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बिजली निगम के सबसे बड़े डिफॉल्टर सरकारी विभ्ााग
ब्यूरो/अमर उजाला कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 25 Aug 2015 12:45 AM IST
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एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री लगातार बिजली विभाग के लगातार बढ़ते जा रहे घाटे की जांच की घोषणा कर चुके हैं।
लोगों से लगातार बिजली बिलों को भरने की अपील भी कर रहे हैं। बिजली कंपनियों को घाटे से उबारने के लिए म्हारा गांव जगमग गांव जैसी योजनाएं भी शुरू की हैं।
लेकिन, न केवल ग्रामीण बल्कि शहरी क्षेत्रों के ही नहीं बल्कि सरकारी विभाग भी बिजली का बिल अदा करने में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे में बिजली निगमों का घाटा कैसे पूरा होगा। इसका अंदाजा स्वयं लगाया जा सकता है।
बिजली निगमों को घाटा पहुंचाने के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार राग अलाप रही है। इसके लिए हाल ही में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कुरुक्षेत्र के दयालपुर गांव से म्हारा गांव जगमग गांव योजना का भी शुभारंभ किया है।
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इसके साथ ही प्रदेशभर के एमएलए और मंत्रियों को गांवों को भी गोद लेने के लिए कई बार कह चुके हैं। लेकिन, हालात ये हैं कि अकेले कुरुक्षेत्र में ही निगम का लोगों के पास करोड़ों रुपये बकाया है। कुरुक्षेत्र सर्कल की बात करें तो 44 हजार 266 कनेक्शनों पर आज भी 3902 लाख रुपये की रिकवरी आज भी पेंडिंग है।
सरकारी विभागों पर भी जिले भर में 518 लाख रुपये की बकाया राशि पेंडिंग हैं।
सरकारी विभागों पर 518 करोड़ बकाया
बिजली निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकारी विभागों पर करीब 518 लाख रुपये का बकाया है। जो उन्होंने बिजली निगम को देना है।
विभागीय सूत्रों की मानें, नगर परिषद थानेसर पर ही निगम का 119.19 लाख रुपये बकाया है। इससे भी ज्यादा डिफॉल्टर अमाउंट विभाग लोक निर्माण विभाग हैं। इस पर निगम का 380.51 लाख रुपये बकाया है। इसके अलावा 11.53 लाख रुपये कुरुक्षेत्र और शाहाबाद बस स्टैंड और अन्य पर 6.57 लाख रुपये निगम का बकाया है।
निगम से मिले आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो कुरुक्षेत्र में सरकारी विभागों पर 248.12 लाख रुपये, शाहाबाद में 117.71 लाख रुपये और पिहोवा में सरकारी विभागों पर 152.47 लाख रुपये बकाया हैं।
निगम के तीन डिविजन में हैं 3902 करोड़ बकाया
विभाग की मानें तो कुरुक्षेत्र सर्कल में पड़ने वाले तीन डिविजनों कुरुक्षेत्र, शाहबाद और पिहोवा में 44,266 कनेक्शन धारकों पर 3902.58 करोड़ रुपये बकाया हैं।
इनमें कुरुक्षेत्र सब डिविजन में 14 हजार 600 कनेक्शन धारकों पर 1384.31 लाख रुपये, शाहाबाद डिविजन में 12275 कनेक्शन धारकों पर 703.26 लाख और पिहोवा सब डिविजन में 17391 कनेक्शन धारकों पर 1815.01 लाख रुपये बकाया है।
कुछ ऐसे समझें आंकड़ों का खेल
कुरुक्षेत्र डिविजन
सब डिविजन कनेक्शन धारक बकाया
सब डिविजन नंबर-1 4226 358,36 लाख रुपये
सब डिविजन नंबर-2 2349 260.15 लाख रुपये
पिपली सब डिविजन 3265 300.69 लाख रुपये
लाडवा सब डिविजन 4125 411.89 लाख रुपये
किरमिच एसडीओ 53.22 53.22 लाख रुपये
शाहाबाद डिविजन
सब डिविजन नंबर -1 3228 258.69 लाख रुपये
सब डिविजन नंबर-2 2367 135.96 लाख रुपये
सबडिविजन अजराना कलां 2678 227.72 लाख रुपये
बाबैन सब डिविजन 4002 81.19 लाख रुपये
पिहोवा सब डिविजन
सब डिविजन (ओपी) 6179 930.46 लाख रुपए
सबअर्बन सब डिविजन 5468 491.83 लाख रुपए
इस्माइलाबाद सब डिविजन 5744 392.72 लाख रुपए
(यह आंकड़े मई माह के अंत तक के हैं।)
बिजली बिलों की बकाया राशि को वसूल करने के लिए विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं। सरकार द्वारा चलाई गई योजना म्हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। विभाग की ओर से बिजली चोरी करने वालों और बिल न भरने वालों के साथ सख्ती से निपटा जा रहा है।
