{"_id":"621937eac5c7875992126b52","slug":"mla-doesn-t-understand-where-is-my-name-plate-kurukshetra-kurukshetra-news-knl100159512","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमएलए नहीं समझते क्या, मेरी नेम प्लेट कहां है...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमएलए नहीं समझते क्या, मेरी नेम प्लेट कहां है...
विज्ञापन
पंचायत भवन के सभागार में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक लोगो की शिकायत सुनतीं महिल
- फोटो : Kurukshetra
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में शुक्रवार को टेबल पर अपनी नेम प्लेट न देखकर लाडवा से कांग्रेस के विधायक मेवा सिंह नाराज हो गए। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों से कहा कि लाडवा वाले को एमएलए नहीं समझते हो क्या..? मेरी नेम प्लेट कहां है। विधायक के कहने पर अधिकारी फटाफट उनके नाम की प्लेट ढूंढकर लाए।
पंचायत भवन के सभागार में शुक्रवार को जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित हुई। 11 बजे शुरू होने वाली बैठक में फरियादी सुबह साढ़े नौ बजे ही पहुंच गए। पिछली बैठक की तरह इस बार भी समिति की चेयरपर्सन एवं महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री कमलेश ढांडा पूरे 55 मिनट लेट पहुंचीं और मात्र 41 मिनट में ही बैठक खत्म कर दी। बैठक में कुल 13 शिकायतें थी, जिनमें से 10 का तो समाधान कर दिया गया, वहीं तीन शिकायतों को लंबित रखा गया।
बैठक में सबसे पहले 11 बजकर 44 मिनट पर लाडवा के कांग्रेस पार्टी से विधायक मेवा सिंह सभागार में पहुंचे, लेकिन टेबल पर अपने नाम की प्लेट न होने पर वे नाराज हो गए। पहले तो उन्होंने कुर्सी के आगे रखी एमएलए शाहाबाद की नेम प्लेट को साइड किया और बोले लाडवा वाले को एमएलए नहीं समझते हो क्या..? उनके नाम की नेम प्लेट लगाना उचित नहीं समझा। उनकी नेम प्लेट कहां है। विधायक के कहने पर अधिकारी फटाफट भागे और उनके नाम की प्लेट ढूंढकर लाए, जिसे उनकी कुर्सी के आगे रख दिया।
विज्ञापन
इसके बाद बाकी के नेता औरअधिकारी भी आ गए। बैठक का संचालन एआईपीआरओ बलराम शर्मा ने किया। इस मौके पर थानेसर विधायक सुभाष सुधा, हरियाणा विमुक्त घुमंतू जनजाति के उपाध्यक्ष जयसिंह पाल, जजपा के जिलाध्यक्ष कुलदीप जखवाला के अलावा जिला प्रशासन की तरफ से उपायुक्त मुकुल कुमार, एसपी डॉ. अंशु सिंगला, एडीसी अखिल पिलानी सहित संबंधित अधिकारी व जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
नगर परिषद पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
बैठक में पहली शिकायत रामचंद्र कॉलोनी वासी ईश्वर चंद की थी। उन्होंने नगर परिषद थानेसर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि नगर परिषद के हाउस टैक्स रिकॉर्ड में गलत इंद्राज हुए हैं। बताया कि दो प्रॉपर्टी पर तत्कालीन उपप्रधान ने कब्जा करने के लिए फर्जी रिकॉर्ड तैयार कर कोर्ट में पेश किया था। यह रिकॉर्ड 1949 का दिखाया गया, जबकि नगर परिषद 1967 में बनी थी। 2019 में उन्होंने पूर्व उपप्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इस फर्जीवाड़े में एसआईटी भी गठित की गई थी, लेकिन कमेटी द्वारा कोई जांच नहीं की जा रही। आरोपियों के नाम मामला दर्ज हो चुका है, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा रहा। इस पर एसडीएम थानेसर एवं प्रशासक नगर परिषद नरेंद्र पाल ने कहा कि इस शिकायत से संबंधित एसआईटी का गठन किया गया है, जांच की जा रही है। इस शिकायत को पेंडिंग रखने के निर्देश दिए गए।
अवैध निर्माण के खिलाफ शिकायत
बैठक में दूसरी शिकायत सेक्टर-पांच के रहने वाले कृष्ण लाल की थी। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने अवैध निर्माण करके मकान के आगे दीवार बना ली है, इस पर एचएसवीपी के ईओ ने कहा कि संबंधित व्यक्ति को नोटिस देकर कार्रवाई कर दी गई है। इस शिकायत को फाइनल कर दिया गया है। तीसरी शिकायत भी सेक्टर-पांच के रहने वाले ताराचंद की थी। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने गैर कानूनी तरीके से बाथरूम का अवैध निर्माण प्लाटों में किया हुआ है। इस पर भी ईओ ने कहा कि संबंधित को नोटिस दिया गया है।तय समय में निर्माण नहीं हटाया तो कार्रवाई की जाएगी।
