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अवैध निर्माण हटाने गए अधिकारी आपस में ही भिड़े

Thu, 07 Jul 2016 01:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र Updated Thu, 07 Jul 2016 01:32 AM IST
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Action, the officer remove illegal construction loggerheads among themselves, Kurukshetra
आपस में बहस करते अधिकारी - फोटो : Amar Ujala
उमरी रोड पर शिव कालोनी में अवैध निर्माण हटाने गए दो अधिकारी ही आपस में भिड़ गए। अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दे रहे टाउन प्लानर व पुलिस फोर्स लेकर पहुंचे सिटी एसएचओ के बीच जमकर बहस हुई। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों ही अधिकारी एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी-अपनी पॉवर का आईना दिखाने लगे।
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दोनों ने ही एक-दूसरे की शिकायत उच्चाधिकारियों से किए जाने की चेतावनी दी। अधिकारियों के बीच हुई जमकर बहस के चलते जहां अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई लंबे समय तक बाधित रही तो वहीं दोनों ही अधिकारी मौके पर एकत्रित हुए सैकड़ों लोगों के बीच चर्चा का विषय भी बन गए। इस दौरान ड्यूटी मैजिस्ट्रेट भी मूकदर्शक बने रहे।
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टाउन प्लानर रामकुमार बुधवार को लगभग 11 बजे पूरे अम्ले के साथ सर्किट हाउस के समक्ष स्थित शिव कालोनी में बनाए गए अवैध मकानों, दुकानों व बनाई गई नीवं को गिराने के लिए पहुंचे थे। जिनके साथ सिटी एसएचओ मलकीत सिंह भी पुलिस फोर्स लेकर पहुंचे थे जबकि इस दौरान तहसीलदार इश्वर सिंह डयूटी मैजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात रहे।
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अभ4ी कुछ ही कार्रवाई को अंजाम दिया गया था कि भारी संख्या में दुकानदार व मकान मालिक तथा दूसरे लोग एकत्रित हो गए। इन लोगों ने अधिकारियों की इस कार्रवाई का जमकर विरोध किया तो कार्य रुक गया। इस दौरान अधिकारियों को लोगों का गुस्सा भी झेलना पड़ा। मौके पर पार्षद कृष्ण कुमार सहित कई अन्य लोगों ने भी विभाग के अधिकारियों को कागजात दिखाने का  प्रयास किया, लेकिन उन्हें अधिकारियों ने अनदेखा कर दिया। लोगों ने आरोप लगाए कि अधिकारी भेदभाव करते हुए निर्माण ढहाने का कार्य कर रहे है। घंटा भर तक लोगों द्वारा कार्य न करने देने पर टाउन प्लानर व सिटी एसएचओ में बहस हो गई।

जहां लोगों को हटाने के लिए टाउन प्लानर ने एसएचओ को कहा तो एसएचओ ने उन पर ही कार्रवाई में ढील के आरोप लगा दिए। कुछ ही देर में दोनों अधिकारियों के बीच बहस बढ़ गई। जब दोनों अधिकारी शांत हुए तो बाद फिर से कार्रवाई आरंभ की गई और कई दुकानें, मकान गिराने के अलावा कई प्लाटों की बनाई गई नींव व सड़के भी तोड़ दी गई। उधर टाउन प्लॉनर का कहना था कि सभी दुकानदारों व मकान मालिकों को पहले ही नोटिस दिया हुआ था और यह कार्रवाई कई दिनेें तक जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाए कि कार्रवाई के दौरान कई लोगों ने उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया, जिसकी रिकॉर्डिंग भी करवा ली गई है।

टाउन प्लानर ने ही शुरु की बहस : एसएचओ
सीटी थाना प्रभारी मलकित सिंह का कहना है कि कार्रवाई के दौरान रोष जता रहे लोगों को हटाया जा रहा था। लेकिन टाउन प्लॉनर ने ही अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाने की बजाए उनके साथ बहस की। वह उन्हें ही कार्रवाई रुकने का जिम्मेदार ठहराने लगे जबकि पूरी पुलिस फोर्स कानून व्यवस्था को बनाए रखने में जुटी रही। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ अधिकारी द्वारा लोगों के बीच इस प्रकार से बर्ताव नहीं करना चाहिए था। वह अपने उच्चाधिकारियों से उनके व्यवहार से अवगत करवाएंगे।


पुलिस की ढील पड़ रही थी भारी : टाउन प्लॉनर
जिला टाऊन प्लानर रामकुमार का कहना है कि अवैध निर्माण हटाने के दौरान लोग तो ऐतराज जताते ही है। लेकिन लोगों को वहां से हटाए जाने की जिम्मेदारी पुलिस की थी। पुलिस की ढील की वजह से ही कार्रवाई सही नहीं हो पा रही थी और इसी बात से ही उन्होंने एसएचओ को अवगत करवाया था। इस दौरान एसएचओ का व्यवहार सही नही था और वह उच्चाधिकारियों को इस संबंध में पूरी जानकारी देंगे। उनके पास पूरे मामले की रिकार्डिंग मौजूद है।
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