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दो अलग दुर्घटना में एक कांवडिये की मौत, चार घायल, घटना से भड़के कांवडियों ने मेन चौक पर लगाया जाम तो पुलिस ने भांजी लाठियां,
Updated Fri, 21 Jul 2017 12:07 AM IST
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साथी की मौत से गुस्साए कांवड़ियों ने लगाया जाम तो पुलिस ने भांजी लाठियां
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा।
यहां बुधवार की रात दो सड़क हादसों में एक कांवड़िये की मौत हो गई, जबकि चार जख्मी हो गए। इनमें से एक हादसे के बाद कांवड़िये के घायल होने के बाद जब हंगामा हुआ तो पुलिस ने हालात को काबू करने के लिए जमकर लाठियां भांजीं। इस घटना की लोगों ने निंदा की है।
पहली घटना बुधवार को करीब 10 बजे कुरुक्षेत्र रोड स्थित गांव बिलोचपुरा अड्डे के आसपास हुई। इसमें एक कार चालक ने पैदल चल रहे कांवड़ियों को पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में दो कांवड़िये जख्मी हो गए। पुलिस को दी शिकायत में चीका निवासी सलिंद्र सिंह ने कहा कि वह अपने दोस्तों व रिश्तेदार कुलदीप राम निवासी कड़ाम के साथ 13 जुलाई कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार गए थे। 19 जुलाई को लौटते समय गांव बिलोचपुरा अड्डे के पास पहुंचे तो पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार कार चालक ने उन्हें टक्कर दे मारी। इससे वह और उसका रिश्तेदार दोनों जख्मी हो गए। इतना ही नहीं कार में सवार लोगों ने उनके साथ गाली-गलौच की और उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया। बहरहाल इन घटनाओं को देखते हुए पुलिस अलर्ट है। किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए शहर में अतिरिक्त पुलिस बुलाई गई है।
कांवड़ियों ने किया मेन चौक कुरुक्षेत्र रोड पर जाम
इस घटना की सूचना मिलने पर मेन चौक के समीप लगे एक शिविर में रुके कांवड़ियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर मेन चौक कुरुक्षेत्र रोड पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही डीएसपी पिहोवा धीरज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और कांवड़ियों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन वे आरोपियों की गिरफ्तार की मांग पर अडिग रहे और करीब डेढ़ घंटे तक कांवड़ियों ने कुरुक्षेत्र रोड जाम रखा। कांवड़ियों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने जानबूझकर दुर्घटना के आरोपियों को छोड़ दिया। इसके बाद कांवड़ियों ने मेन चौक पर जाम लगा दिया और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद कांवड़ियों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया।
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जाम के दौरान हुई दूसरी दुर्घटना, पुलिस ने भांजीं लाठियां
जाम के दौरान ही दूसरी घटना हो गई। कुरुक्षेत्र रोड स्थित गांव मुकीमपुरा के पास एक कार चालक ने कांवड़ियों को टक्कर मार दी। इसमें एक कांवड़िये की मौत हो गई। इससे कांवड़ियों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने फिर से मेन चौक कुरुक्षेत्र रोड पर जाम लगाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। जाम खुलवाने के लिए पुलिस ने कांवड़ियों पर डंडे बरसाने शुरू कर दिए। इससे कांवड़ियों की भीड़ तितर-बितर हो गई। पुलिस की इस कार्रवाई में कई कांवड़ियों को चोटें भी आई।
जयभगवान निवासी समाना (पंजाब) के गांव संसा गुजारा ने पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा कि वह अपने साथियों के साथ कांवड़ लेने हरिद्वार गए थे। लौटते समय उन्हें कुरुक्षेत्र के एक शिविर में अमृतपाल, प्रिंस निवासी खम्बाहेडी (चीका) व रमन निवासी खरौदी मिल गए। बुधवार को वे सभी पैदल कांवड़ लेकर पिहोवा की ओर आ रहे थे। जब वे गांव मुकीमपुरा के समीप पहुंचे तो पीछे आ रही एक तेज रफ्तार गाड़ी चालक ने उन्हें टक्कर दे मारी। इससे अमृपाल व रमन सड़क पर जा गिरे और बुरी तरह जख्मी हो गए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और घायल को पिहोवा के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। डाक्टरों ने अमृतपाल को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल रमन की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। थाना प्रभारी प्रतीक कुमार ने बताया कि पुलिस ने दोनों ही मामले दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। पहले मामले में पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लिया है। इसकी जांच की जा रही है। वहीं दूसरे मामले में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों के हवाले कर दिया और अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
