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Kurukshetra News: शाम ढलते ही शहर की लाइफ लाइन पर छा जाता है अंधेरा
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फोटो 5,6
- पिपली थर्ड गेट रोड, अमरी रोड, केडीबी रोड की अधिकतर लाइटें रहती है बंद, रेलवे ओवरब्रिज पर भी छाया रहता है अंधेरा, अनेकों जगह तिरंगा लाइटें भी बंद
- हादसे का बना रहता है खतरा तो वारदात की भी आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के सुंदरीकरण के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं तो वहीं अब इसे पर्यटन नगरी के तौर पर भी विकसित किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार भी हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर बरती जा रही कथित लापरवाही से धर्मनगरी की सुंदरता को ग्रहण लग रहा है। शाम ढलते ही अनेक मार्गों पर अंधेरा छा जाता है।
अमर उजाला टीम की ने रात के समय शहर के मुख्य मार्गों के हालात का जायजा लिया तो अधिकतर जगहों पर अंधेरा मिला, जिससे हादसे का खतरा रहता है। साथ ही किसी न किसी वारदात की आशंका भी बनी रहती है। शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले पिपली-थर्ड गेट रोड पर भी स्ट्रीट लाइटें दुरूस्त नहीं है तो कईं अन्य मुख्य मार्ग भी अंधेरे में डूबे मिले।
बॉक्स
रेलवे ओवरब्रिज पर भी घना अंधेरा
पिपली से थर्ड गेट मार्ग पर निरंकारी भवन से लेकर मोहन नगर चौक तक ब्लैक आउट मिला। यहां तक कि रेलवे ओवरब्रिज पर भी अंधेरा छाया हुआ था। यहां लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई तिरंगा लाइटें भी बंद थी। घने अंधेरे के चलते वाहनों की रफ्तार भी बेहद कम रही तो वहीं आसपास के दुकानदारों में रोष भी दिखाई दिया।
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यहां भी छाया मिला ब्लैक आउट
शहर को नेशनल हाईवे से जोड़ने वाले उमरी रोड पर भी करीब तीन किलोमीटर तक अंधेरा छाया हुआ था। आयुर्वेदिक कॉलेज चौक से लेकर पावर ग्रिड व जिंदल सिटी तक सभी स्ट्रीट लाइट बंद थी। यहीं नहीं केडीबी रोड की भी सुंदरपुर आरओबी से लेकर नेशनल हाईवे तक करीब 10 लाइटें बंद मिली।
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हर माह चेक की जाती है मेन रोड की स्ट्रीट लाइटें : जेई
नगर परिषद के जेई अमित कुमार का कहना है कि पिपली रोड पीडब्ल्यूडी विभाग के पास है जबकि अन्य रोड का जिम्मा नप संभाल रही है। शनिवार रात को किसी तकनीकी कमी के चलते लाइटें बंद हुई होंगी। उनके पास किसी भी एरिया में स्ट्रीट लाइटें बंद होने की रिपोर्ट नहीं है, लेकिन वे अपने स्तर पर जांच कराएंगे। सभी मुख्य मार्गों की लाइटें हर 15 दिन या एक माह में चेक की जाती है और खराब मिलने पर उन्हें बदला जाता है।
बॉक्स
फोटो 28
कोई नहीं देता ध्यान : डॉ. बतरा
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डॉ. सतपाल बतरा का कहना है कि दुकानों के बाहर पिपली रोड पर लगी लाइटें पिछले काफी समय से बंद पड़ी हैं, जिसके कारण सायं के समय अंधेरा नजर आता हैं। दुकानों के बाहर लगी यह लाइटें पिछले वर्ष ही लगाई गई थी जो कि मुश्किल से एक महीना ही जल पाई होगी।
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फोटो 29
सफाई व्यवस्था भी है ठप : सिंह
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दुकानदार सरबजीत सिंह का कहना है कि पिछले वर्ष ही नई लाइटें प्रशासन की ओर से लगाई गई थीं, जो कि लंबे अरसे से बंद हैं मगर कोई भी उसको ठीक करवाने की जहमत नहीं उठाता। इसके अलावा दुकानों के बाहर गंदगी भी फैली रहती हैं, सफाई कर्मचारी भी इस ओर ध्यान नहीं देते।
