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Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र की तर्ज पर यूपी के विश्वविद्यालयों में सहेजेंगे विरासत
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कुरुक्षेत्र। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को कुरुक्षेत्र विवि में धरोहर संग्रहालय का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति का भी संरक्षण कर रहा है। किसी भी विवि द्वारा लोक संस्कृति का संरक्षण अपने आप में एक अनोखा प्रयास है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र की तर्ज पर यूपी के विश्वविद्यालयों में भी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की पहल की जाएगी।
धरोहर संग्रहालय पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन ने कहा कि इस ग्राम्य संस्कृति को देखकर पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। ग्रामीण संस्कृति को बचाने के लिए विवि की ओर से बेहतरीन प्रयास किया गया है। इसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में भी प्राचीन लोक संस्कृति के संरक्षण की योजना भी बनाई जाएगी।
उन्होंने कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा और कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा को धरोहर द्वारा हरियाणवी लोक संस्कृति के संरक्षण और नैक द्वारा केयू को ए-प्लस-प्लस ग्रेड दिए जाने पर बधाई दी। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने स्वागत किया जबकि डॉ. कुलदीप आर्य ने उन्हें हरियाणवी पगड़ी पहनाई। इस दौरान धरोहर क्यूरेटर प्रो. विवेक चावला, मुख्य सुरक्षा अधिकारी प्रो. अनिल गुप्ता व डॉ. कुलदीप आर्य मौजूद रहे।
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धर्मनगरी से पूरे विश्व को मिल रहा पवित्र ग्रंथ गीता का संदेश : आनंदीबेन पटेल
धर्मनगरी पहुंची यूपी की राज्यपाल ने तीर्थ स्थलों का किया भ्रमण
ब्रह्मसरोवर के सर्वेश्वर महादेव मंदिर में की पूजा, कहा- कुरुक्षेत्र और गुजरात का पुराना नाता
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से पवित्र ग्रंथ गीता का संदेश पूरे विश्व को मिल रहा है। इसमें शिक्षा, संस्कृति का ज्ञान और शांति का मार्ग निहित है। प्रत्येक मानव को गीता के उपदेशों को जीवन में धारण करना चाहिए। वे शुक्रवार को धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के भ्रमण पर पहुंची थी।
उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र और गुजरात का पुराना नाता है। गीता स्थली कुरुक्षेत्र से हजारों वर्ष पूर्व बहने वाली प्राचीन सरस्वती नदी गुजरात के कच्छ तक पहुंचती थी। इस प्राचीन सरस्वती नदी के किनारे ही सभ्यता, संस्कृति और शिक्षा तथा वेदों की रचना हुई और पूरे विश्व को ज्ञान की प्राप्ति हुई।
उन्होंने पवित्र ब्रह्मसरोवर का अवलोकन किया तो कुवि स्थित हरियाणा धरोहर भी पहुंची। उन्होंने गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्राकृतिक खेती फार्म का भी अवलोकन किया, जहां पर डाॅ. हरिओम ने आचार्य देवव्रत के मार्गदर्शन में चल रहे प्राकृतिक कृषि मिशन के विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने कमलम फल की खेती में विशेष रूचि दिखाई।
राज्यपाल ने ब्रह्मसरोवर पर सर्वेश्वर महादेव मंदिर में मंत्रोच्चारण के बीच पूजा अर्चना की और इसके उपरांत केडीबी के विशेष वाहन से पूरे ब्रह्मसरोवर की परिक्रमा की तथा भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के विराट रथ का भी अवलोकन किया। यहां पर उन्हें केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, केडीबी सदस्य अशोक रोशा, डाॅ. एमके मोदगिल, कैप्टन अमरजीत सिंह ने काफी टेबल बुक भेंट की है, जिसकी उन्होंने खूब सराहना की।
राज्यपाल देवव्रत की लिखी पुस्तक की भेंट
