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Kurukshetra News: लाठी, बौछार और मांगों के बीच जिंदल चौक पर अतिथि अध्यापकों ने डाला डेरा
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कुरुक्षेत्र। जिंदल चौक पर अतिथि अध्यापकों ने डेरा डाल दिया। लघु सचिवालय से सीएम आवास तक मार्च के बाद जिंदल चौक पहुंचे अध्यापकों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया और पानी की बौछारें छोड़ीं, जिसके बाद टकराव की स्थिति पैदा हो गई।
करीब दो घंटे तक तनाव बना रहा। इस दौरान पुलिस और अध्यापकों के बीच कई बार टकराव हुआ। एक अध्यापक घायल हो गया, जबकि एक महिला अध्यापक बेहोश होने की स्थिति में पहुंच गई। करीब दो घंटे बाद अतिथि अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश यादव को बातचीत के लिए बुलाया गया, इसके बाद उन्हें 12 अक्तूबर को शाम पांच बजे चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय दिया गया। हालांकि, अध्यापक इस आश्वासन पर धरना खत्म करने को तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि पहले भी उन्हें आश्वासन मिला था लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई।
छह सितंबर को हुए कूच के दौरान भी मुख्यमंत्री से मिलने का समय दिया गया था लेकिन अगले दिन मुलाकात नहीं होने पर उन्हें बीच रास्ते से लौटना पड़ा था। इसके दो दिन बाद शिक्षा मंत्री के सचिव से मुलाकात करके वापस आना पड़ा था। अध्यापकों ने एलान किया कि मांगें पूरी होने तक वे जिंदल चौक पर ही बैठे रहेंगे।
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करीब दो घंटे तक तनाव बना रहा। इस दौरान पुलिस और अध्यापकों के बीच कई बार टकराव हुआ। एक अध्यापक घायल हो गया, जबकि एक महिला अध्यापक बेहोश होने की स्थिति में पहुंच गई। करीब दो घंटे बाद अतिथि अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश यादव को बातचीत के लिए बुलाया गया, इसके बाद उन्हें 12 अक्तूबर को शाम पांच बजे चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय दिया गया। हालांकि, अध्यापक इस आश्वासन पर धरना खत्म करने को तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि पहले भी उन्हें आश्वासन मिला था लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई।
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छह सितंबर को हुए कूच के दौरान भी मुख्यमंत्री से मिलने का समय दिया गया था लेकिन अगले दिन मुलाकात नहीं होने पर उन्हें बीच रास्ते से लौटना पड़ा था। इसके दो दिन बाद शिक्षा मंत्री के सचिव से मुलाकात करके वापस आना पड़ा था। अध्यापकों ने एलान किया कि मांगें पूरी होने तक वे जिंदल चौक पर ही बैठे रहेंगे।
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