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‘परिश्रम के साथ नियमों का पालन करें’
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जयराम कन्या महाविद्यालय में कार्यक्रम को संबोधित करती मुख्य वक्ता प्रो. नवोदिता राणा। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। जयराम कन्या महाविद्यालय लोहार माजरा में मंगलवार को 30 घंटे का सॉफ्ट स्किल्स सर्टिफिकेट कोर्स आरंभ हुआ। इस कोर्स शुभारंभ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आईआईएचएस से मनोविज्ञान विभाग की प्रो. नवोदिता राणा ने किया। उन्होंने ‘जीवन में व्यवहार कुशलता का महत्व’ विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि हम सबको अपने चरित्र में आत्मसम्मान, स्वावलंबन, परिश्रम एवं नियमों का पालन करना चाहिए। अपने जीवन में व्यवहार कुशल होना चाहिए, तभी हम समुचित जीवन जीते हुए अपने चरित्र को महान बना सकते हैं। हमें अपने सदाचार से समाज में अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। हमें आत्म नियंत्रण के द्वारा क्रोध, लालसा आदि विकारों पर नियंत्रण करना आना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थी जीवन बहुत महत्वपूर्ण होता है, जिसमें हम स्वयं को संयमित करते हुए अच्छा जीवन जी सकते हैं। अपने जीवन को ऊंचा उठा सकते हैं, परिश्रम के द्वारा अपने उद्देश्य को पूरा कर सकते हैं। कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुदेश रावल ने मुख्य अतिथि का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान से छात्राओं को व्यवहार कुशलता का ज्ञान होता है। वे अपने जीवन के उतार-चढ़ाव को सही ढंग से समझते हुए जीवन में आगे बढ़ सकती हैं। उन्होंने सर्टिफिकेट कोर्स की आयोजन समिति को शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
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कुरुक्षेत्र। जयराम कन्या महाविद्यालय लोहार माजरा में मंगलवार को 30 घंटे का सॉफ्ट स्किल्स सर्टिफिकेट कोर्स आरंभ हुआ। इस कोर्स शुभारंभ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आईआईएचएस से मनोविज्ञान विभाग की प्रो. नवोदिता राणा ने किया। उन्होंने ‘जीवन में व्यवहार कुशलता का महत्व’ विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि हम सबको अपने चरित्र में आत्मसम्मान, स्वावलंबन, परिश्रम एवं नियमों का पालन करना चाहिए। अपने जीवन में व्यवहार कुशल होना चाहिए, तभी हम समुचित जीवन जीते हुए अपने चरित्र को महान बना सकते हैं। हमें अपने सदाचार से समाज में अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। हमें आत्म नियंत्रण के द्वारा क्रोध, लालसा आदि विकारों पर नियंत्रण करना आना चाहिए।
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उन्होंने विद्यार्थी जीवन बहुत महत्वपूर्ण होता है, जिसमें हम स्वयं को संयमित करते हुए अच्छा जीवन जी सकते हैं। अपने जीवन को ऊंचा उठा सकते हैं, परिश्रम के द्वारा अपने उद्देश्य को पूरा कर सकते हैं। कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुदेश रावल ने मुख्य अतिथि का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान से छात्राओं को व्यवहार कुशलता का ज्ञान होता है। वे अपने जीवन के उतार-चढ़ाव को सही ढंग से समझते हुए जीवन में आगे बढ़ सकती हैं। उन्होंने सर्टिफिकेट कोर्स की आयोजन समिति को शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
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