बुजुर्ग बोलीं : ऐ बेटी पेंशन दिला दे बस
लाडवा निवासी बुजुर्ग लीला देवी मंच के सामने आईं और राज्यमंत्री के समक्ष हाथ जोड़कर बोलीं ऐ बेटी मेरी पेंशन दिला दे बस। बताया कि उन्हें अक्तूबर 2015 से जनवरी 2016 तक की पेंशन नहीं मिली है। इस पर राज्यमंत्री ने हरिणावी अंदाज में कहा कि कोई ना बेबे चिंता ना कर पेंशन पक्का मिलजेगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि संबंधित पेंशन गलत खाते में चली गई थी, जो कि अगले सप्ताह प्रार्थी के खाते में आ जाएगी।
मुआवजे के लिए पांच साल से भटक रहा प्रार्थी
थानेसर वासी अमर बहादुर सिंह कंग ने शिकायत में बताया कि उसने 2017-18 में खरीफ व रबी की फसल खराब होने पर फार्म भरे। इस फसल का आज तक उसे मुआवजा नहीं मिला है। फसल का बीमा पंजाब नेशनल बैंक पिपली रोड रतगल में था। कई बार चक्कर लगाने के बावजूद भी मुआवजा नहीं मिला। इस पर एलडीएम ने बताया कि संबंधित शिकायत राज्य स्तरीय शिकायत निवारण समिति के पास जांच के लिए गई हुई है।
एबीपीओ की सेवाएं की समाप्त
पिहोवा वासी सोनू की ने शिकायत में बताया कि मनरेगा के तहत जॉब कार्ड में गबन चल रहा है। कुछ लोगों ने आवासीय कॉलोनी पास करवाकर दुकानें बनवा दी हैं। इस पर बीडीपीओ पिहोवा ने बताया कि मनरेगा में जॉब कार्ड से संबंधित एबीपीओ की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है। दूसरे मामले में कानूनी नोटिस देने के बाद जल्द ही रिकवरी की जाएगी।
राज्यमंत्री ने सीवरेज लाइन बदलने के दिए निर्देश
बैठक में शिकायतकर्ता श्याम लाल ने बताया कि कैलाश नगर में पाइप के साथ सीवरेज सिस्टम बिछाया गया है, जिसके कारण बरसात का पानी घरों में आ जाता है, इस पर राज्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीवरेज लाइन तुरंत बदली जाए तथा जरूरत है तो बड़ी सीवरेज लाइन भी बिछाई जाए, जिससे पानी घरों में न आए। इस शिकायत को फाइल करने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में शुक्रवार को टेबल पर अपनी नेम प्लेट न देखकर लाडवा से कांग्रेस के विधायक मेवा सिंह नाराज हो गए। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों से कहा कि लाडवा वाले को एमएलए नहीं समझते हो क्या..? मेरी नेम प्लेट कहां है। विधायक के कहने पर अधिकारी फटाफट उनके नाम की प्लेट ढूंढकर लाए।
पंचायत भवन के सभागार में शुक्रवार को जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित हुई। 11 बजे शुरू होने वाली बैठक में फरियादी सुबह साढ़े नौ बजे ही पहुंच गए। पिछली बैठक की तरह इस बार भी समिति की चेयरपर्सन एवं महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री कमलेश ढांडा पूरे 55 मिनट लेट पहुंचीं और मात्र 41 मिनट में ही बैठक खत्म कर दी। बैठक में कुल 13 शिकायतें थी, जिनमें से 10 का तो समाधान कर दिया गया, वहीं तीन शिकायतों को लंबित रखा गया।
विज्ञापन
बैठक में सबसे पहले 11 बजकर 44 मिनट पर लाडवा के कांग्रेस पार्टी से विधायक मेवा सिंह सभागार में पहुंचे, लेकिन टेबल पर अपने नाम की प्लेट न होने पर वे नाराज हो गए। पहले तो उन्होंने कुर्सी के आगे रखी एमएलए शाहाबाद की नेम प्लेट को साइड किया और बोले लाडवा वाले को एमएलए नहीं समझते हो क्या..? उनके नाम की नेम प्लेट लगाना उचित नहीं समझा। उनकी नेम प्लेट कहां है। विधायक के कहने पर अधिकारी फटाफट भागे और उनके नाम की प्लेट ढूंढकर लाए, जिसे उनकी कुर्सी के आगे रख दिया।
विज्ञापन
