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सरकारी चिकित्सकों ने बंद रखी ओपीडी, मरीज उपचार के लिए इधर-उधर भटकने को हुए मजबूर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jan 2022 01:30 AM IST
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Doctors kept OPD closed, patients kept wandering
कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर जिलेभर के सरकारी चिकित्सकों ने ओपीडी बंद रखकर विरोध जताया। चिकित्सक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) की सीधी भर्ती का विरोध करने के साथ-साथ विशेषज्ञ कैडर और पीजी पॉलिसी लागू करने की मांग कर रहे हैं। उधर, ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए चिकित्सकों की हड़ताल पर संज्ञान लेते हुए गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने एस्मा लागू कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट करते हुए छह माह तक हड़ताल न करने की चेतावनी दी है। वहीं, मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चिकित्सकों की मांगें मानते हुए ट्वीट किया है। सीएम ने कहा है कि स्पेशलिस्ट कैडर पद सृजित करने की घोषणा की है। साथ ही डॉक्टरों को कोई प्रशासनिक कार्य नहीं देने की बात कही है। अब मरीजों को अच्छे विशेषज्ञों का परामर्श भी मिलेगा।
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स्वास्थ्य मंत्री की इस कार्रवाई पर जिला कार्यकारिणी के उप प्रधान डॉ. जगमिंद्र मलिक का कहना है कि स्टेट कोर कमेटी जो फैसला लेगी, उसका पालन किया जाएगा। बता दें कि मंगलवार को एसोसिएशन के आह्वान पर सरकारी चिकित्सकों ने जिला अस्पताल स्थित सोसायटी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। अस्पताल में ओपीडी सेवाएं बंद होने के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दूर-दराज से उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचे मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ा। कुछ मरीजों को बिना चेकअप के वापस लौटना पड़ा। हालांकि सुबह के समय मरीजों की ओपीडी पर्ची काटने के लिए पंजीकरण कक्ष खोला गया था, लेकिन एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कक्ष के द्वार पर लगे ताले पर दूसरा ताला जड़ दिया, लेकिन इसके कुछ समय बाद एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने ताले को खोल दिया। यहां जब मरीजों की पर्ची कटने शुरू हुई तो जिला उप प्रधान डॉ. जगमिंद्र मलिक ने मरीजों को इमरजेंसी वार्ड में जांच कराने की अपील की और आउसोर्सिंग कर्मचारियों को पंजीकरण कक्ष बंद करने को कहा। हालांकि जिला अस्पताल के फार्मेसी ऑफिसर ने मरीजों को दवाएं वितरित की।
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200 से 250 मरीजों की ओपीडी पर्ची काटी गई। कुछ चिकित्सकों ने उनके स्वास्थ्य का चेकअप भी किया। वहीं, बताया गया कि ज्यादातर चिकित्सकों ने अपनी हाजिरी भी लगाई। एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. ललित कल्सन और उप प्रधान डॉ. मलिक ने कहा कि 12 दिसंबर को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के साथ बैठक हुई थी। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने 31 दिसंबर तक सभी समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था। कहा कि सरकार चिकित्सकों की हड़ताल से डर गई है। पहले भी कई बार एस्मा लगाए जाते रहे हैं, लेकिन चिकित्सक पीछे नहीं हटेंगे। हम चाहते हैं कि सरकार उनके साथ वार्ता करे और उनकी लंबित मांगों को पूरा करें।
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