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Kurukshetra News: मल्टी वेजिटेबल ट्रांसप्लांटर का पेटेंट हुआ ग्रांट, पौध को लगाने में समय और धन की होगी बचत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Feb 2025 01:13 AM IST
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Patent granted for Multi Vegetable Transplanter, time and money will be saved in planting saplings
कुरुक्षेत्र। कुवि के यूआईईटी संस्थान के विद्यार्थियों के मल्टी वेजिटेबल ट्रांसप्लांटर का पेटेंट ग्रांट हुआ है। इससे पौध को लगाने में समय, शक्ति एवं धन की बचत होगी। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय परिसर में खुशी की लहर है। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा और यूआईईटी संस्थान के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया।
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कुलपति प्रो. सचदेवा ने कहा कि शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा देना कुवि की प्राथमिकता है। इस पेटेंट के ग्रांट होने से कृषि क्षेत्र में सुगमता और समय के साथ धन की बचत होगी तथा कृषि क्षेत्र में किसानों के लिए यह नवीनतम तकनीक कारगर साबित होगी। नवाचार, उद्यमिता एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए यूआईईटी संस्थान में दो इंक्युबेशन सेंटर भी स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शोध, अनुसंधान तथा नवाचार के माध्यम से कृषि, व्यापार, विज्ञान एवं तकनीक सहित अन्य सामाजिक समस्याओं का समाधान करना चाहिए। कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल ने भी इस उपलब्धि पर बधाई दी।
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यूआईईटी संस्थान के प्रो. सुनील ढींगरा ने बताया कि मशीन के आकलन एवं निरीक्षण के लिए महाराष्ट्र पुणे के महात्मा फुले कृषि विश्वविद्यालय में भी प्रदर्शित किया गया। इसके दो डिजाइंस पहले से भारतीय पेटेंट ऑफिस में रजिस्टर्ड हैं। कुवि ऑनरेरी प्रो. रमेश कुमार मेहता ने पेटेंट से जुड़े हर पहलू को बड़ी सजगता से पेश किया। इस पेटेंट में मुख्य भूमिका निभाने वाले मैकेनिकल विभाग से डॉ. विशाल अहलावत ने बताया कि यह पेटेंट जून 2023 में अप्लाई किया गया था, जिसमें मैकेनिकल विभाग से डॉ. संजय काजल, डॉ. सुनील नैन, डॉ. अनुराधा, डॉ. उपेंद्र ढुल के साथ 19 विद्यार्थियों ने कार्य किया।
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एक बार में 350 पौध को किया जा सकता है रोपित : ढींगरा
निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने बताया कि कृषि क्षेत्र में पौध के रोपण का कार्य हाथों से किया जाता है, जिसमें अधिक मानव शक्ति व समय लगता है। जब किसान अपने खेत में बुआई करता है तो मशीन में पौधे से पौधे व लाइन से लाइन दूरी अपने अनुसार व्यवस्थित कर सकता है। इससे पौध लगाने में समय एवं शक्ति की बचत के साथ धन की भी बचत होती है। इसके लिए मशीन में एक ऐसा ट्रांसमिशन, जिनेवा व रोटर मैकेनिज्म है, जिससे पौध की जरूरत के हिसाब से दूरी को सेट किया जा सकता है। इसमें दो ट्रे हैं, जिससे एक बार में 350 पौधे को रोपित किया जा सकता है। यह मशीन बैंगन, टमाटर और मिर्च जैसी अनेक पौधों की रोपाई कर सकती है।
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