इसके बाद बाकी के नेता औरअधिकारी भी आ गए। बैठक का संचालन एआईपीआरओ बलराम शर्मा ने किया। इस मौके पर थानेसर विधायक सुभाष सुधा, हरियाणा विमुक्त घुमंतू जनजाति के उपाध्यक्ष जयसिंह पाल, जजपा के जिलाध्यक्ष कुलदीप जखवाला के अलावा जिला प्रशासन की तरफ से उपायुक्त मुकुल कुमार, एसपी डॉ. अंशु सिंगला, एडीसी अखिल पिलानी सहित संबंधित अधिकारी व जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
नगर परिषद पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
बैठक में पहली शिकायत रामचंद्र कॉलोनी वासी ईश्वर चंद की थी। उन्होंने नगर परिषद थानेसर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि नगर परिषद के हाउस टैक्स रिकॉर्ड में गलत इंद्राज हुए हैं। बताया कि दो प्रॉपर्टी पर तत्कालीन उपप्रधान ने कब्जा करने के लिए फर्जी रिकॉर्ड तैयार कर कोर्ट में पेश किया था। यह रिकॉर्ड 1949 का दिखाया गया, जबकि नगर परिषद 1967 में बनी थी। 2019 में उन्होंने पूर्व उपप्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इस फर्जीवाड़े में एसआईटी भी गठित की गई थी, लेकिन कमेटी द्वारा कोई जांच नहीं की जा रही। आरोपियों के नाम मामला दर्ज हो चुका है, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा रहा। इस पर एसडीएम थानेसर एवं प्रशासक नगर परिषद नरेंद्र पाल ने कहा कि इस शिकायत से संबंधित एसआईटी का गठन किया गया है, जांच की जा रही है। इस शिकायत को पेंडिंग रखने के निर्देश दिए गए।
अवैध निर्माण के खिलाफ शिकायत
बैठक में दूसरी शिकायत सेक्टर-पांच के रहने वाले कृष्ण लाल की थी। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने अवैध निर्माण करके मकान के आगे दीवार बना ली है, इस पर एचएसवीपी के ईओ ने कहा कि संबंधित व्यक्ति को नोटिस देकर कार्रवाई कर दी गई है। इस शिकायत को फाइनल कर दिया गया है। तीसरी शिकायत भी सेक्टर-पांच के रहने वाले ताराचंद की थी। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने गैर कानूनी तरीके से बाथरूम का अवैध निर्माण प्लाटों में किया हुआ है। इस पर भी ईओ ने कहा कि संबंधित को नोटिस दिया गया है।तय समय में निर्माण नहीं हटाया तो कार्रवाई की जाएगी।
बुजुर्ग बोलीं : ऐ बेटी पेंशन दिला दे बस
लाडवा निवासी बुजुर्ग लीला देवी मंच के सामने आईं और राज्यमंत्री के समक्ष हाथ जोड़कर बोलीं ऐ बेटी मेरी पेंशन दिला दे बस। बताया कि उन्हें अक्तूबर 2015 से जनवरी 2016 तक की पेंशन नहीं मिली है। इस पर राज्यमंत्री ने हरिणावी अंदाज में कहा कि कोई ना बेबे चिंता ना कर पेंशन पक्का मिलजेगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि संबंधित पेंशन गलत खाते में चली गई थी, जो कि अगले सप्ताह प्रार्थी के खाते में आ जाएगी।
मुआवजे के लिए पांच साल से भटक रहा प्रार्थी
थानेसर वासी अमर बहादुर सिंह कंग ने शिकायत में बताया कि उसने 2017-18 में खरीफ व रबी की फसल खराब होने पर फार्म भरे। इस फसल का आज तक उसे मुआवजा नहीं मिला है। फसल का बीमा पंजाब नेशनल बैंक पिपली रोड रतगल में था। कई बार चक्कर लगाने के बावजूद भी मुआवजा नहीं मिला। इस पर एलडीएम ने बताया कि संबंधित शिकायत राज्य स्तरीय शिकायत निवारण समिति के पास जांच के लिए गई हुई है।
एबीपीओ की सेवाएं की समाप्त
पिहोवा वासी सोनू की ने शिकायत में बताया कि मनरेगा के तहत जॉब कार्ड में गबन चल रहा है। कुछ लोगों ने आवासीय कॉलोनी पास करवाकर दुकानें बनवा दी हैं। इस पर बीडीपीओ पिहोवा ने बताया कि मनरेगा में जॉब कार्ड से संबंधित एबीपीओ की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है। दूसरे मामले में कानूनी नोटिस देने के बाद जल्द ही रिकवरी की जाएगी।
राज्यमंत्री ने सीवरेज लाइन बदलने के दिए निर्देश
बैठक में शिकायतकर्ता श्याम लाल ने बताया कि कैलाश नगर में पाइप के साथ सीवरेज सिस्टम बिछाया गया है, जिसके कारण बरसात का पानी घरों में आ जाता है, इस पर राज्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीवरेज लाइन तुरंत बदली जाए तथा जरूरत है तो बड़ी सीवरेज लाइन भी बिछाई जाए, जिससे पानी घरों में न आए। इस शिकायत को फाइल करने के निर्देश दिए गए।