मगर बाद में दोनों के बीच आपसी रंजिश हो गई थी। बाग्गा, राजदीप, सहवाग और चीता पर कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों गैंग की आपसी दुश्मनी में अमित पर बाग्गा ने घर में घुसकर हमला कर जख्मी कर दिया था। हालांकि अमित के परिजनों ने लूटपाट के इरादे से वारदात को अंजाम देने के आरोपी भी लगाए हैं।
थाना शहर पिहोवा में दर्ज सुमित की शिकायत के अनुसार दिलबाग के डर से वह 26 अप्रैल को चीता के पास उसके गांव चला गया था। उसी रात करीब साढ़े 10 बजे बाग्गा ने चीता को उसे अपने पास छिपाने पर फोन से धमकी दी थी। बाद में बाग्गा ने उनको गांव में आने की वीडियो भी भेजी थी, जिसमें राजदीप ने बाग्गा को पैसे नहीं देने पर धमकाया था कि वे उसे और चीता को जान से मार देंगे। उन्होंने चीता को कॉल करके उनका ठिकाना भी पूछा था, जिस पर चीता ने उन्हें रात एक बजे तक चंडीगढ़ से उसके घर पहुंचने की बात कही थी। तब उन्होंने उसके परिवार को खत्म करने की धमकी देकर कॉल काट दी थी।
सट्टा में हुआ था बाग्गा को नुकसान
जानकारी के मुताबिक बाग्गा ने आईपीएल में सट्टा लगाया था, जिसमें उसे काफी नुकसान हो गया था। इस नुकसान भी भरपाई के लिए बाग्गा ने रंगदारी मांगी थी। इसके लिए उसने शहर के कई लोगों को धमकाया था। वहीं अमित के परिजन आरोप लगा रहे हैं कि आरोपी उनके घर लूटपाट के इरादे से आए थे। करीब 10 साल पहले अमित शादी हुई थी, जिससे उससे ओजस (8) और नक्ष (6) दो बेटे हुए।
10 दिन पहले मिली थी जमानत
पुलिस के मुताबिक दिलबाग उर्फ बाग्गा करीब 10 दिन पहले ही जिला जेल से जमानत पर आया था। वह शस्त्र अधिनियम के तहत जिला जेल में बंद था। करीब दो महीने पहले ही बाग्गा को सीआईए ने गुलडेहरा गांव के नजदीक से देसी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। इसके अलावा बाग्गा पर हत्या और लड़ाई झगड़े के कई मामले दर्ज हैं, जबकि उसके साथी राजदीप और सहवाग भी जेल में बंद थे। राजदीप करीब तीन महीने ही जेल से छूटा था। वहीं चीता साल 2014 में डीएवी कॉलेज में हुए भागल के रहने वाले गौरव हत्याकांड में शामिल था।