बंद करवाया कांवड़ शिविर
जाम खुलवाने के बाद पुलिस ने मेन चौक कुरुक्षेत्र रोड पर लगे एक कांवड़ शिविर को बंद करवा दिया और शिविर में रुके कांवड़ियों को वहां से भगा दिया। शिविर के आयोजक रामेश्वर कांवड़ संघ के सदस्यों ने आरोप लगाया कि बुधवार देर रात पुलिस ने उनके शिविर को बंद करवा दिया। इतना ही नहीं पुलिस ने शिविर में रुके कांवड़ियों को भी वहां से भाग दिया और हिदायत दी कि सुबह तक शिविर में कोई कांवड़िया नहीं रुकेगा। इसके बाद शिविर में कोई कांवड़िया नहीं रुका और सुबह को ही मामला शांत होने के बाद कांवड़ियों को शिविर में रोका।
संस्थाओं ने जताया रोष
कांवड़ियों पर पुलिस की कार्रवाई का सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं ने रोष जताया है। इसकी मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक आशीष चक्रपाणी व ओम गोरक्षा दल हरियाणा के प्रधान सुरेंद्र गोयल ने इस घटना की निंदा की है। भविष्य में इस प्रकार कोई घटना ना हो इसके लिए इस मामले की जांच करवाकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में जब कुरुक्षेत्र पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि इस प्रकार का कोई मामला नहीं हुआ है।
प्रशासन की लापरवाही आई सामने
इन दोनों मामलों में प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। इसका खामियाजा कांवड़ियों को भुगतना पड़ा। घटना से साफ जाहिर है कि दुर्घटना के बाद घायलों को पुलिस की गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया गया। यदि प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए जाते तो शायद अमृतपाल की जान बचाई जा सकती थी। घायलों को मौके पर एंबुलेंस व चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाई। उन्हें पुलिस की गाड़ी से बिना घटनास्थल से (15 किमी) अस्पताल लाया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा।
यहां बुधवार की रात दो सड़क हादसों में एक कांवड़िये की मौत हो गई, जबकि चार जख्मी हो गए। इनमें से एक हादसे के बाद कांवड़िये के घायल होने के बाद जब हंगामा हुआ तो पुलिस ने हालात को काबू करने के लिए जमकर लाठियां भांजीं। इस घटना की लोगों ने निंदा की है।
पहली घटना बुधवार को करीब 10 बजे कुरुक्षेत्र रोड स्थित गांव बिलोचपुरा अड्डे के आसपास हुई। इसमें एक कार चालक ने पैदल चल रहे कांवड़ियों को पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में दो कांवड़िये जख्मी हो गए। पुलिस को दी शिकायत में चीका निवासी सलिंद्र सिंह ने कहा कि वह अपने दोस्तों व रिश्तेदार कुलदीप राम निवासी कड़ाम के साथ 13 जुलाई कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार गए थे। 19 जुलाई को लौटते समय गांव बिलोचपुरा अड्डे के पास पहुंचे तो पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार कार चालक ने उन्हें टक्कर दे मारी। इससे वह और उसका रिश्तेदार दोनों जख्मी हो गए। इतना ही नहीं कार में सवार लोगों ने उनके साथ गाली-गलौच की और उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया। बहरहाल इन घटनाओं को देखते हुए पुलिस अलर्ट है। किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए शहर में अतिरिक्त पुलिस बुलाई गई है।
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कांवड़ियों ने किया मेन चौक कुरुक्षेत्र रोड पर जाम
इस घटना की सूचना मिलने पर मेन चौक के समीप लगे एक शिविर में रुके कांवड़ियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर मेन चौक कुरुक्षेत्र रोड पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही डीएसपी पिहोवा धीरज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और कांवड़ियों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन वे आरोपियों की गिरफ्तार की मांग पर अडिग रहे और करीब डेढ़ घंटे तक कांवड़ियों ने कुरुक्षेत्र रोड जाम रखा। कांवड़ियों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने जानबूझकर दुर्घटना के आरोपियों को छोड़ दिया। इसके बाद कांवड़ियों ने मेन चौक पर जाम लगा दिया और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद कांवड़ियों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया।