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का गुरुकुल पहुंचने पर ओएसडी टू गर्वनर गुजरात डाॅ. राजेंद्र विद्यालंकार सहित आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के प्रधान राधाकृष्ण आर्य, गुरुकुल के प्रधान राजकुमार गर्ग, निदेशक ब्रिगेडियर डाॅ. प्रवीण कुमार, प्राचार्य सूबे प्रताप, व्यवस्थापक रामनिवास आर्य एवं मुख्य संरक्षक संजीव आर्य ने स्वागत किया। उन्हें गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा लिखित प्राकृतिक खेती पुस्तक भी भेंट की।
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धरोहर संग्रहालय पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन ने कहा कि इस ग्राम्य संस्कृति को देखकर पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। ग्रामीण संस्कृति को बचाने के लिए विवि की ओर से बेहतरीन प्रयास किया गया है। इसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में भी प्राचीन लोक संस्कृति के संरक्षण की योजना भी बनाई जाएगी।
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उन्होंने कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा और कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा को धरोहर द्वारा हरियाणवी लोक संस्कृति के संरक्षण और नैक द्वारा केयू को ए-प्लस-प्लस ग्रेड दिए जाने पर बधाई दी। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने स्वागत किया जबकि डॉ. कुलदीप आर्य ने उन्हें हरियाणवी पगड़ी पहनाई। इस दौरान धरोहर क्यूरेटर प्रो. विवेक चावला, मुख्य सुरक्षा अधिकारी प्रो. अनिल गुप्ता व डॉ. कुलदीप आर्य मौजूद रहे।
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धर्मनगरी से पूरे विश्व को मिल रहा पवित्र ग्रंथ गीता का संदेश : आनंदीबेन पटेल
धर्मनगरी पहुंची यूपी की राज्यपाल ने तीर्थ स्थलों का किया भ्रमण
ब्रह्मसरोवर के सर्वेश्वर महादेव मंदिर में की पूजा, कहा- कुरुक्षेत्र और गुजरात का पुराना नाता
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से पवित्र ग्रंथ गीता का संदेश पूरे विश्व को मिल रहा है। इसमें शिक्षा, संस्कृति का ज्ञान और शांति का मार्ग निहित है। प्रत्येक मानव को गीता के उपदेशों को जीवन में धारण करना चाहिए। वे शुक्रवार को धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के भ्रमण पर पहुंची थी।
उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र और गुजरात का पुराना नाता है। गीता स्थली कुरुक्षेत्र से हजारों वर्ष पूर्व बहने वाली प्राचीन सरस्वती नदी गुजरात के कच्छ तक पहुंचती थी। इस प्राचीन सरस्वती नदी के किनारे ही सभ्यता, संस्कृति और शिक्षा तथा वेदों की रचना हुई और पूरे विश्व को ज्ञान की प्राप्ति हुई।
उन्होंने पवित्र ब्रह्मसरोवर का अवलोकन किया तो कुवि स्थित हरियाणा धरोहर भी पहुंची। उन्होंने गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्राकृतिक खेती फार्म का भी अवलोकन किया, जहां पर डाॅ. हरिओम ने आचार्य देवव्रत के मार्गदर्शन में चल रहे प्राकृतिक कृषि मिशन के विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने कमलम फल की खेती में विशेष रूचि दिखाई।
राज्यपाल ने ब्रह्मसरोवर पर सर्वेश्वर महादेव मंदिर में मंत्रोच्चारण के बीच पूजा अर्चना की और इसके उपरांत केडीबी के विशेष वाहन से पूरे ब्रह्मसरोवर की परिक्रमा की तथा भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के विराट रथ का भी अवलोकन किया। यहां पर उन्हें केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, केडीबी सदस्य अशोक रोशा, डाॅ. एमके मोदगिल, कैप्टन अमरजीत सिंह ने काफी टेबल बुक भेंट की है, जिसकी उन्होंने खूब सराहना की।
राज्यपाल देवव्रत की लिखी पुस्तक की भेंट
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का गुरुकुल पहुंचने पर ओएसडी टू गर्वनर गुजरात डाॅ. राजेंद्र विद्यालंकार सहित आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के प्रधान राधाकृष्ण आर्य, गुरुकुल के प्रधान राजकुमार गर्ग, निदेशक ब्रिगेडियर डाॅ. प्रवीण कुमार, प्राचार्य सूबे प्रताप, व्यवस्थापक रामनिवास आर्य एवं मुख्य संरक्षक संजीव आर्य ने स्वागत किया। उन्हें गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा लिखित प्राकृतिक खेती पुस्तक भी भेंट की।