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कृषि विशेषज्ञ बोले- कोहरे से आलू और टमाटर की फसल में आ सकता है झुलसा रोग
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agriculture
- फोटो : Kurukshetra
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कुरुक्षेत्र। दो दिनों से दिनभर धुंध व कोहरा छाए रहने से जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है और धुंध के कारण कम हुई दृश्यता से सड़कों पर वाहन रेंगते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं पारा छह डिग्री सेल्सियस तक लुढ़कने से आलू, टमाटर, मटर, शिमला मिर्च, घीया व तोरी की फसलों को काफी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। पूर्व वरिष्ठ सब्जी वैज्ञानिक डा. सीबी सिंह ने हिदायतें दी है कि किसान बढ़ती ठंड और कोहरे से सब्जियों की फसलों का ध्यान रखें, क्योंकि दिनभर धुंध छाए रहने से टमाटर, आलू और मटर की फसल पर फूल व फल नहीं आएगा। ठंड बढ़ोत्तरी के कारण उक्त सब्जियों की वृद्धि रुक जाती है।
उन्होंने कहा कि किसान ठंड से टमाटर, आलू और अन्य फसलों को बचाने के लिए हल्की सिंचाई करें और आलू की फसल में सिंचाई करते हुए कम मात्रा में सल्फर भी डाल सकते हैं। उन्होंने बताया कि टमाटर की खड़ी फसलों में खरपतवारों और कीट नियंत्रण के लिए खरपतवार नाशकों का प्रयोग करते समय किसान विशेष ध्यान रखें कि इस्तेमाल की जाने वाली दवाईयां कृषि अधिकारियों की सिफारिश के अनुसार ही हो और दवा का छिड़काव करते समय किसान खुद खेत में स्प्रे करें या फिर अपनी अपनी देखरेख में उचित घोल की मात्रा बनवाकर ही करवाएं, ताकि फसल की अच्छी पैदावार हो। हालांकि ठंड और धुंध छाए रहने से गेहूं, पालक, मैथी, गाजर और मूली की फसल पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और अच्छी पैदावार होगी। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों हुई ओलावृष्टि के साथ बारिश के बाद ठिठुरन बढ़ी हुई है। रविवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रहा। शीत लहरों ने ठंडक बरकरार रखी। मौसम विभाग अनुसार आगामी कुछ दिन लोगों को ठंड से कुछ हद तक राहत मिलने के आसार हैं। मंगलवार तक मौसम में ऐसे ही ठिठुरन रहने की संभावना जताई जा रही है।
न्यूनतम 10 से 12 डिग्री तापमान में ग्रोथ करती है आलू और टमाटर की फसल
वैज्ञानिकों का कहना है कि ठंड और पाला पड़ने से आलू व टमाटर की फसल पर ज्यादा नुकसान होगा। धुंध के कारण आलू व टमाटर की फसल की ग्रोथ रुक जाती है, क्योंकि आलू व टमाटर में ठंड सहने की क्षमता कम होती है। बताया कि 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक आलू की फसल की अच्छी पैदावार होती है। ठंड के कारण आलू की पत्तियां झुलस जाती हैं और फूल व फल लगता। इसके साथ ही अगर टमाटर के पौधे पर लगा हुआ फल नहीं पकता।
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मटर के फूल व फल बनने हो जाते है बंद, शिमला मिर्च की सिकुड़ जाती है पत्तियां
20 से 25 डिग्री सेल्सियस तापमान मटर की पैदावार के लिए उचित माना जाता है। सब्जी वैज्ञानिकों का कहना है कि ठंड के कारण इन दिनों मटर के पौधे की ग्रोथ रुकी हुई है, क्योंकि धुंध व अधिक ठंड पड़ने के कारण मटर के पौधे पर फूल व फल बनना बंद हो जाता है। इसके अलावा शिमला मिर्च के पौधों की पत्तियां अधिक ठंड होने के कारण सिकुड़ जाती है।
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उन्होंने कहा कि किसान ठंड से टमाटर, आलू और अन्य फसलों को बचाने के लिए हल्की सिंचाई करें और आलू की फसल में सिंचाई करते हुए कम मात्रा में सल्फर भी डाल सकते हैं। उन्होंने बताया कि टमाटर की खड़ी फसलों में खरपतवारों और कीट नियंत्रण के लिए खरपतवार नाशकों का प्रयोग करते समय किसान विशेष ध्यान रखें कि इस्तेमाल की जाने वाली दवाईयां कृषि अधिकारियों की सिफारिश के अनुसार ही हो और दवा का छिड़काव करते समय किसान खुद खेत में स्प्रे करें या फिर अपनी अपनी देखरेख में उचित घोल की मात्रा बनवाकर ही करवाएं, ताकि फसल की अच्छी पैदावार हो। हालांकि ठंड और धुंध छाए रहने से गेहूं, पालक, मैथी, गाजर और मूली की फसल पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और अच्छी पैदावार होगी। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों हुई ओलावृष्टि के साथ बारिश के बाद ठिठुरन बढ़ी हुई है। रविवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रहा। शीत लहरों ने ठंडक बरकरार रखी। मौसम विभाग अनुसार आगामी कुछ दिन लोगों को ठंड से कुछ हद तक राहत मिलने के आसार हैं। मंगलवार तक मौसम में ऐसे ही ठिठुरन रहने की संभावना जताई जा रही है।
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न्यूनतम 10 से 12 डिग्री तापमान में ग्रोथ करती है आलू और टमाटर की फसल
वैज्ञानिकों का कहना है कि ठंड और पाला पड़ने से आलू व टमाटर की फसल पर ज्यादा नुकसान होगा। धुंध के कारण आलू व टमाटर की फसल की ग्रोथ रुक जाती है, क्योंकि आलू व टमाटर में ठंड सहने की क्षमता कम होती है। बताया कि 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक आलू की फसल की अच्छी पैदावार होती है। ठंड के कारण आलू की पत्तियां झुलस जाती हैं और फूल व फल लगता। इसके साथ ही अगर टमाटर के पौधे पर लगा हुआ फल नहीं पकता।
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मटर के फूल व फल बनने हो जाते है बंद, शिमला मिर्च की सिकुड़ जाती है पत्तियां
20 से 25 डिग्री सेल्सियस तापमान मटर की पैदावार के लिए उचित माना जाता है। सब्जी वैज्ञानिकों का कहना है कि ठंड के कारण इन दिनों मटर के पौधे की ग्रोथ रुकी हुई है, क्योंकि धुंध व अधिक ठंड पड़ने के कारण मटर के पौधे पर फूल व फल बनना बंद हो जाता है। इसके अलावा शिमला मिर्च के पौधों की पत्तियां अधिक ठंड होने के कारण सिकुड़ जाती है।