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जाम के दौरान हुई दूसरी दुर्घटना, पुलिस ने भांजीं लाठियां
जाम के दौरान ही दूसरी घटना हो गई। कुरुक्षेत्र रोड स्थित गांव मुकीमपुरा के पास एक कार चालक ने कांवड़ियों को टक्कर मार दी। इसमें एक कांवड़िये की मौत हो गई। इससे कांवड़ियों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने फिर से मेन चौक कुरुक्षेत्र रोड पर जाम लगाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। जाम खुलवाने के लिए पुलिस ने कांवड़ियों पर डंडे बरसाने शुरू कर दिए। इससे कांवड़ियों की भीड़ तितर-बितर हो गई। पुलिस की इस कार्रवाई में कई कांवड़ियों को चोटें भी आई।
जयभगवान निवासी समाना (पंजाब) के गांव संसा गुजारा ने पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा कि वह अपने साथियों के साथ कांवड़ लेने हरिद्वार गए थे। लौटते समय उन्हें कुरुक्षेत्र के एक शिविर में अमृतपाल, प्रिंस निवासी खम्बाहेडी (चीका) व रमन निवासी खरौदी मिल गए। बुधवार को वे सभी पैदल कांवड़ लेकर पिहोवा की ओर आ रहे थे। जब वे गांव मुकीमपुरा के समीप पहुंचे तो पीछे आ रही एक तेज रफ्तार गाड़ी चालक ने उन्हें टक्कर दे मारी। इससे अमृपाल व रमन सड़क पर जा गिरे और बुरी तरह जख्मी हो गए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और घायल को पिहोवा के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। डाक्टरों ने अमृतपाल को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल रमन की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। थाना प्रभारी प्रतीक कुमार ने बताया कि पुलिस ने दोनों ही मामले दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। पहले मामले में पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लिया है। इसकी जांच की जा रही है। वहीं दूसरे मामले में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों के हवाले कर दिया और अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
बंद करवाया कांवड़ शिविर
जाम खुलवाने के बाद पुलिस ने मेन चौक कुरुक्षेत्र रोड पर लगे एक कांवड़ शिविर को बंद करवा दिया और शिविर में रुके कांवड़ियों को वहां से भगा दिया। शिविर के आयोजक रामेश्वर कांवड़ संघ के सदस्यों ने आरोप लगाया कि बुधवार देर रात पुलिस ने उनके शिविर को बंद करवा दिया। इतना ही नहीं पुलिस ने शिविर में रुके कांवड़ियों को भी वहां से भाग दिया और हिदायत दी कि सुबह तक शिविर में कोई कांवड़िया नहीं रुकेगा। इसके बाद शिविर में कोई कांवड़िया नहीं रुका और सुबह को ही मामला शांत होने के बाद कांवड़ियों को शिविर में रोका।
संस्थाओं ने जताया रोष
कांवड़ियों पर पुलिस की कार्रवाई का सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं ने रोष जताया है। इसकी मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक आशीष चक्रपाणी व ओम गोरक्षा दल हरियाणा के प्रधान सुरेंद्र गोयल ने इस घटना की निंदा की है। भविष्य में इस प्रकार कोई घटना ना हो इसके लिए इस मामले की जांच करवाकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में जब कुरुक्षेत्र पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि इस प्रकार का कोई मामला नहीं हुआ है।
प्रशासन की लापरवाही आई सामने
इन दोनों मामलों में प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। इसका खामियाजा कांवड़ियों को भुगतना पड़ा। घटना से साफ जाहिर है कि दुर्घटना के बाद घायलों को पुलिस की गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया गया। यदि प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए जाते तो शायद अमृतपाल की जान बचाई जा सकती थी। घायलों को मौके पर एंबुलेंस व चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाई। उन्हें पुलिस की गाड़ी से बिना घटनास्थल से (15 किमी) अस्पताल लाया गया।