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चैत्र चौदस मेले में जाम और पार्किंग व्यवस्था लेगी प्रशासन की कड़ी परीक्षा

Tue, 21 Mar 2017 11:43 PM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला Updated Tue, 21 Mar 2017 11:43 PM IST
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Chattra Chaudhry fair will take jam and parking arrangements, tough examination of administration
सुशील - फोटो : अमर उजाला

पितृ तपर्ण के लिए प्रसिद्ध पिहोवा चैत्र चौदस मेला 26 मार्च से शुरू होने जा रहा है। जिसमें आने वाले लाखों श्रद्धालु अपने पित्तरों के निमित्त सरस्वती तीर्थ पर पिंडदान करने के लिए पहुंचेंगे। जिसके लिए प्रशासन की ओर मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाने के दावे किए जा रहे है। ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी समस्या का सामना ना करना पड़े। लेकिन मेले क्षेत्र में लगने वाला जाम और पार्किंग की व्यवस्था इस बार भी प्रशासन का कड़ा इम्तहान लेगी।

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हालांकि प्रशासन बेहतरीन व्यवस्था का दम भर रहा है। लेकिन हर साल मेले क्षेत्र में लगने वाला जाम प्रशासन पर भारी पड़ता है। जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पिहोवा डीएसपी शीतल सिंह धारीवाल ने बताया कि मेले में जाम व पार्किंग की समस्या काफी ज्यादा होती है। लेकिन इस बार इस समस्या से निपटने के लिए मेले क्षेत्र को 8 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर का इंचार्ज इंस्पेक्टर रैंक का अधिकारी होगा। वहीं सरस्वती तीर्थ पर महिला घाट को एक सेक्टर का रुप दिया गया है। जिसकी इंचार्ज महिला इंस्पेक्टर होगी। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन की ओर शहर में मेले के लिए 18 शहर के अंदर व 10 शहर से बाहर नाके लगाए जाएंगे। वहीं 5 पार्किंग स्थल शहर की ओर आने वाले रोड पर मेले क्षेत्र से दूर बनाए जाएंगे। बिना पास के किसी भी वाहन को मेले क्षेत्र में घुसने नहीं दिया जाएगा।
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5 फायर बिग्रेड की गाडियां, 9 एंबुलेंस रहेंगी मौजूद
वर्ष 2014 चैत्र चौदस मेले में सरस्वती सरोवर में डूबने से 27 साल के परमजीत की मौत हुई थी। जिसे सरकारी अस्पताल तक ले जाने के लिए एंबुलेंस को काफी समय लग गया था। ऐसे में यदि मेले के दौरान इस प्रकार का कोई दुर्घटना हुई है तो उसमें प्रशासन की कड़ी परीक्षा होगी। हालांकि प्रशासन ने इससे निपटने के लिए एक पुख्ता  इंतजाम करने का दावा किया है। प्रशासन की ओर मेले क्षेत्र में 5 फायर बिग्रेड की गाड़ियां, 9 एंबुलेंस सहित मेडिकल व गोताखोर की टीमें मौजूद रहेंगी। डीएसपी शीतल सिंह ने बताया किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस के 700 जवान तैयार है। यदि इस प्रकार की कोई दुर्घटना होती है तो उसके लिए एक आपात मार्ग की व्यवस्था भी की गई है। जो कि माता बाला सुंदरी मंदिर के पास से होते हुए थाना पिहोवा और सरकारी अस्पताल की ओर निकलेगा।
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मेले क्षेत्र में सड़क से पीछे होगी दुकानें: सुशील      
मेले के दौरान मेले क्षेत्र में भीड़ का आलम रहता है। खरीददारी के दौरान रास्तों पर भीड़ जमा हो जाती है। जिससे आने जाने वाले लोगों को चलने तक में परेशानी होती है। नपा सचिव सुशील कुमार ने बताया कि इस बार मेन बाजार से सरस्वती तीर्थ तक सड़क पर कोई भी दुकान नहीं लगेंगी। इसके लिए ठेकेदार को सख्त हिदायतें दी गई है। वहीं जो भी दुकानें लगेगी वो सड़क से काफी पीछे होगी। ताकि आने जाने वाले लोगों को परेशानी ना हो। वहीं श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए धर्मशाला और सरकारी भवनों में व्यवस्था की गई है।


प्रशासन के पास नहीं मुक्मल जगह: योगेश      
ठेकेदार योगेश कुमार ने बताया कि प्रशासन के पास मेले में लगनी वाली दुकानों के लिए कोई मुक्मल जगह नहीं है। जहां पर दुकानें लग सके। प्रशासन को चाहिए कि दुकानों के लिए उपायुक्त जगह उपलब्ध करवाएं। उन्होंने बताया कि मेले में लगने वाली दुकान का रेट अलग है। जमीन पर फड्डी का रेट 100 रुपये, टी-स्टाल का रेट 250 रुपये और ढाबे का रेट 500 रुपये है।

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