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Kurukshetra News: तीन दिवसीय गीता सम्मेलन में देश-विदेश के गीता विशेषज्ञ साझा करेंगे मंथन, 647 शोध पत्र पहुंचे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Nov 2025 01:15 AM IST
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Gita experts from India and abroad will share their thoughts at the three-day Gita conference; 647 research papers were received.
कुरुक्षेत्र। बैठक में दिशा-निर्देश देते कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 24 से 26 नवंबर तक आयोजित होने वाले 10वें अंतरराष्ट्रीय गीता काॅन्फ्रेंस की आयोजक समिति की समीक्षा बैठक मंगलवार को हुई। सम्मेलन में देश-विदेश के गीता विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। 16 देशों के शोधकर्ता अपना व्याख्यान देंगे।
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कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने सम्मेलन की तैयारियों के लिए गठित कमेटी से चर्चा की। सम्मेलन में देश-विदेश से गीता प्रेमी, विद्वान और गणमान्य अतिथि भाग लेंगे। इस बार का मुख्य विषय स्वधर्म : कर्तव्यनिष्ठा, शांति, सद्भावना और स्वदेशी की प्रेरणा रहेगा। इस पर विभिन्न सत्रों में विचार-विमर्श किया जाएगा। प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने आयोजन समितियों के संयोजकों और सदस्यों को निर्देश दिया कि वे सम्मेलन के दौरान मेहमानों को हर प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराएं, ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो।
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कुलपति ने गीता के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य गीता के ज्ञान को वैश्विक स्तर पर फैलाना और इसे आधुनिक समय में जीवन में लागू करने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि गीता का ज्ञान हर युग और परिस्थिति में मानव जीवन के लिए मार्गदर्शन देने वाला है। कुलसचिव, लेफ्टिनेंट डॉ. वीरेंद्र पाल ने बताया कि सम्मेलन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह सम्मेलन विदेश मंत्रालय केंद्र सरकार और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है जिसके सुचारू संचालन के लिए विभिन्न कमेटियां गठित की गई हैं।
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सम्मेलन के लिए मिले 647 शोध पत्र
सम्मेलन निदेशक प्रो. तेजिंदर शर्मा ने बताया कि 18 नवंबर तक कुल 647 शोध पत्र मिल चुके हैं। सम्मेलन के दौरान एक स्मारिका और सम्मेलन पत्रिका का विमोचन भी किया जाएगा। पंजीकृत प्रतिभागी विभिन्न विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं जिनमें स्वधर्म और नेतृत्व नैतिकता, गीता और सतत मानव विकास, स्वधर्म, निष्काम कर्म और मानव कल्याण, शासन में स्वधर्म का मार्गदर्शन, गीता और पर्यावरण धर्म, नैतिकता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वैश्वीकरण में स्वधर्म का योगदान जैसे विषय शामिल हैं।

कुरुक्षेत्र। बैठक में दिशा-निर्देश देते कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा। विज्ञप्ति

कुरुक्षेत्र। बैठक में दिशा-निर्देश देते कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा। विज्ञप्ति

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