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साहब! बच्चे हिरासत में है, पुलिस और छात्रा के परिजनों से बचाओ
Updated Thu, 18 Jan 2018 01:05 AM IST
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साहब! बच्चे हिरासत में है, पुलिस और छात्रा के परिजनों से बचाओ
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
पुलिस हमारे निर्दोष नाबालिग बच्चों को हिरासत में चुकी है और बुजुर्गों को परेशान किया जा रहा है। पुलिस के डर से हमें अपने घर तक छोड़ने पड़ रहे है। हमें पुलिस का भी डर है तो मृतक छात्रा के परिजनों से भी। यह आरोप पुलिस द्वारा गांव झांसा निवासी छात्रा के रेप और हत्या के आरोपी गांववासी 12वीं कक्षा के छात्र गुलशन के परिजनों ने लगाए। वह गुलशन का शव मिलने के बाद भड़क उठे और सड़क पर उतरकर बचाव की गुहार लगाई। बाद में एडीजीपी आरसी मिश्रा के आश्वासन पर ही छात्र के परिजन शांत हुए।
सुबह ही ये परिजन और ग्रामीण एसपी कार्यालय पर पहुंच गए थे। वहां उन्होंने करीब तीन घंटे तक धरना दिया। बाहर मृतक छात्र के परिजन अपना रोष जाहिर करते रहे तो एसपी कार्यालय में एडीजीपी आरसी मिश्रा एसपी से मामले की जानकारी लेते रहे। बाद में एडीजीपी के आश्वासन पर परिजन और ग्रामीण धरना खत्म करने के लिए सहमत हुए। इसके बाद ही पुलिस ने राहत की सांस ली।
भड़के परिजनों को देखते हुए भारी पुलिस बल डीएसपी राज सिंह के मौजूदगी में तैनात रहा। इस दौरान प्रशासन की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार ईश्वर सिंह कंबोज भी मौजूद रहे। बता दें कि छात्रा की हत्या के मामले में पुलिस जांच का केंद्र रहा 12वीं कक्षा का छात्र गुलशन भी गायब था। मंगलवार को देर रात को बुढ़ेड़ा हेड पर एसवाईएल नरवाना ब्रांच नहर से उसका क्षत विक्षत शव मिला था। इसकी जानकारी होते ही परिजन भड़क गए। परिजनों ने मौके पर पहुंच उसकी शिनाख्त की। पुलिस ने रात को पोस्टमार्टम के लिए शव को एलएनजेपी सिविल अस्पताल रखवा दिया। लेकिन, सुबह उसे पोस्टमार्टम के लिए खानपुर कलां स्थित मेडिकल कॉलेज भेज दिया। इसके साथ ही मृतक छात्र के परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण रोष व्यक्त करने के लिए गांव की महिला सरपंच के पति पुनीत मल, जिप सदस्य सुरेंद्र माजरी, अजय राणा, रमेश, अजय, दिनेश के साथ एसपी कार्यालय पहुंच गए। वहां दो दौर की वार्ता और एडीजीपी के आश्वासन के बाद ही वह शांत हो गए।
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बॉक्स
परिजन बोले, हत्या कर फेंका गया गुलशन का शव
गुलशन के शव पर जो कपड़े मिले है, वह भी उसके नहीं थे। उसकी हत्या की गई है और इसके पीछे बड़ी साजिश हो सकती है। इसकी भी सीबीआई जांच होनी चाहिए।
परिजन बोले, कौन करेगा शव का अंतिम संस्कार
मृतक गुलशन के परिजनों और अन्य ग्रामीणों ने एसपी से पहली बार मुलाकात करने के बाद मीडिया से कहा कि गुलशन के पिता जसविंद्र, दो भाइयों गौरव और सागर सहित पुलिस ने करीब दर्जन भर नाबालिग बच्चों को हिरासत में लिया हुआ है। गुलशन के घर पर पिछले दो दिनों से ताला लटका है। उसकी मां कहां है, यह भी पता नहीं है। ऐसे में गुलशन के शव का संस्कार करने वाला भी कोई नहीं है। पुलिस बुजुर्गों को भी हिरासत में लेने के लिए दबिश दे रही है। हालात यह है कि वे अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं। यहां तक कि मृतक की करीब 70 वर्षीय दादी शमशेरो देवी को भी पुलिस ने हिरासत में लेने का प्रयास किया था, लेकिन आसपास के लोगों ने इसका विरोध किया।
एसपी से मिलने आई मृतक की दादी हुई बेहोश
एसपी से मिलने आए मृतक गुलशन के परिजनों और ग्रामीणों के साथ उसकी करीब 70 वर्षीय दादी भी पहुंची। बिलखते हुए अपने परिवार को बचाने की गुहार लगाने लगीं। इस दौरान वह बेहोश हो गईं। अन्य परिजनों ने उन्हें संभाला और पानी पिलाकर होश में लाया। करीब तीन घंटे तक धरने के दौरान वह भी वहीं पर लेटी रहीं। बाद में उनकी ओर से ही एसपी के नाम एडीजीपी को सौंपी शिकायत में गुहार लगाई गई कि गुलशन और छात्रा की हत्या की निष्पक्ष जांच की जाए। नाजायज रूप से पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए परिवार के सभी सदस्यों को रिहा किया जाए।
