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किसान नई तकनीक से करें गन्ने की बुवाई : डॉ. बलजिंद्र
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शाहबाद। सहायक गन्ना विकास अधिकारी डाॅ. बलजिंद्र सिंह ने कहा कि किसानों को अधिक आय अर्जित करने के लिए उन्नत किस्म के गन्ने के बीज का प्रयोग करना चाहिए। इसके साथ ही नई तकनीक से गन्ने की बुवाई करनी चाहिए। वे शुक्रवार को विभिन्न गांवों में किसानों को जानकारी दे रहे थे। इससे पहले उन्होंने खरींडवा, यारी, त्यौरा, गुमटी, रावा इत्यादि गांवों में जाकर गन्ने की नई तकनीक, किस्मों, कीड़े व बीमारियों के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने किसानों को अन्य फसलों की जगह विभिन्न विधियों से गन्ना बुवाई सी.ओ. 15023, चौड़ा खुड विधि के माध्यम से गन्ना बुवाई, सिंगल बड़ विधि से बुवाई व एम.एच.ए.टी.नर्सरी कराने के विषय पर किसानों को जागरूक किया।
गेहूं की कटाई के बाद गन्ना बुवाई कर रहे किसानों को प्रति एकड़ 35 किलोग्राम म्युरेट ऑफ पोटाश, 50 किलोग्राम डीएपी., 50 किलोग्राम यूरिया व 10 किलोग्राम जिंक सल्फेट बिजाई के समय खेत में डालने की अनुशंसा की गई। खरपतवार की रोकथाम के लिए एक किलोग्राम सल्फटजऊजोन 28 प्रतिशत व क्लोमाजोन 30 प्रतिशत को 200 लीटर पानी में घोलकर बिजाई के तुरंत बाद उचित नमी में छिड़काव करें।
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गेहूं की कटाई के बाद गन्ना बुवाई कर रहे किसानों को प्रति एकड़ 35 किलोग्राम म्युरेट ऑफ पोटाश, 50 किलोग्राम डीएपी., 50 किलोग्राम यूरिया व 10 किलोग्राम जिंक सल्फेट बिजाई के समय खेत में डालने की अनुशंसा की गई। खरपतवार की रोकथाम के लिए एक किलोग्राम सल्फटजऊजोन 28 प्रतिशत व क्लोमाजोन 30 प्रतिशत को 200 लीटर पानी में घोलकर बिजाई के तुरंत बाद उचित नमी में छिड़काव करें।
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