राजनीति का अखाड़ा बना दशानन का दहन
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शहर के थीम पार्क में आयोजित दशहरे पर दशानन दहन राजनीति का अखाड़ा बन कर रह गया। कार्यक्रम के शुरू से लेकर अंत तक श्रद्धा पर राजनीति हावी रही। पूर्व मंत्री और स्थानीय विधायक के समर्थकों में मंच कब्जाने की होड़ रही। दोनों गुटों के बीच खींचतान की वजह से रावण के पुतले का विधिवत दहन तक नहीं हुआ। दोनों गुटों के बीच खींचतान के बीच किसी शरारती तत्व ने ही रावण के पुतले में आग लगा दी। इस पर पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने मांग कर दी कि रावण के पुतले में आग लगाने वाले की जांच होनी चाहिए।
रावण दहन कार्यक्रम में वीरवार को स्थानीय विधायक सुभाष सुधा समर्थक राजनीति चमकाने में जुटे रहे, तो पूर्व विधायक एवं इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा के समर्थक भी अपने को साबित करते रहे। इससे पूर्व श्रीराम की शोभायात्रा में भी जमकर राजनीति हुई। दरअसल, कुरुक्षेत्र दशहरा उत्सव कमेटी के संरक्षक अशोक अरोड़ा हैं। इस बार समारोह के मुख्य अतिथि थानेसर विधायक सुभाष सुधा रहे। बताया जाता है कि दशहरा कमेटी में शामिल सुधा समर्थक गुट अशोक अरोड़ा को दरकिनार कर रहा था। इससे तनाव हुआ।
वीरवार को दोपहर में पुराना बस स्टैंड से रामलीला कमेटी में शोभायात्रा की तैयारी की गई तो अरोड़ा गुट ने विरोध शुरू कर दिया। इस वजह से करीब एक-डेढ़ घंटे तक हंगामा हुआ। शोभायात्रा में भी देरी हुई। बताया जा रहा है कि बहुत मनाने के बाद ही अशोक अरोड़ा कार्यक्रम में शामिल हुए।
मंच पर कब्जे को लेकर रही होड़
दोनों गुटों में खींचतान का दौर थीम पार्क में मंच पर भी दिखा। अरोड़ा जैसे ही मंच पर पहुंचे, उनके समर्थकों ने मंच पर कब्जा जमा लिया। इससे सुधा समर्थक मायूस हो गए। कुछ देर बाद सुभाष सुधा और अशोक अरोड़ा आतिशबाजी करने मंच से नीचे आए, तो सुधा समर्थकों ने मंच पर कब्जा कर लिया। वे अंत तक डटे रहे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान किसी ने रावण के पुतले में आग लगा दी। इसके बाद कुंभकरण और मेघनाद के पुतले को जलाया गया।