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Kurukshetra News: रजनी ने बदली बेटियों की तकदीर, 300 से अधिक खिलाड़ियों को तराशा
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कुरुक्षेत्र। कोच रजनी।
कुरुक्षेत्र। रजनी जिले की सफल महिला वॉलीबॉल प्रशिक्षकों में से एक हैं। उन्होंने गांव की बेटियों को खेल के माध्यम से पहचान दिलाने का सपना देखा। वर्ष 2014 से कोचिंग शुरू कर वह अब तक 300 से अधिक खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर चुकी हैं। उनके प्रशिक्षण से 12 खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेल चुके हैं। करीब 30 खिलाड़ी राज्य स्तर तक पहुंचे हैं। अमीन स्थित उनके सेंटर से 15 खिलाड़ी खेल कोटे से सरकारी विभागों में कार्यरत हैं। रजनी वर्तमान में करीब 35 लड़कियों को नियमित वॉलीबॉल प्रशिक्षण दे रही हैं। उन्होंने खिलाड़ी रहते ही अमीन गांव की बेटियों को आगे बढ़ाने का निश्चय किया था। कोचिंग कोर्स के बाद 2014 में उन्हें अपने गांव में पहली नियुक्ति मिली। उन्होंने जींद और खेड़ा खेड़ी जैसे कई स्थानों पर भी खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया।
रजनी खुद भी राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने छठी कक्षा से वॉलीबॉल खेलना शुरू किया था। अंडर-14 में पहला स्कूली राष्ट्रीय मुकाबला खेला। भारतीय खेल प्राधिकरण चंडीगढ़ में उनका चयन हुआ था। वहां उन्होंने स्कूली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने पांच बार सीनियर नेशनल में हिस्सा लिया। पांच बार ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में भी खेलीं। इंटर यूनिवर्सिटी में भी उन्होंने पदक हासिल किया था।
उनका प्रयास राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलें : रजनी
उनकी कोचिंग में 2016 में खेल महाकुंभ में टीम ने स्वर्ण पदक जीता। रजनी का कहना है कि अमीन गांव वॉलीबॉल के लिए जाना जाता है। उनका प्रयास है कि यहां से लगातार राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलें। विशेषकर बेटियां खेल के माध्यम से अपना भविष्य संवार सकें। उनका मानना है कि गांवों में नियमित प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाएं मिलें तो और राष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार होंगे।
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रजनी खुद भी राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने छठी कक्षा से वॉलीबॉल खेलना शुरू किया था। अंडर-14 में पहला स्कूली राष्ट्रीय मुकाबला खेला। भारतीय खेल प्राधिकरण चंडीगढ़ में उनका चयन हुआ था। वहां उन्होंने स्कूली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने पांच बार सीनियर नेशनल में हिस्सा लिया। पांच बार ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में भी खेलीं। इंटर यूनिवर्सिटी में भी उन्होंने पदक हासिल किया था।
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उनका प्रयास राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलें : रजनी
उनकी कोचिंग में 2016 में खेल महाकुंभ में टीम ने स्वर्ण पदक जीता। रजनी का कहना है कि अमीन गांव वॉलीबॉल के लिए जाना जाता है। उनका प्रयास है कि यहां से लगातार राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलें। विशेषकर बेटियां खेल के माध्यम से अपना भविष्य संवार सकें। उनका मानना है कि गांवों में नियमित प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाएं मिलें तो और राष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार होंगे।
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