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भाई बीमार है, इसलिए मैं पेपर देने आया
ब्यूरो, अमर उजाला/कुरुक्ष्ाेत्र
Updated Tue, 22 Mar 2016 12:20 AM IST
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कुरुक्षेत्र में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में नकल के मामले तो आम बात हैं, अब दूसरे की जगह परीक्षा देने वाले सॉल्वर भी सामने आने लगे हैं। खास बात यह है कि सॉल्वर भी किसी बड़ी परीक्षा में नहीं बल्कि दसवीं कक्षा की परीक्षा में सामने आया है । पकड़ा गया छात्र की जगह परीक्षा देने पकड़ा गया किशोर छात्र का भाई बताया जा रहा है। जब मामला सामने आया तो परीक्षा सेंटर पर हडकंप मच गया। मामला भिवानी बोर्ड तक पहुंचा। सेंटर सुपरिटेंड ने पुलिस को सूचना दी। परीक्षा देने वाले किशोर और छात्र दोनों को पुलिस ने पकड़ भी लिया। लेकिन दोनों ही नाबालिग थे। ऐसे में अब दोनों को कल जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया जाएगा। परीक्षा के तहत सोमवार को कक्षा दसवीं का साइंस का पेपर था। कुरुक्षेत्र के आर्य सीनियर सेकंडरी स्कूल में भी परीक्षा सेंटर बनाया गया है। यहां परीक्षा देने पहुंचे हथिरा गांव निवासी कक्षा दसवीं के छात्र का भी रोल नंबर था। लेकिन छात्र की जगह उसका भाई परीक्षा देने पहुंच गया।
ऐसे आया पकड़ में
डीईओ सुमन आर्य के मुताबिक किसी ने उन्हें मोबाइल पर सूचना दी थी कि छात्र के रोल नंबर पर परीक्षा देने वाला फर्जी है। सूचना मिलने के बाद डीईओ तुरंत आर्य सीनियर सेकंडरी स्कूल पहुंची। यहां सेंटर सुपरिटेंड के साथ परीक्षा हॉल में गए और बताए गए रोल नंबर पर परीक्षा देने वाले छात्र से पूछताछ शुरू की। जब उससे कुछ सवाल किए गए तब वह छात्र घबरा गया और सच्चाई कबूल कर ली।
परिजनों को बुलाया
डीईओ ने बताया कि जब छात्र से पूछताछ की गई तो वह घबरा गया और कई ठीक से जवाब नहीं दे पाया। जब उससे परीक्षा देने की क्यों आया पूछा तो उसने जवाब दिया कि उसका भाई बीमार है, इसलिए वह परीक्षा देने आ गया। इसके बाद छात्र के घर का पता निकाला गया और उसे और उसके परिजनों को स्कूल में बुलाया गया। डीईओ के मुताबिक छात्र के बीमार होने की बात भी सही नहीं है। छात्र को देखकर नहीं लगा कि वह बीमार है। हालांकि यदि बीमार होता भी तो कोई और उसकी जगह परीक्षा नहीं दे सकता।
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पुलिस को सौंपा लेकिन मिला नाबालिग
पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने दोनों छात्रों से पूछताछ की। दसवीं कक्षा के यह दोनों छात्र नाबालिग हैं। ऐसे में पुलिस ने जुवेनाइल एक्ट के तहत कार्रवाई की बात कही। दोनों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया और मंगलवार को जुवेनाइल कोर्ट में दोनों को पेश किया जाएगा।
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ऐसे आया पकड़ में
डीईओ सुमन आर्य के मुताबिक किसी ने उन्हें मोबाइल पर सूचना दी थी कि छात्र के रोल नंबर पर परीक्षा देने वाला फर्जी है। सूचना मिलने के बाद डीईओ तुरंत आर्य सीनियर सेकंडरी स्कूल पहुंची। यहां सेंटर सुपरिटेंड के साथ परीक्षा हॉल में गए और बताए गए रोल नंबर पर परीक्षा देने वाले छात्र से पूछताछ शुरू की। जब उससे कुछ सवाल किए गए तब वह छात्र घबरा गया और सच्चाई कबूल कर ली।
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परिजनों को बुलाया
डीईओ ने बताया कि जब छात्र से पूछताछ की गई तो वह घबरा गया और कई ठीक से जवाब नहीं दे पाया। जब उससे परीक्षा देने की क्यों आया पूछा तो उसने जवाब दिया कि उसका भाई बीमार है, इसलिए वह परीक्षा देने आ गया। इसके बाद छात्र के घर का पता निकाला गया और उसे और उसके परिजनों को स्कूल में बुलाया गया। डीईओ के मुताबिक छात्र के बीमार होने की बात भी सही नहीं है। छात्र को देखकर नहीं लगा कि वह बीमार है। हालांकि यदि बीमार होता भी तो कोई और उसकी जगह परीक्षा नहीं दे सकता।
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पुलिस को सौंपा लेकिन मिला नाबालिग
पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने दोनों छात्रों से पूछताछ की। दसवीं कक्षा के यह दोनों छात्र नाबालिग हैं। ऐसे में पुलिस ने जुवेनाइल एक्ट के तहत कार्रवाई की बात कही। दोनों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया और मंगलवार को जुवेनाइल कोर्ट में दोनों को पेश किया जाएगा।