{"_id":"6cf6850301718f7066c072b870d3ead7","slug":"not-compatible-sgpc-intruders-broke-the-barricade-jinda-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संगत ने नहीं, एसजीपीसी घुसपैठियों ने तोड़े बैरिकेड : झींडा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संगत ने नहीं, एसजीपीसी घुसपैठियों ने तोड़े बैरिकेड : झींडा
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Fri, 08 Aug 2014 12:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमृतसर स्थित एसजीपीसी के नियंत्रण से अलग हरियाणा के गुरुद्वारों के लिए अलग कमेटी का गठन कर उसे सरकार की मान्यता दिला चुके जगदीश सिंह झींडा ने बुधवार को कुरुक्षेत्र में गुरुद्वारे पर कब्जे के दौरान हुई घटनाओं के बारे में कहा है कि संगत में आए कुछ घुसपैठियों ने अराजकता फैलाने की कोशिश और पुलिस के बैरिकेड गिरा दिए।
‘अमर उजाला’ से बातचीत में झींडा ने कहा कि वे हरियाणा के एक प्रमुख गुरुद्वारे सहित कुल चार गुरुद्वारों का प्रबंध अपने हाथ में ले चुके हैं। चाहे जो भी हो हरियाणा में उनके संगठन को कानूनन मान्यता मिल चुकी है।
वे कानून के दायरे में जो हक एचएसजीएमसी का बनता है, वह अधिकार वे लेकर रहेंगे। प्रस्तुत हैं, उनसे बातचीत के प्रमुख अंश-
प्र. पुलिस-प्रशासन की ढील के बावजूद मोर्चे पर बैठी संगत ने बैरिकेड क्यों तोड़े?
उ- संगत में आए कुछ घुसपैठियों ने बैरिकेड तोड़े।
प्र. मीडिया ने बैरिकेड पर चढ़े जिन लोगों को दिखाया, वह घुसपैठिए हैं या समर्थक?
उ- अभी देखा नहीं कौन लोग हैं।
प्र. हरियाणा से सिख बुलाने का दावा किया था। हजार से कम लोग पहुंचे?
उ- तीन हजार से ज्यादा संगत हरियाणा से मौके पर पहुंची।
प्र. शांति पूर्वक मोर्चा लगाने के बाद उपद्रव क्यों मचा?
उ- उपद्रव हमारे समर्थकों ने नहीं, बल्कि भीड़ का फायदा उठाकर पहुंचे एसजीपीसी के घुसपैठियों ने मचाया।
प्र. मोर्चा स्थल खाली हो गया है। एचएसजीएमसी की आगामी रणनीति क्या रहेगी?
उ- अब जो भी होगा वह गुप्त रणनीति के तहत होगा। झींडा और एचएसजीएमसी की रणनीति क्या होगी। यह भविष्य बताएगा। लेकिन अभी तक एचएसजीएमसी का टारगेट छठी पातशाही विफल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
‘अमर उजाला’ से बातचीत में झींडा ने कहा कि वे हरियाणा के एक प्रमुख गुरुद्वारे सहित कुल चार गुरुद्वारों का प्रबंध अपने हाथ में ले चुके हैं। चाहे जो भी हो हरियाणा में उनके संगठन को कानूनन मान्यता मिल चुकी है।
विज्ञापन
वे कानून के दायरे में जो हक एचएसजीएमसी का बनता है, वह अधिकार वे लेकर रहेंगे। प्रस्तुत हैं, उनसे बातचीत के प्रमुख अंश-
प्र. पुलिस-प्रशासन की ढील के बावजूद मोर्चे पर बैठी संगत ने बैरिकेड क्यों तोड़े?
उ- संगत में आए कुछ घुसपैठियों ने बैरिकेड तोड़े।
प्र. मीडिया ने बैरिकेड पर चढ़े जिन लोगों को दिखाया, वह घुसपैठिए हैं या समर्थक?
उ- अभी देखा नहीं कौन लोग हैं।
प्र. हरियाणा से सिख बुलाने का दावा किया था। हजार से कम लोग पहुंचे?
उ- तीन हजार से ज्यादा संगत हरियाणा से मौके पर पहुंची।
प्र. शांति पूर्वक मोर्चा लगाने के बाद उपद्रव क्यों मचा?
उ- उपद्रव हमारे समर्थकों ने नहीं, बल्कि भीड़ का फायदा उठाकर पहुंचे एसजीपीसी के घुसपैठियों ने मचाया।
प्र. मोर्चा स्थल खाली हो गया है। एचएसजीएमसी की आगामी रणनीति क्या रहेगी?
उ- अब जो भी होगा वह गुप्त रणनीति के तहत होगा। झींडा और एचएसजीएमसी की रणनीति क्या होगी। यह भविष्य बताएगा। लेकिन अभी तक एचएसजीएमसी का टारगेट छठी पातशाही विफल रहा है।
विज्ञापन