विजेंद्र कुमार, अधीक्षण अभियंता, कुरुक्षेत्र।
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लोगों से लगातार बिजली बिलों को भरने की अपील भी कर रहे हैं। बिजली कंपनियों को घाटे से उबारने के लिए म्हारा गांव जगमग गांव जैसी योजनाएं भी शुरू की हैं।
लेकिन, न केवल ग्रामीण बल्कि शहरी क्षेत्रों के ही नहीं बल्कि सरकारी विभाग भी बिजली का बिल अदा करने में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे में बिजली निगमों का घाटा कैसे पूरा होगा। इसका अंदाजा स्वयं लगाया जा सकता है।
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बिजली निगमों को घाटा पहुंचाने के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार राग अलाप रही है। इसके लिए हाल ही में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कुरुक्षेत्र के दयालपुर गांव से म्हारा गांव जगमग गांव योजना का भी शुभारंभ किया है।
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इसके साथ ही प्रदेशभर के एमएलए और मंत्रियों को गांवों को भी गोद लेने के लिए कई बार कह चुके हैं। लेकिन, हालात ये हैं कि अकेले कुरुक्षेत्र में ही निगम का लोगों के पास करोड़ों रुपये बकाया है। कुरुक्षेत्र सर्कल की बात करें तो 44 हजार 266 कनेक्शनों पर आज भी 3902 लाख रुपये की रिकवरी आज भी पेंडिंग है।
सरकारी विभागों पर भी जिले भर में 518 लाख रुपये की बकाया राशि पेंडिंग हैं।
सरकारी विभागों पर 518 करोड़ बकाया
बिजली निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकारी विभागों पर करीब 518 लाख रुपये का बकाया है। जो उन्होंने बिजली निगम को देना है।
विभागीय सूत्रों की मानें, नगर परिषद थानेसर पर ही निगम का 119.19 लाख रुपये बकाया है। इससे भी ज्यादा डिफॉल्टर अमाउंट विभाग लोक निर्माण विभाग हैं। इस पर निगम का 380.51 लाख रुपये बकाया है। इसके अलावा 11.53 लाख रुपये कुरुक्षेत्र और शाहाबाद बस स्टैंड और अन्य पर 6.57 लाख रुपये निगम का बकाया है।
निगम से मिले आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो कुरुक्षेत्र में सरकारी विभागों पर 248.12 लाख रुपये, शाहाबाद में 117.71 लाख रुपये और पिहोवा में सरकारी विभागों पर 152.47 लाख रुपये बकाया हैं।
निगम के तीन डिविजन में हैं 3902 करोड़ बकाया
विभाग की मानें तो कुरुक्षेत्र सर्कल में पड़ने वाले तीन डिविजनों कुरुक्षेत्र, शाहबाद और पिहोवा में 44,266 कनेक्शन धारकों पर 3902.58 करोड़ रुपये बकाया हैं।
इनमें कुरुक्षेत्र सब डिविजन में 14 हजार 600 कनेक्शन धारकों पर 1384.31 लाख रुपये, शाहाबाद डिविजन में 12275 कनेक्शन धारकों पर 703.26 लाख और पिहोवा सब डिविजन में 17391 कनेक्शन धारकों पर 1815.01 लाख रुपये बकाया है।
कुछ ऐसे समझें आंकड़ों का खेल
कुरुक्षेत्र डिविजन
सब डिविजन कनेक्शन धारक बकाया
सब डिविजन नंबर-1 4226 358,36 लाख रुपये
सब डिविजन नंबर-2 2349 260.15 लाख रुपये
पिपली सब डिविजन 3265 300.69 लाख रुपये
लाडवा सब डिविजन 4125 411.89 लाख रुपये
किरमिच एसडीओ 53.22 53.22 लाख रुपये
शाहाबाद डिविजन
सब डिविजन नंबर -1 3228 258.69 लाख रुपये
सब डिविजन नंबर-2 2367 135.96 लाख रुपये
सबडिविजन अजराना कलां 2678 227.72 लाख रुपये
बाबैन सब डिविजन 4002 81.19 लाख रुपये
पिहोवा सब डिविजन
सब डिविजन (ओपी) 6179 930.46 लाख रुपए
सबअर्बन सब डिविजन 5468 491.83 लाख रुपए
इस्माइलाबाद सब डिविजन 5744 392.72 लाख रुपए
(यह आंकड़े मई माह के अंत तक के हैं।)
बिजली बिलों की बकाया राशि को वसूल करने के लिए विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं। सरकार द्वारा चलाई गई योजना म्हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। विभाग की ओर से बिजली चोरी करने वालों और बिल न भरने वालों के साथ सख्ती से निपटा जा रहा है।
विजेंद्र कुमार, अधीक्षण अभियंता, कुरुक्षेत्र।