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छात्रावास फीस बढ़ाने के खिलाफ विद्यार्थियों का चार घंटे प्रदर्शन
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प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को समझाते केयू के सुरक्षा प्रभारी गुलजार सिंह। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से छात्रावास की फीस बढ़ाने के विरोध में विद्यार्थियों ने मोर्चा खोल दिया है। विद्यार्थियों ने सोमवार सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक संयुक्त छात्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। यहां विद्यार्थियों ने छात्रावास की बढ़ी फीस के विरोध में विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विद्यार्थी कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा से मुलाकात करने को अडिग रहे। विरोध बढ़ता देख दोपहर करीब पौने दो बजे विद्यार्थियों के एक शिष्टमंडल की मुलाकात कुलपति से कराई गई। कुलपति के साथ बढ़ाई गई फीस वापस लेने और दिव्यांगों से ली जाने वाली छात्रावास फीस माफ करने के बारे में करीब एक घंटा वार्ता चली। कुलपति के आश्वासन के बाद विद्यार्थी शांत हुए। विद्यार्थियों ने बताया कि कुलपति ने उन्हें आश्वासन दिया है कि आगामी एक सप्ताह तक उनकी मांगों से संबंधित नई अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके बाद विद्यार्थी लौटे।
13400 से बढ़ाकर की 24 हजार फीस : अजय
छात्र नेता अजय खटकड़ ने कहा कि विश्वविद्यालय पहले 13 हजार 400 रुपये हॉस्टल फीस वसूल कर रहा था। कोरोना काल के बाद यही फीस बढ़ाकर 24 हजार रुपये कर दी। इसमें चार हजार रुपये सिक्योरिटी फीस भी शामिल है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ डाल दिया है।
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दिव्यांग से भी हॉस्टल फीस की वसूली : जितेंद्र
एलएलबी द्वितीय वर्ष के छात्र जितेंद्र नेहरा का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन पहले दिव्यांग विद्यार्थियों को निशुल्क छात्रावास उपलब्ध कराता था। अब दिव्यांग विद्यार्थी से 9833 रुपये वसूले जा रहे हैं। वह विश्वविद्यालय में पिछले आठ साल से पढ़ाई कर रहे हैं। अब छात्रावास फीस मांगी जा रही है।
खाने का रेट बढ़ा, घट गई गुणवत्ता : रजत
छात्र रजत दहिया का कहना है कि छात्रावास में खाने की गुणवत्ता घट गई, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने डाइट के रेट बढ़ा दिए। पहले 80 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मेस चार्ज वसूल किया जा रहा था। अब बढ़ाकर 110 रुपये कर दिया है। विश्वविद्यालय को खाने की गुणवत्ता की तरफ भी ध्यान देना चाहिए।
अब 23 दिन का लिया जाने लगा मेस चार्ज : बिट्टू
एमए अर्थशास्त्र के छात्र बिट्टू दलाल ने कहा कि पहले विद्यार्थियों से 20 दिन का मेस चार्ज वसूल किया जाता है। अब बढ़ाकर 23 दिन कर दिया है। पहले हर माह करीब 2100 रुपये मेस खर्च आता था, अब हर माह तीन हजार रुपये तक पहुंच गया है। विवि प्रशासन विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ डाल रहा है।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से छात्रावास की फीस बढ़ाने के विरोध में विद्यार्थियों ने मोर्चा खोल दिया है। विद्यार्थियों ने सोमवार सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक संयुक्त छात्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। यहां विद्यार्थियों ने छात्रावास की बढ़ी फीस के विरोध में विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विद्यार्थी कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा से मुलाकात करने को अडिग रहे। विरोध बढ़ता देख दोपहर करीब पौने दो बजे विद्यार्थियों के एक शिष्टमंडल की मुलाकात कुलपति से कराई गई। कुलपति के साथ बढ़ाई गई फीस वापस लेने और दिव्यांगों से ली जाने वाली छात्रावास फीस माफ करने के बारे में करीब एक घंटा वार्ता चली। कुलपति के आश्वासन के बाद विद्यार्थी शांत हुए। विद्यार्थियों ने बताया कि कुलपति ने उन्हें आश्वासन दिया है कि आगामी एक सप्ताह तक उनकी मांगों से संबंधित नई अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके बाद विद्यार्थी लौटे।
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13400 से बढ़ाकर की 24 हजार फीस : अजय
छात्र नेता अजय खटकड़ ने कहा कि विश्वविद्यालय पहले 13 हजार 400 रुपये हॉस्टल फीस वसूल कर रहा था। कोरोना काल के बाद यही फीस बढ़ाकर 24 हजार रुपये कर दी। इसमें चार हजार रुपये सिक्योरिटी फीस भी शामिल है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ डाल दिया है।
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दिव्यांग से भी हॉस्टल फीस की वसूली : जितेंद्र
एलएलबी द्वितीय वर्ष के छात्र जितेंद्र नेहरा का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन पहले दिव्यांग विद्यार्थियों को निशुल्क छात्रावास उपलब्ध कराता था। अब दिव्यांग विद्यार्थी से 9833 रुपये वसूले जा रहे हैं। वह विश्वविद्यालय में पिछले आठ साल से पढ़ाई कर रहे हैं। अब छात्रावास फीस मांगी जा रही है।
खाने का रेट बढ़ा, घट गई गुणवत्ता : रजत
छात्र रजत दहिया का कहना है कि छात्रावास में खाने की गुणवत्ता घट गई, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने डाइट के रेट बढ़ा दिए। पहले 80 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मेस चार्ज वसूल किया जा रहा था। अब बढ़ाकर 110 रुपये कर दिया है। विश्वविद्यालय को खाने की गुणवत्ता की तरफ भी ध्यान देना चाहिए।
अब 23 दिन का लिया जाने लगा मेस चार्ज : बिट्टू
एमए अर्थशास्त्र के छात्र बिट्टू दलाल ने कहा कि पहले विद्यार्थियों से 20 दिन का मेस चार्ज वसूल किया जाता है। अब बढ़ाकर 23 दिन कर दिया है। पहले हर माह करीब 2100 रुपये मेस खर्च आता था, अब हर माह तीन हजार रुपये तक पहुंच गया है। विवि प्रशासन विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ डाल रहा है।