शिष्य को मिला पुरस्कार तो कोच हुए गदगद
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अर्जुन अवार्डी ओलंपियन हाकी खिलाड़ी रानी रामपाल को अब तक जो टीस थी वो रविवार को राजभवन में भीम अवार्ड लेने के बाद दूर हो गई। चंडीगढ़ राजभवन में राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी से भीम अवार्ड लेने के बाद शाहाबाद अपने घर पहुंचीं रानी ने इस खुशी का इजहार किया। यहां बता दें देश का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का अर्जुन अवार्ड उन्हें पहले ही मिल चुका है। रानी रविवार सुबह चंडीगढ़ पहुंची थी, जहां उन्हें राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने प्रशस्तिपत्र, भीम की प्रतिमा तथा पांच लाख रुपये की नकद राशि से पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि अर्जुन अवार्ड के मिलने के बाद उसे यह टीस थी कि अभी तक प्रदेश का भीम अवार्ड नहीं मिला। यह अवार्ड मिलने से उसकी टीस दूर हुई है।
बता दें कि रानी रामपाल ने पांचवीं कक्षा में पढ़ते हुए कोच बलदेव सिंह से प्रशिक्षण लेना शुरू किया और मात्र 13 वर्ष की आयु में भारतीय महिला हाकी टीम का प्रतिनिधित्व करना शुरू कर दिया था। रानी ने इतने मैचों में अपनी विलक्षण प्रतिभा का लोहा मनवाया कि रानी को वर्ल्ड की बेस्ट इलेवन में शामिल कर लिया गया। जर्मनी में संपन्न हुए जूनियर हॉकी के वर्ल्ड कप में विजेता गोल करके भारतीय टीम को जीत दिलाने वाली विश्व प्रसिद्ध खिलाड़ी रानी रामपाल अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में अनेकों बार बेस्ट खिलाड़ी चुनी जा चुकी है। कोच बलदेव सिंह ने रानी की इस उपलब्धि पर खुशी का इजहार किया है। कोच ने कहा कि खेलते हुए गेंद को स्टिक पर चिपकाए रखने की महारत, पलक झपकते ही गेंद को गोल पोस्ट में डाल देना, डिफेंस को रौंदते जाना और भागते हुए हवा से बातें करना और स्टिक, हाकी व शरीर में गजब का संतुलन आदि रानी के खेल प्रतिभा का ही कमाल हैं।
अवार्ड हासिल लेने के बाद शाम को गांव पहुंचे पंकज
जिले के गांव मिर्जापुर वासी पंकज भी उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्हें राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने प्रशस्तिपत्र, भीम की प्रतिमा तथा पांच लाख रुपये की नकद राशि से पुरस्कृत किया है। राजभवन में आयोजित इस अवार्ड समारोह में पंकज अपनी माता रोशनी देवी, किसान पिता बाबूराम, पत्नी शीतल, कोच मधुबन में तैनात एएसआई परमवीर सिंह और पड़ोसी नरेश कुमार के साथ पहुंचे थे। शाम छह बजे अपने गांव मिर्जापुर पहुंचने पर उनका स्वागत सरपंच ने रेखा देवी और उनके पति सुरेंद्र ने किया। परिजनों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने पंकज का मुंह मीठा कराकर इस बधाई एवं आशीर्वाद देते हुए भविष्य के लिए मंगल कामना की।
वहीं कोच परमवीर तथा पंकज के अनुसार वर्ष 2010 में पटियाला में आयोजित सीनियर नेशनल साइकिलिंग चैंपियनशिप में 30 किलोमीटर ट्रैक रेस में गोल्ड, 6 किलोमीटर ट्रैक रेस में सिल्वर अपने नाम किया। वहीं वर्ष 2011 में रांची में हुए नेशनल गेम्स में 120 किलोमीटर रोड रेस में गोल्ड, 15 किलोमीटर ट्रैक रेस में सिल्वर एवं 40 किलोमीटर रोड रेस में ब्रांज पर कब्जा जताया।