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नहीं पहुंचे अधिकारी, समस्याएं ज्यों की त्यों
ब्यूरो/अमरउजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 16 Dec 2015 12:21 AM IST
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सरकार ने जिले के डीसी और सबडिविजन स्तर पर एसडीएम को निर्देश दिए है कि गांवों में जाकर खुले दरबार लगाकर स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए। इसी क्रम में सब तहसील इस्माईलाबाद के पंचायत घर में मंगलवार को एसडीएम डॉ. किरण सिंह ने खुला दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दरबार की कस्बे और गांवों में कोई सूचना तक नहीं दी गई। अधिकारियों तक को इसकी जानकारी नहीं थी। इस वजह से कई अधिकारी भी एसडीएम से शिकायत करते नजर आए। एसडीएम ने जब नायब तहसीलदार से इसके बारे में पूछा, तो वे जवाब नहीं दे सके। यह हाल तब था, जबकि खुले दरबार के लिए टेंट लगाया गया था और उसमें सभी विभागों की टेबल भी लगाई गई थी। दरबार में कुछ अधिकारी तो आए ही नहीं, कुछ ने अधिनस्थ कर्मचारियों को भेज दिया।
दरबार में पुलिस और बिजली विभाग को एसडीएम कार्यालय से फोन किया गया। इसके बाद पुलिस विभाग का हवलदार और बिजली विभाग से एएफएम पहुंचे, वह भी दरबार का आधा समय बीतने के बाद। पीडब्ल्यूडी की ओर से से कोई भी अधिकारी खुले दरबार में नहीं आया। स्वस्थ विभाग के डॉक्टर भी आधा समय गुजरने के बाद पहुंचे। उन्होंने भी एसडीएम को दरबार की सूचना न मिलने की शिकायत की। इसके अलावा 15 से 20 युवक ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आए थे, लेकिन वहां पर विभाग का कोई भी कर्मचारी नहीं मिला। अभिमन्यु, मनीष, संदीप निवासी इस्माईलाबाद, गरजैंट, मनप्रीत बलविंद्र निवासी ठसका, पवन रोहटी, दलविंद्र सिंह नैसी, लखविंद्र सिंह सैनी आदि ने बताया कि वे ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आए थे, लेकिन विभाग का कर्मचारी न होने से उनका काम नहीं हुआ। लाइसेंस न बनने पर अधिक शोर मचने पर एसडीएम ने उनके फार्म एकत्रित करने को कहा।
नहीं कराई थी मुनादी
खुले दरबार की मुनादी न होने के कारण बहुत से लोगों को खुले दरबार की सूचना नहीं मिली। इसके चलते कस्बे के लोगों में प्रशासन के खिलाफ खासा रोष व्याप्त है। सूचना न मिलने के कारण खुले दरबार में करीब 15 गांवों से करीब 60 से 70 शिकायतें ही मिलीं। इसमें भी ज्यादातर पेंशन, मकान बनाने, जन्म प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस की थीं। कुछ शिकायतें थाना और बिजली विभाग से संबंधित थी। शिकायतों के बारे में एसडीएम पिहोवा डॉक्टर किरण सिंह ने संबंधित विभागों को आदेश दिया कि इन शिकायतों को एक सप्ताह के अंदर निपटाएं। इसकी सूचना एसडीएम कार्यालय में भेजे। यदि इसमें लापरवाही की गई, तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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दरबार में पुलिस और बिजली विभाग को एसडीएम कार्यालय से फोन किया गया। इसके बाद पुलिस विभाग का हवलदार और बिजली विभाग से एएफएम पहुंचे, वह भी दरबार का आधा समय बीतने के बाद। पीडब्ल्यूडी की ओर से से कोई भी अधिकारी खुले दरबार में नहीं आया। स्वस्थ विभाग के डॉक्टर भी आधा समय गुजरने के बाद पहुंचे। उन्होंने भी एसडीएम को दरबार की सूचना न मिलने की शिकायत की। इसके अलावा 15 से 20 युवक ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आए थे, लेकिन वहां पर विभाग का कोई भी कर्मचारी नहीं मिला। अभिमन्यु, मनीष, संदीप निवासी इस्माईलाबाद, गरजैंट, मनप्रीत बलविंद्र निवासी ठसका, पवन रोहटी, दलविंद्र सिंह नैसी, लखविंद्र सिंह सैनी आदि ने बताया कि वे ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आए थे, लेकिन विभाग का कर्मचारी न होने से उनका काम नहीं हुआ। लाइसेंस न बनने पर अधिक शोर मचने पर एसडीएम ने उनके फार्म एकत्रित करने को कहा।
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नहीं कराई थी मुनादी
खुले दरबार की मुनादी न होने के कारण बहुत से लोगों को खुले दरबार की सूचना नहीं मिली। इसके चलते कस्बे के लोगों में प्रशासन के खिलाफ खासा रोष व्याप्त है। सूचना न मिलने के कारण खुले दरबार में करीब 15 गांवों से करीब 60 से 70 शिकायतें ही मिलीं। इसमें भी ज्यादातर पेंशन, मकान बनाने, जन्म प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस की थीं। कुछ शिकायतें थाना और बिजली विभाग से संबंधित थी। शिकायतों के बारे में एसडीएम पिहोवा डॉक्टर किरण सिंह ने संबंधित विभागों को आदेश दिया कि इन शिकायतों को एक सप्ताह के अंदर निपटाएं। इसकी सूचना एसडीएम कार्यालय में भेजे। यदि इसमें लापरवाही की गई, तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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