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Kurukshetra News: लाडवा के एकमात्र खेल स्टेडियम में सुविधाओं का अभाव
Sun, 30 Nov 2025 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 30 Nov 2025 01:37 AM IST
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लाडवा। स्टेडियम में खड़ी ऊंची झाड़ियां। संवाद
संजीव शर्मा
लाडवा। खेलो को बढ़ावा देने के लिए सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर स्टेडियम का निर्माण करवा रही है, ताकि खिलाड़ी अच्छे से अभ्यास कर अपना भविष्य उज्जवल करने के साथ-साथ देश का नाम भी रोशन कर सकें, लेकिन सुविधाओं और उपकरणों के अभाव में खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते।
करीब नौ साल पहले केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने गांव धनौरा में खेल स्टेडियम की नींव रखी थी। इसके निर्माण पर आठ करोड़ रुपए से अधिक खर्च भी हुए, लेकिन अभी तक स्टेडियम में वेट लिफ्टिंग के अलावा न तो किरी कोच की सुविधा है और न ही अन्य खेलों के उपकरण हैं। इतना ही नही ऊंची ऊंची झाड़ियों में जहरीले कीटों ने अपना आशियाना बना लिया है। इसके बावजूद पिछले कई महीनों से वेटलिफ्टिंग की खेल नर्सरी चल रही है, जिसमें करीब तीन दर्जन से ज्यादा राज्य स्तरीय खिलाड़ी अभ्यास कर रहें हैं।
वेटलिफ्टिंग की नर्सरी होने के बावजूद पुराने व टूटे हुए सामान से खिलाड़ियों को अभ्यास करना पड़ रहा है। स्टेडियम में अभ्यास कर रहे खिलाड़ी मंजू, नैना, सिमरन, जन्नत, साहिल, निखिल, अभिषेक आदि ने बताया कि खेल नर्सरी में वेटलिफ्टिंग के उपकरण टूटे हुए हैं, जिस कारण अभ्यास के दौरान वजन अनबैलेंस हो जाते हैं। कई बार तो अभ्यास करते हुए चोट भी लग जाती है। वेट लिफ्टिंग खिलाड़ी मोनू व नैना ने बताया कि खेल स्टेडियम में सुविधाओं का अभाव है। अभ्यास को जारी रखने के लिए तथा टूटे सामान को ठीक करवाने के लिए उन्हें आपस में पैसे इक्कट्ठे करने पड़ते हैं जिस कारण परिवार पर आर्थिक बोझ पड़ता है।
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खेल महाकुंभ रोहतक व अन्य प्रतियोगिताओं में गोल्ड व सिल्वर मैडल जीत चुके मोनू बड़ौंदी ने बताया कि वह इंटर कॉलेज प्रतियोगिता में साल 2022 से लेकर 2024 तक लगातार कई बार गोल्ड मेडल जीत चुका है। बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही नैना बड़ौंदा ने बताया कि वे भी ओपन स्टेट टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं और अब इस स्टेडियम में आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए अभ्यास कर रही हैं।
ऊंची ऊंची झाड़ियों में जहरीले कीटों ने बनाया अपना आशियाना
खेल प्रशासन ने रोहतक व बहादुरगढ़ की घटनाओं से भी कोई सबक नहीं लिया है। साफ-सफाई की व्यवस्था तथा टूटा अभ्यास का सामान कभी भी खिलाड़ियों के लिए चिंता का सबब बन सकता है। खेल नर्सरी में वेटलिफ्टिंग की प्रैक्टिस कर रहे खिलाड़ियों ने बताया कि स्टेडियम में साफ-सफाई की व्यवस्था नही है। इतना ही नही स्टेडियम में चारों ओर ऊंची ऊंची झाड़ियां उगी हुई हैं, जिस कारण स्टेडियम में जहरीले कीटों ने अपना आशियाना बनाया हुआ है। कई बार इन जहरीले कीटों को स्टेडियम के अंदर भी देखा गया है। खिलाड़ियों को स्टेडियम के अंदर ही लगभग आठ से दस फुट लंबी सांप की केंचुली भी मिली है, जिसके कारण खिलाड़ियों में डर का माहौल बना हुआ है।
उधर डीएसओ मनोज कुमार का कहना है कि सामान की डिमांड भेजी गई है, जल्द ही स्टेडियम की कमियों को पूरा कर दिया जाएगा।
