{"_id":"5bf9a53ebdec22414c6436de","slug":"171543087422-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एलएनजेपी अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात बच्ची के झुलसने के मामले में शनिवार को भी नहीं हो सकी जांच","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एलएनजेपी अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात बच्ची के झुलसने के मामले में शनिवार को भी नहीं हो सकी जांच
Updated Sun, 25 Nov 2018 01:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी सिविल अस्पताल में वीरवार को स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट में झुलसी नवजात बच्ची की हालत में पहले से कुछ सुधार जरूर आया है। नवजात बच्ची वीरवार से ही चंडीगढ़ पीजीआई में उपचाराधीन है। इधर, इस मामले में शनिवार को भी जांच शुरू नहीं हो सकी।
शनिवार को सिविल सर्जन के निर्देशानुसार गठित कमेटी भी जांच करने के लिए अस्पताल नहीं पहुंची और न ही स्पेशल इंजीनियर्स की टीम पहुंची। वहीं शनिवार को थर्ड गेट चौकी पुलिस घटना स्थल का मुआयना करने व घटना के दौरान मौजूद एसएनसीयू स्टाफ के बयान दर्ज करने लिए गई। लेकिन उस दौरान स्टाफ के सदस्य मौजूद नहीं थे। वहीं अस्पताल प्रशासन द्वारा बरती जा रही देरी को लेकर नवजात बच्ची के परिजनों में रोष है। परिजनों का आरोप है कि हादसा चिकित्सकों की लापरवाही की वजह से हुआ है। उनका कहना है कि पीजीआई चिकित्सकों के अनुसार इनक्यूबेटर में रखी नवजात बच्ची को जरूरत से ज्यादा हीट दी गई है, जिसकी वजह से बच्ची झुलसी है। बता दें कि वीरवार को एलएनजेपी अस्पताल के एसएनसीयू में ऑक्सीजन देने के लिए इनक्यूबेटर में रखी चार दिन की नवजात बच्ची अचानक आग की चपेट में आने की वजह से झुलस गई थी। इसके कारणों का पता लगाने के लिए सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह के निर्देशानुसार एक कमेटी का गठन किया गया था, जिसमें चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनजीत सिंह, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अनुपमा सिंह व डॉ. योगेंद्र शामिल हैं। लेकिन कमेटी ने शनिवार को भी घटनास्थल का मुआयना नहीं किया।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी सिविल अस्पताल में वीरवार को स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट में झुलसी नवजात बच्ची की हालत में पहले से कुछ सुधार जरूर आया है। नवजात बच्ची वीरवार से ही चंडीगढ़ पीजीआई में उपचाराधीन है। इधर, इस मामले में शनिवार को भी जांच शुरू नहीं हो सकी।
शनिवार को सिविल सर्जन के निर्देशानुसार गठित कमेटी भी जांच करने के लिए अस्पताल नहीं पहुंची और न ही स्पेशल इंजीनियर्स की टीम पहुंची। वहीं शनिवार को थर्ड गेट चौकी पुलिस घटना स्थल का मुआयना करने व घटना के दौरान मौजूद एसएनसीयू स्टाफ के बयान दर्ज करने लिए गई। लेकिन उस दौरान स्टाफ के सदस्य मौजूद नहीं थे। वहीं अस्पताल प्रशासन द्वारा बरती जा रही देरी को लेकर नवजात बच्ची के परिजनों में रोष है। परिजनों का आरोप है कि हादसा चिकित्सकों की लापरवाही की वजह से हुआ है। उनका कहना है कि पीजीआई चिकित्सकों के अनुसार इनक्यूबेटर में रखी नवजात बच्ची को जरूरत से ज्यादा हीट दी गई है, जिसकी वजह से बच्ची झुलसी है। बता दें कि वीरवार को एलएनजेपी अस्पताल के एसएनसीयू में ऑक्सीजन देने के लिए इनक्यूबेटर में रखी चार दिन की नवजात बच्ची अचानक आग की चपेट में आने की वजह से झुलस गई थी। इसके कारणों का पता लगाने के लिए सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह के निर्देशानुसार एक कमेटी का गठन किया गया था, जिसमें चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनजीत सिंह, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अनुपमा सिंह व डॉ. योगेंद्र शामिल हैं। लेकिन कमेटी ने शनिवार को भी घटनास्थल का मुआयना नहीं किया।
विज्ञापन