गुलशन की मां को ढूंढो
धरने के दौरान मृतक गुलशन की मां को ढूंढे जाने की मांग भी की गई। चाची मधु ने बताया कि वह दो दिनों से अचानक गायब हो गई हैं। उनका कोई पता नहीं चल रहा। न ही पुलिस कुछ बता रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस को उसे भी ढूंढना चाहिए।
परिजनों को है जान का खतरा : कृष्ण लाल
मृतक गुलशन के रिश्तेदार कृष्ण लाल ने आरोप लगाया कि गुलशन की हत्या कर शव को नहर में फेंका गया है। अब उनके परिवार को भी खतरा है। वह भी अपने घर पर नहीं रहना चाहता। पुलिस को उन्हें सुरक्षा देनी चाहिए। गांववासी ही बलविंद्र ने बताया कि पुलिस ने गुलशन के साथ पढ़ने वाले करीब दर्जन भर नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया हुआ है। उनका कोई कुसूर भी नहीं है। इनमें उसका 17 वर्षीय बेटा सागर भी शामिल है।
जल्द होगी सच्चाई उजागर, पुख्ता सुबूत होंगे तभी लिए जाएंगे हिरासत में : एडीजीपी
मामले की जांच के लिए पहुंचे एडीजीपी आरसी मिश्रा ने एसपी कार्यालय पर ही रोष जता रहे लोगों को आश्वासन दिया और मीडिया से कहा कि पुलिस मामले की जांच में जुटी है। ऐसे मामलों की जांच में समय लग जाता है। जल्द ही सच्चाई सामने ला दी जाएगी। इसके लिए पुलिस कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस सुबूत के किसी को भी हिरासत में नहीं लिया जाएगा। बेकसूर लोगों को हिरासत से छोड़ दिया जाएगा।
पोस्टमार्टम की मिले वीडियोग्राफी औा एक्सरे रिपोर्ट : पुनीत
गांव की महिला सरपंच के पति पुनीत मल का कहना है कि सभी लोगों ने एसपी से मांग की है कि गुलशन के शव की वीडियोग्राफी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोटो उन्हें दी जाएं, ताकि परिजनों को संतुष्टि मिल सके। यह सभी देने के लिए एसपी ने उन्हें आश्वासन दिया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
पुलिस हमारे निर्दोष नाबालिग बच्चों को हिरासत में चुकी है और बुजुर्गों को परेशान किया जा रहा है। पुलिस के डर से हमें अपने घर तक छोड़ने पड़ रहे है। हमें पुलिस का भी डर है तो मृतक छात्रा के परिजनों से भी। यह आरोप पुलिस द्वारा गांव झांसा निवासी छात्रा के रेप और हत्या के आरोपी गांववासी 12वीं कक्षा के छात्र गुलशन के परिजनों ने लगाए। वह गुलशन का शव मिलने के बाद भड़क उठे और सड़क पर उतरकर बचाव की गुहार लगाई। बाद में एडीजीपी आरसी मिश्रा के आश्वासन पर ही छात्र के परिजन शांत हुए।
सुबह ही ये परिजन और ग्रामीण एसपी कार्यालय पर पहुंच गए थे। वहां उन्होंने करीब तीन घंटे तक धरना दिया। बाहर मृतक छात्र के परिजन अपना रोष जाहिर करते रहे तो एसपी कार्यालय में एडीजीपी आरसी मिश्रा एसपी से मामले की जानकारी लेते रहे। बाद में एडीजीपी के आश्वासन पर परिजन और ग्रामीण धरना खत्म करने के लिए सहमत हुए। इसके बाद ही पुलिस ने राहत की सांस ली।
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भड़के परिजनों को देखते हुए भारी पुलिस बल डीएसपी राज सिंह के मौजूदगी में तैनात रहा। इस दौरान प्रशासन की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार ईश्वर सिंह कंबोज भी मौजूद रहे। बता दें कि छात्रा की हत्या के मामले में पुलिस जांच का केंद्र रहा 12वीं कक्षा का छात्र गुलशन भी गायब था। मंगलवार को देर रात को बुढ़ेड़ा हेड पर एसवाईएल नरवाना ब्रांच नहर से उसका क्षत विक्षत शव मिला था। इसकी जानकारी होते ही परिजन भड़क गए। परिजनों ने मौके पर पहुंच उसकी शिनाख्त की। पुलिस ने रात को पोस्टमार्टम के लिए शव को एलएनजेपी सिविल अस्पताल रखवा दिया। लेकिन, सुबह उसे पोस्टमार्टम के लिए खानपुर कलां स्थित मेडिकल कॉलेज भेज दिया। इसके साथ ही मृतक छात्र के परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण रोष व्यक्त करने के लिए गांव की महिला सरपंच के पति पुनीत मल, जिप सदस्य सुरेंद्र माजरी, अजय राणा, रमेश, अजय, दिनेश के साथ एसपी कार्यालय पहुंच गए। वहां दो दौर की वार्ता और एडीजीपी के आश्वासन के बाद ही वह शांत हो गए।
