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Kurukshetra News: अब कुवि में शिक्षण पदों को चयनित करने वाली समितियों का बनेगा नया पैनल
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का बाहरी दृश्य। संवाद
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कार्यकारिणी परिषद की बैठक शुक्रवार को हुई। इस बैठक में कार्यकारिणी परिषद ने 25 महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई और पहले हुई दो बैठकों के निर्णयों पर की गई कार्रवाई को लेकर मंथन किया गया। कुवि के कमेटी रूम में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने की।
कार्यकारिणी परिषद की इस बैठक में फार्मास्युटिकल साइंसेज संस्थान के सहायक प्रोफेसर डॉ. मनीष देवगन, डॉ. राकेश नारंग, अंजू गोयल, डॉ. ललिता और ललित कला विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार सिंह की सेवाओं की निरंतरता और स्व-वित्तपोषण योजना की सेवाओं की पुष्टि की गई।
बैठक में आईआईएचएस, वाणिज्य के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रविंदर सिंह की प्रतिनियुक्ति अवधि को एक और वर्ष के लिए बढ़ाया गया। साथ ही कई नई छात्रवृत्तियां शुरू करने के लिए समिति ने सिफारिश की गई। वहीं डॉ. गौरव मेहला को कुछ अवधि के लिए अंशकालिक आधार पर डेंटल सर्जन के रूप में नियुक्त करने की अनुशंसा की गई। दर्शनशास्त्र विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. आरके देसवाल को श्रीमद्भगवद् गीता अध्ययन केंद्र के प्रभारी के रूप में फिर से नियुक्त करने की मंजूरी भी प्रदान की गई।
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इसके अलावा बैठक में दो साल की अवधि के लिए शिक्षण पदों के लिए विभिन्न चयन समितियों के गठन के लिए विशेषज्ञों का नया पैनल बनाने की अनुशंसा की गई। बैठक में राज्य सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार उपलब्ध रिक्त पदों के रोस्टर बिंदुओं की पहचान करने की सिफारिश की गई। इस मौके पर कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा सहित विश्वविद्यालय कार्यकारिणी परिषद के सदस्य मौजूद रहे।
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कार्यकारिणी परिषद की इस बैठक में फार्मास्युटिकल साइंसेज संस्थान के सहायक प्रोफेसर डॉ. मनीष देवगन, डॉ. राकेश नारंग, अंजू गोयल, डॉ. ललिता और ललित कला विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार सिंह की सेवाओं की निरंतरता और स्व-वित्तपोषण योजना की सेवाओं की पुष्टि की गई।
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बैठक में आईआईएचएस, वाणिज्य के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रविंदर सिंह की प्रतिनियुक्ति अवधि को एक और वर्ष के लिए बढ़ाया गया। साथ ही कई नई छात्रवृत्तियां शुरू करने के लिए समिति ने सिफारिश की गई। वहीं डॉ. गौरव मेहला को कुछ अवधि के लिए अंशकालिक आधार पर डेंटल सर्जन के रूप में नियुक्त करने की अनुशंसा की गई। दर्शनशास्त्र विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. आरके देसवाल को श्रीमद्भगवद् गीता अध्ययन केंद्र के प्रभारी के रूप में फिर से नियुक्त करने की मंजूरी भी प्रदान की गई।
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इसके अलावा बैठक में दो साल की अवधि के लिए शिक्षण पदों के लिए विभिन्न चयन समितियों के गठन के लिए विशेषज्ञों का नया पैनल बनाने की अनुशंसा की गई। बैठक में राज्य सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार उपलब्ध रिक्त पदों के रोस्टर बिंदुओं की पहचान करने की सिफारिश की गई। इस मौके पर कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा सहित विश्वविद्यालय कार्यकारिणी परिषद के सदस्य मौजूद रहे।