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शोध के लिए सांख्यिकीय परीक्षणों का सही अनुप्रयोग आवश्यक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Apr 2022 01:33 AM IST
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Correct application of statistical tests is essential for research, Kurukshetra
कार्यशाला को संबोधित करती प्रोफेसर डॉ. अर्चना चौधरी। संवाद - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग एवं एलुमनी एसोसिएशन की ओर से पांच दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला में डीन सोशल साइंस प्रोफेसर दर्शन सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने आंकड़ा विश्लेषण के लिए सांख्यिकीय उपकरणों का अनुप्रयोग विषय को प्रासंगिक बताया। साथ ही वर्तमान समय में विद्यार्थी एवं शोधार्थियों के लिए इसके महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि एक अध्ययन को सफलतापूर्वक संपन्न करने में शामिल सांख्यिकीय विधियों में योजना बनाना, डिजाइन करना, डेटा एकत्र करना, विश्लेषण करना, सार्थक व्याख्या करना और शोध निष्कर्षों की रिपोर्टिंग शामिल है। उन्होंने कहा कि सांख्यिकीय विश्लेषण अर्थहीन संख्याओं को अर्थ देता है, लेकिन सही परिणाम और निष्कर्ष के लिए उचित सांख्यिकीय परीक्षणों का उपयोग किया जाना अत्यंत जरूरी है।
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प्रो. सिंह ने कहा कि एक शोधकर्ता को शोध करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय दृष्टिकोण से परिचित होना चाहिए। उच्च गुणवत्तापूर्ण एवं सफलतम शोध के लिए उचित सांख्यिकीय समझ और सांख्यिकीय परीक्षणों का सही अनुप्रयोग आवश्यक है। डीम्ड विश्वविद्यालय थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी पटियाला, पंजाब से आए विशेषज्ञ प्रोफेसर रूद्र रामेश्वर ने भी व्याख्यान दिया। कार्यशाला की कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर डॉ. अर्चना चौधरी ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों की कुशलता में वृद्धि करना एवं उन्हें और अधिक रोजगार उन्मुख एवं कुशल बनाना है।
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कार्यशाला के पहले दो सत्रों में डॉ. रुद्रा रामेश्वर ने आंकड़ों के प्रकार, डाटा एंट्री तथा विभिन्न प्रकार के ग्राफ एवं आंकड़ा प्रस्तुतीकरण की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला के तीसरे एवं चौथे सत्र में जीवीएम गर्ल्स कॉलेज सोनीपत के वाणिज्य विभाग की प्रोफेसर डॉ. आशा चावला रिसोर्स पर्सन ने एक उचित सांख्यिकीय परीक्षण चयन की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार चौहान, प्रो. संजीव बंसल, डॉ. प्रिया शर्मा, डॉ. मनोज कुमार, वसुधा, वैभव, डॉ. मोनिका मिगलानी, डॉ. इशू गर्ग आदि मौजूद रहे।
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