फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   ग्रामीणों ने श्मशान के गेट पर जड़ा ताला, नहीं होने दिया छात्र के शव का अंतिम संस्कार

ग्रामीणों ने श्मशान के गेट पर जड़ा ताला, नहीं होने दिया छात्र के शव का अंतिम संस्कार

Thu, 18 Jan 2018 01:05 AM IST
Updated Thu, 18 Jan 2018 01:05 AM IST
विज्ञापन
ग्रामीणों ने श्मशान के गेट पर जड़ा ताला, नहीं होने दिया छात्र के शव का अंतिम संस्कार
रेप और हत्या के संदिग्ध आरोपी का शव पहुंचा गांव तो परिजनों ने श्मशान घाट पर जड़ दिया ताला, मांगें मानने पर किया संस्कार
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
इस्माईलाबाद।
गांव झांसा की छात्रा की निर्मम हत्या के बाद उसके साथ गुम हुए लड़के का शव बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद देर सायं गांव में पहुंचा। शव आने की सूचना मिलते ही ग्रामीण ग्रामीण छात्र को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंच गए। तनाव को देखते हुए पुलिस बल भी गांव पहुंच गया। पुलिस मृतक छात्र के शव को अपने संरक्षण में अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान में ले जाने लगी तो ग्रामीण महिलाओं ने पुलिस का रास्ता रोक लिया और श्मशान के गेट पर ताला जड़ दिया। यहां तक के शव को एंबुलेंस से भी नहीं उतरने दिया। महिलाएं पहले मामले की जांच के लिए हिरासत में लिए गए सात बच्चों को लौटाने की मांग करने लगीं। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस और प्रशासन ने ग्रामीणों की तीन मांगें मान लीं। इसके बाद करीब 10:30 बजे परिजनों ने छात्र के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

इससे पहले ग्रामीणों का आक्रोश देख पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। इसकी सूचना मिलते ही छात्र का अंतिम संस्कार कराने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट बीडीपीओ इस्माईलाबाद राजबीर सिंह, डीएसपी पिहोवा धीरज कुमार, डीएसपी गुरमेल सिंह, लाडवा के विधायक पवन सैनी, जिप सदस्य सुरेंद्र माजरी, सरपंच के पति पुनीत मल, पूर्व सरपंच राजपाल, थाना प्रभारी इस्माईलाबाद दिनेश चौहान आदि मौके पर पहुंच गए। देर रात दस बजे तक ग्रामीण शव का अंतिम संस्कार नहीं करने की अपनी बात पर अड़े हुए थे। गांव के निवासियों के अपनी बात पर अड़े रहने पर थाना प्रभारी दलीप कुमार ने ग्रामीणों को आश्वासन देना शुरू कर दिया कि थोड़ी देर में बच्चे गांव पहुंचने वाले हैं। लेकिन, गुस्साए ग्रामीणों और महिलाओं ने उनकी बात नहीं सुनी। ग्रामीणों का कहना है कि हत्यारा कोई अन्य है और पुलिस बेवजह नाबालिग बच्चों को परेशान कर रही है। ग्रामीणों ने दावा किया कि नाबालिग बच्चों को यातनाएं दी जा रही हैं, जोकि बिल्कुल गलत है। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए श्मशान घाट के गेट पर ताला जड़ दिया। ग्रामीणों के आक्रोश और श्मशान गेट पर ताला जड़ने के बाद अधिकारियों ने गांव में पुलिस बल बढ़ा दिया। देखते ही देखते गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। समाचार लिखे जाने तक परिजन एवं ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और शव का संस्कार नहीं होने दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed