मां-बेटी ने लगाई नहर में छलांग, लोगों ने बचाया
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शहर की विष्णु कालोनी निवासी मां-बेटी ने वीरवार सुबह गांव ज्योतिसर के निकट संदिग्ध परिस्थितियों में भाखड़ा नहर में छलांग लगा दी। गनीमत रही कि वहां पर सैर कर रहे लोगों की नजर उन पर पड़ गई और उन्होंने मां-बेटी को बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। लोगों ने काफी मशक्कत के बाद मां-बेटी को बाहर निकाल लिया। 102 नंबर पर सूचना देने के बाद सरकारी अस्पताल से आई एंबुलेंस से मां-बेटी को अस्पताल भेजा गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि मां-बेटी ने घरेलू कलह की वजह से ऐसा कदम उठाया। हालांकि यह बात भी सामने आ रही है कि पूजन सामग्री डालने के दौरान पैर फिसलने से मां नहर में गिरी तो बेटी उसे बचाने के लिए कूदी।
महिला ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वे दोनों अपने घर से ऑटो में ज्योतिसर जाने के लिए आए थे। वे भाखड़ा नहर के पास उतर गई और मौक देखकर कूद गई। राहगीरों ने उनको कूदते देखकर नहर में छलांग लगा दी और उनको बचा लिया। सरकारी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र शैली ममगाईं ने बताया कि जब 49 वर्षीय महिला और उनकी 22 वर्षीय बेटी अस्पताल आईं तो उन्हें होश था और इनके पेट व लीवर में पानी नहीं पहुंच सका था। दोनों का चेकअप कर लिया गया है और अब हालत ठीक है। पुलिस ने फिलहाल इस संबंध में मामला दर्ज नहीं किया है।
परिजनों ने लगाया डाक्टरों पर आरोप
परिजनों ने अस्पताल के डाक्टरों पर उपचार में ढिलाई का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी रमेश गुलिया मौके पर पहुंचे और दोनों मां बेटी से पूछताछ की। इलाज के बाद दोनों खुद को स्वस्थ बताते हुए घर चलीं गईं। जानकारी के अनुसार महिला के पति की शहर में मनियारे की दुकान है।
वर्जन
दो महिलाओं ने नहर में छलांग लगाने की सूचना पर तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहगीरों की मदद से मां-बेटी को निकाल कर सरकारी अस्पताल भिजवाया। मां-बेटी नहर में गिरीं या उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया, पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है।
जयकिशन, चौकी इंचार्ज ज्योतिसर