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Kurukshetra News: दूसरा ग्रेनेड ले जाने के आरोपी का सुराग नहीं
Mon, 18 May 2026 03:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 18 May 2026 03:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। लाडवा-शाहाबाद रोड पर मोटर यार्ड से बरामद हुए हैंड ग्रेनेड मामले में सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ती जा रही है। एक ग्रेनेड बरामद होने के बाद दूसरा ग्रेनेड अब तक नहीं मिल सका है, जिससे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट जारी है। एसटीएफ ने शनिवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इसके साथ ही इस मामले में कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बरामद ग्रेनेड पर मेड इन चाइना अंकित होने से पूरे मामले को अंतरराष्ट्रीय आयाम मिल गया है।
जांच एजेंसियों को अब सबसे बड़ी चुनौती दूसरे ग्रेनेड की तलाश के साथ-साथ हथियारों की सप्लाई चेन को पूरी तरह उजागर करने की है। इस संबंध में पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे विदेश में बैठे अपने आकाओं के निर्देश पर काम कर रहे थे।
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इस खुलासे के बाद एजेंसियां विदेशी कनेक्शन, हथियार सप्लाई नेटवर्क और तस्करी के रूट को बड़े पैमाने पर खंगाल रही हैं। साथ ही पुलिस पंजाब-हरियाणा सीमा के रास्ते, ग्रामीण रोडों पर व लुधियाना-अंबाला हाइवे के साथ रेलवे स्टेशनों आदि सभी जगहों पर संदिग्धों पर नजर रखे हुए हैं।
इन सभी रूटों को संदिग्ध माना जा रहा है, क्योंकि इन इलाकों से पहले भी अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं।
एजेंसियों ने यह भी पता लगाया है कि आरोपियों ने ईंट भट्ठे के पास झाड़ियों को अस्थायी हथियार छिपाने की जगह बनाया था। ग्रेनेड को कई बार इधर-उधर शिफ्ट किया गया था। इस मामले में अब सवाल यह उठ रहे हैं कि ये ग्रेनेड सबसे पहले कहां से आए और किस नेटवर्क के जरिए भारत पहुंचे और स्थानीय स्तर पर कैसे पहुंचाए गए।
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कुरुक्षेत्र। लाडवा-शाहाबाद रोड पर मोटर यार्ड से बरामद हुए हैंड ग्रेनेड मामले में सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ती जा रही है। एक ग्रेनेड बरामद होने के बाद दूसरा ग्रेनेड अब तक नहीं मिल सका है, जिससे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट जारी है। एसटीएफ ने शनिवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इसके साथ ही इस मामले में कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बरामद ग्रेनेड पर मेड इन चाइना अंकित होने से पूरे मामले को अंतरराष्ट्रीय आयाम मिल गया है।
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जांच एजेंसियों को अब सबसे बड़ी चुनौती दूसरे ग्रेनेड की तलाश के साथ-साथ हथियारों की सप्लाई चेन को पूरी तरह उजागर करने की है। इस संबंध में पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे विदेश में बैठे अपने आकाओं के निर्देश पर काम कर रहे थे।
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इस खुलासे के बाद एजेंसियां विदेशी कनेक्शन, हथियार सप्लाई नेटवर्क और तस्करी के रूट को बड़े पैमाने पर खंगाल रही हैं। साथ ही पुलिस पंजाब-हरियाणा सीमा के रास्ते, ग्रामीण रोडों पर व लुधियाना-अंबाला हाइवे के साथ रेलवे स्टेशनों आदि सभी जगहों पर संदिग्धों पर नजर रखे हुए हैं।
इन सभी रूटों को संदिग्ध माना जा रहा है, क्योंकि इन इलाकों से पहले भी अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं।
एजेंसियों ने यह भी पता लगाया है कि आरोपियों ने ईंट भट्ठे के पास झाड़ियों को अस्थायी हथियार छिपाने की जगह बनाया था। ग्रेनेड को कई बार इधर-उधर शिफ्ट किया गया था। इस मामले में अब सवाल यह उठ रहे हैं कि ये ग्रेनेड सबसे पहले कहां से आए और किस नेटवर्क के जरिए भारत पहुंचे और स्थानीय स्तर पर कैसे पहुंचाए गए।