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परिजन बोले, हत्या कर फेंका गया गुलशन का शव
गुलशन के शव पर जो कपड़े मिले है, वह भी उसके नहीं थे। उसकी हत्या की गई है और इसके पीछे बड़ी साजिश हो सकती है। इसकी भी सीबीआई जांच होनी चाहिए।
परिजन बोले, कौन करेगा शव का अंतिम संस्कार
मृतक गुलशन के परिजनों और अन्य ग्रामीणों ने एसपी से पहली बार मुलाकात करने के बाद मीडिया से कहा कि गुलशन के पिता जसविंद्र, दो भाइयों गौरव और सागर सहित पुलिस ने करीब दर्जन भर नाबालिग बच्चों को हिरासत में लिया हुआ है। गुलशन के घर पर पिछले दो दिनों से ताला लटका है। उसकी मां कहां है, यह भी पता नहीं है। ऐसे में गुलशन के शव का संस्कार करने वाला भी कोई नहीं है। पुलिस बुजुर्गों को भी हिरासत में लेने के लिए दबिश दे रही है। हालात यह है कि वे अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं। यहां तक कि मृतक की करीब 70 वर्षीय दादी शमशेरो देवी को भी पुलिस ने हिरासत में लेने का प्रयास किया था, लेकिन आसपास के लोगों ने इसका विरोध किया।
एसपी से मिलने आई मृतक की दादी हुई बेहोश
एसपी से मिलने आए मृतक गुलशन के परिजनों और ग्रामीणों के साथ उसकी करीब 70 वर्षीय दादी भी पहुंची। बिलखते हुए अपने परिवार को बचाने की गुहार लगाने लगीं। इस दौरान वह बेहोश हो गईं। अन्य परिजनों ने उन्हें संभाला और पानी पिलाकर होश में लाया। करीब तीन घंटे तक धरने के दौरान वह भी वहीं पर लेटी रहीं। बाद में उनकी ओर से ही एसपी के नाम एडीजीपी को सौंपी शिकायत में गुहार लगाई गई कि गुलशन और छात्रा की हत्या की निष्पक्ष जांच की जाए। नाजायज रूप से पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए परिवार के सभी सदस्यों को रिहा किया जाए।
गुलशन की मां को ढूंढो
धरने के दौरान मृतक गुलशन की मां को ढूंढे जाने की मांग भी की गई। चाची मधु ने बताया कि वह दो दिनों से अचानक गायब हो गई हैं। उनका कोई पता नहीं चल रहा। न ही पुलिस कुछ बता रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस को उसे भी ढूंढना चाहिए।
परिजनों को है जान का खतरा : कृष्ण लाल
मृतक गुलशन के रिश्तेदार कृष्ण लाल ने आरोप लगाया कि गुलशन की हत्या कर शव को नहर में फेंका गया है। अब उनके परिवार को भी खतरा है। वह भी अपने घर पर नहीं रहना चाहता। पुलिस को उन्हें सुरक्षा देनी चाहिए। गांववासी ही बलविंद्र ने बताया कि पुलिस ने गुलशन के साथ पढ़ने वाले करीब दर्जन भर नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया हुआ है। उनका कोई कुसूर भी नहीं है। इनमें उसका 17 वर्षीय बेटा सागर भी शामिल है।
जल्द होगी सच्चाई उजागर, पुख्ता सुबूत होंगे तभी लिए जाएंगे हिरासत में : एडीजीपी
मामले की जांच के लिए पहुंचे एडीजीपी आरसी मिश्रा ने एसपी कार्यालय पर ही रोष जता रहे लोगों को आश्वासन दिया और मीडिया से कहा कि पुलिस मामले की जांच में जुटी है। ऐसे मामलों की जांच में समय लग जाता है। जल्द ही सच्चाई सामने ला दी जाएगी। इसके लिए पुलिस कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस सुबूत के किसी को भी हिरासत में नहीं लिया जाएगा। बेकसूर लोगों को हिरासत से छोड़ दिया जाएगा।
पोस्टमार्टम की मिले वीडियोग्राफी औा एक्सरे रिपोर्ट : पुनीत
गांव की महिला सरपंच के पति पुनीत मल का कहना है कि सभी लोगों ने एसपी से मांग की है कि गुलशन के शव की वीडियोग्राफी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोटो उन्हें दी जाएं, ताकि परिजनों को संतुष्टि मिल सके। यह सभी देने के लिए एसपी ने उन्हें आश्वासन दिया है।