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आंगनबाड़ी केंद्र को प्री-प्राइमरी स्कूल के तर्ज पर संचालित करने की तैयारी, लेकिन कोरोना के चलते सिरे नहीं चढ़ी योजना
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प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी केंद्र को प्री-प्राइमरी स्कूल के तर्ज पर संचालित करने की तैयारी में है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते 30 अक्तूबर तक आंगनबाड़ी केंद्र बंद होने के चलते फिलहाल यह योजना सिरे नहीं चढ़ रही। हालांकि नई शिक्षा नीति का मसौदा लागू होने के बाद इसके स्वरूप को बदलने की कवायद शुरू हो चुकी है। शिक्षा विभाग, डाइट एवं प्रथम एनजीओ की ओर से इसके लिए जिले की 36 सुपरवाइजर और 1046 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है। लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी के रूप में संचालित करने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में उत्साह है। बता दें कि जिलेभर में 1075 आंगनबाड़ी केंद्र चलाए जा रहे हैं। इनमें 1046 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व 1035 हेल्पर सेवाएं दे रही हैं और छह वर्ष तक आयु वर्ग के 67 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। मंगलवार को वार्ड 23 के शीला नगर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र नंबर 113, दर्रा खेड़ा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र नंबर-323 और धोबी मोहल्ला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र नंबर 37 की पड़ताल की। यहां कोरोना के चलते आंगनबाड़ी केंद्र बंद होने के चलते कोई बच्चा तो दिखाई नहीं दिया, लेकिन कहीं एक कमरे में तो कहीं दो कमरों में आंगनबाड़ी केंद्र चलाए जा रहे हैं। जहां आंगनबाड़ी केंद्र में एक-एक कमरे की व्यवस्था है, वहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और हेल्पर को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यहां उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्वतंत्र कुमारी, राजरानी और सुनीता ने बताया कि गर्भवती महिला और छह माह से छह साल तक आयु वर्ग के बच्चों को निरंतर खाद्य पदार्थ वितरित किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न तरह के कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं और बच्चों को जागरूक किया जा रहा है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी नीतू रानी ने विशेष बातचीत में बताया कि प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। कोरोना की वजह से आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं। संक्रमण का प्रकोप खत्म होते ही इसे संचालित करने की तिथि निर्धारित की जाएगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि थानेसर ग्रामीण क्षेत्र में 292, शहरी क्षेत्र में 75, बाबैन क्षेत्र में 98, लाडवा क्षेत्र में 158, शाहाबाद क्षेत्र में 232 और पिहोवा क्षेत्र में 220 आंगनबाड़ी केंद्र चलाए जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति के तहत सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्री-प्राइमरी स्कूल से सुसज्जित होंगे। प्री-प्राइमरी स्कूल में तीन से छह वर्ष के बच्चों को चित्र और कार्टून के अलावा खेल-खेल में पढ़ाया जाएगा।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी नीतू रानी ने विशेष बातचीत में बताया कि प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। कोरोना की वजह से आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं। संक्रमण का प्रकोप खत्म होते ही इसे संचालित करने की तिथि निर्धारित की जाएगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि थानेसर ग्रामीण क्षेत्र में 292, शहरी क्षेत्र में 75, बाबैन क्षेत्र में 98, लाडवा क्षेत्र में 158, शाहाबाद क्षेत्र में 232 और पिहोवा क्षेत्र में 220 आंगनबाड़ी केंद्र चलाए जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति के तहत सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्री-प्राइमरी स्कूल से सुसज्जित होंगे। प्री-प्राइमरी स्कूल में तीन से छह वर्ष के बच्चों को चित्र और कार्टून के अलावा खेल-खेल में पढ़ाया जाएगा।
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