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लाडवा। खेलो को बढ़ावा देने के लिए सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर स्टेडियम का निर्माण करवा रही है, ताकि खिलाड़ी अच्छे से अभ्यास कर अपना भविष्य उज्जवल करने के साथ-साथ देश का नाम भी रोशन कर सकें, लेकिन सुविधाओं और उपकरणों के अभाव में खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते।
करीब नौ साल पहले केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने गांव धनौरा में खेल स्टेडियम की नींव रखी थी। इसके निर्माण पर आठ करोड़ रुपए से अधिक खर्च भी हुए, लेकिन अभी तक स्टेडियम में वेट लिफ्टिंग के अलावा न तो किरी कोच की सुविधा है और न ही अन्य खेलों के उपकरण हैं। इतना ही नही ऊंची ऊंची झाड़ियों में जहरीले कीटों ने अपना आशियाना बना लिया है। इसके बावजूद पिछले कई महीनों से वेटलिफ्टिंग की खेल नर्सरी चल रही है, जिसमें करीब तीन दर्जन से ज्यादा राज्य स्तरीय खिलाड़ी अभ्यास कर रहें हैं।
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वेटलिफ्टिंग की नर्सरी होने के बावजूद पुराने व टूटे हुए सामान से खिलाड़ियों को अभ्यास करना पड़ रहा है। स्टेडियम में अभ्यास कर रहे खिलाड़ी मंजू, नैना, सिमरन, जन्नत, साहिल, निखिल, अभिषेक आदि ने बताया कि खेल नर्सरी में वेटलिफ्टिंग के उपकरण टूटे हुए हैं, जिस कारण अभ्यास के दौरान वजन अनबैलेंस हो जाते हैं। कई बार तो अभ्यास करते हुए चोट भी लग जाती है। वेट लिफ्टिंग खिलाड़ी मोनू व नैना ने बताया कि खेल स्टेडियम में सुविधाओं का अभाव है। अभ्यास को जारी रखने के लिए तथा टूटे सामान को ठीक करवाने के लिए उन्हें आपस में पैसे इक्कट्ठे करने पड़ते हैं जिस कारण परिवार पर आर्थिक बोझ पड़ता है।
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खेल महाकुंभ रोहतक व अन्य प्रतियोगिताओं में गोल्ड व सिल्वर मैडल जीत चुके मोनू बड़ौंदी ने बताया कि वह इंटर कॉलेज प्रतियोगिता में साल 2022 से लेकर 2024 तक लगातार कई बार गोल्ड मेडल जीत चुका है। बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही नैना बड़ौंदा ने बताया कि वे भी ओपन स्टेट टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं और अब इस स्टेडियम में आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए अभ्यास कर रही हैं।
ऊंची ऊंची झाड़ियों में जहरीले कीटों ने बनाया अपना आशियाना
खेल प्रशासन ने रोहतक व बहादुरगढ़ की घटनाओं से भी कोई सबक नहीं लिया है। साफ-सफाई की व्यवस्था तथा टूटा अभ्यास का सामान कभी भी खिलाड़ियों के लिए चिंता का सबब बन सकता है। खेल नर्सरी में वेटलिफ्टिंग की प्रैक्टिस कर रहे खिलाड़ियों ने बताया कि स्टेडियम में साफ-सफाई की व्यवस्था नही है। इतना ही नही स्टेडियम में चारों ओर ऊंची ऊंची झाड़ियां उगी हुई हैं, जिस कारण स्टेडियम में जहरीले कीटों ने अपना आशियाना बनाया हुआ है। कई बार इन जहरीले कीटों को स्टेडियम के अंदर भी देखा गया है। खिलाड़ियों को स्टेडियम के अंदर ही लगभग आठ से दस फुट लंबी सांप की केंचुली भी मिली है, जिसके कारण खिलाड़ियों में डर का माहौल बना हुआ है।
उधर डीएसओ मनोज कुमार का कहना है कि सामान की डिमांड भेजी गई है, जल्द ही स्टेडियम की कमियों को पूरा कर दिया जाएगा।

लाडवा। स्टेडियम में खड़ी ऊंची झाड़ियां। संवाद

लाडवा। स्टेडियम में खड़ी ऊंची झाड़ियां। संवाद

लाडवा। स्टेडियम में खड़ी ऊंची झाड़ियां। संवाद