इस्माईलाबाद। बारिश के बर्बादी के निशान अब देखने को मिल रहे हैं। रविवार दोपहर बाद हुई बारिश तो थम गई लेकिन खेत से लेकर अनाजमंडी तक पानी ही पानी होने से किसानों की छह महीने की मेहनत भी पानी में मिलती दिखाई दे रही। खेतों में एक से दो फुट जलभराव से धान की फसल डूब चुकी है। किसान रामरत्न शर्मा, राजेश, तरसेम, सौरव, संजीव आदि ने बताया कि रविवार को हुई तेज बरसात ने उनके सारे अरमानों पर पानी फेर दिया है।
सभी ने एकसुर में कहा कि अनाजमंडी में बिकवाली के लिए आई फसल भी बरसात की भेंट चढ़ गई और खेतों में भी तेज हवा के साथ आई बारिश से धान की फसल खेतों में बिछ गई। बिछी हुई फसल पर बरसाती पानी डूबी हुई है। उधर आलू, सरसों, तोरिये की फसल भी बरसात की भेंट चढ़ गई। बेमौसमी बारिश से किसानों पर दोहरी मार पड़ी। किसानों ने सरकार के समक्ष मांग उठाई है कि खेतों की स्पेशल गिरदावरी कराकर किसानों को नुकसान के हिसाब से मुआवजा दिया जाए।