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- पिपली थर्ड गेट रोड, अमरी रोड, केडीबी रोड की अधिकतर लाइटें रहती है बंद, रेलवे ओवरब्रिज पर भी छाया रहता है अंधेरा, अनेकों जगह तिरंगा लाइटें भी बंद
- हादसे का बना रहता है खतरा तो वारदात की भी आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के सुंदरीकरण के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं तो वहीं अब इसे पर्यटन नगरी के तौर पर भी विकसित किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार भी हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर बरती जा रही कथित लापरवाही से धर्मनगरी की सुंदरता को ग्रहण लग रहा है। शाम ढलते ही अनेक मार्गों पर अंधेरा छा जाता है।
अमर उजाला टीम की ने रात के समय शहर के मुख्य मार्गों के हालात का जायजा लिया तो अधिकतर जगहों पर अंधेरा मिला, जिससे हादसे का खतरा रहता है। साथ ही किसी न किसी वारदात की आशंका भी बनी रहती है। शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले पिपली-थर्ड गेट रोड पर भी स्ट्रीट लाइटें दुरूस्त नहीं है तो कईं अन्य मुख्य मार्ग भी अंधेरे में डूबे मिले।
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रेलवे ओवरब्रिज पर भी घना अंधेरा
पिपली से थर्ड गेट मार्ग पर निरंकारी भवन से लेकर मोहन नगर चौक तक ब्लैक आउट मिला। यहां तक कि रेलवे ओवरब्रिज पर भी अंधेरा छाया हुआ था। यहां लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई तिरंगा लाइटें भी बंद थी। घने अंधेरे के चलते वाहनों की रफ्तार भी बेहद कम रही तो वहीं आसपास के दुकानदारों में रोष भी दिखाई दिया।
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यहां भी छाया मिला ब्लैक आउट
शहर को नेशनल हाईवे से जोड़ने वाले उमरी रोड पर भी करीब तीन किलोमीटर तक अंधेरा छाया हुआ था। आयुर्वेदिक कॉलेज चौक से लेकर पावर ग्रिड व जिंदल सिटी तक सभी स्ट्रीट लाइट बंद थी। यहीं नहीं केडीबी रोड की भी सुंदरपुर आरओबी से लेकर नेशनल हाईवे तक करीब 10 लाइटें बंद मिली।
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हर माह चेक की जाती है मेन रोड की स्ट्रीट लाइटें : जेई
नगर परिषद के जेई अमित कुमार का कहना है कि पिपली रोड पीडब्ल्यूडी विभाग के पास है जबकि अन्य रोड का जिम्मा नप संभाल रही है। शनिवार रात को किसी तकनीकी कमी के चलते लाइटें बंद हुई होंगी। उनके पास किसी भी एरिया में स्ट्रीट लाइटें बंद होने की रिपोर्ट नहीं है, लेकिन वे अपने स्तर पर जांच कराएंगे। सभी मुख्य मार्गों की लाइटें हर 15 दिन या एक माह में चेक की जाती है और खराब मिलने पर उन्हें बदला जाता है।
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कोई नहीं देता ध्यान : डॉ. बतरा
डॉ. सतपाल बतरा का कहना है कि दुकानों के बाहर पिपली रोड पर लगी लाइटें पिछले काफी समय से बंद पड़ी हैं, जिसके कारण सायं के समय अंधेरा नजर आता हैं। दुकानों के बाहर लगी यह लाइटें पिछले वर्ष ही लगाई गई थी जो कि मुश्किल से एक महीना ही जल पाई होगी।
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सफाई व्यवस्था भी है ठप : सिंह
दुकानदार सरबजीत सिंह का कहना है कि पिछले वर्ष ही नई लाइटें प्रशासन की ओर से लगाई गई थीं, जो कि लंबे अरसे से बंद हैं मगर कोई भी उसको ठीक करवाने की जहमत नहीं उठाता। इसके अलावा दुकानों के बाहर गंदगी भी फैली रहती हैं, सफाई कर्मचारी भी इस ओर ध्यान नहीं देते।