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छोटी सी चूक ने करवा दिया अस्पताल में बवाल
ब्यूरो/अमर उजाला,कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 01 Sep 2015 01:07 AM IST
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एलएनजेपी अस्पताल के कर्मचारियों की चूक का खामियाजा सोमवार को मरीजों, अस्पताल प्रशासन और पुलिस को भुगतना पड़ा है। रविवार दोपहर हुए बच्चे के जन्म के समय उसके पैर पर टैग न लगाना परेशानियों को बढ़ा गया। नियमानुसार अस्पताल में बच्चे के जन्म के बाद एक टैग लगा दिया जाता है जिस पर साफ-साफ माता-पिता का नाम, पता और फोन नंबर आदि लिखा होता है, इससे बच्चे की आसानी से पहचाना जा सकता है कि ये किसका बच्चा है।
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यदि अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगे होते तो इस घटना में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाता। क्योंकि सीसीटीवी कैमरे में साफ रिकॉर्ड होता कि बच्चे के पिता गुलशन को बेटे होने की सूचना दी गई है अथवा बेटी होने की। साथ ही बधाई के रूप में किस स्टाफ ने 500 रुपये लिए हैं।
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रिकॉर्ड में हर जगह है बेटी का जन्म अंकित
नियमानुसार अस्पताल में किसी भी महिला की डिलीवरी होने के बाद उसका और होने वाले बच्चे का अलग अलग चार रजिस्टरों में रिकार्ड अंकित किया जाता है। इस मामले में भी स्टाफ की ओर से इन चारों रजिस्टरों में माता-पिता का नाम, पता, फोन नंबर, बच्चे के जन्म का समय, बच्चे का वेट आदि सब लिखा हुआ है।
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इन रजिस्टरों की बात करें तो सभी में गुलशन व प्रीति के जन्म लेने वाले स्थान पर लड़की का ही जन्म लिखा होना दर्शाया हुआ है। उधर, बच्चे के परिजनों को अस्पताल के किसी भी रिकॉर्ड पर विश्वास नहीं है। परिजनों का कहना है कि अस्पताल के रिकॉर्ड के साथ तो छेड़छाड़ की जा सकती है। यह सारा रिकॉर्ड तो अस्पताल स्टाफ के पास ही रहता है।