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रात दस बजे तक चलता रहा बैठकों का दौर
Updated Sat, 24 Mar 2018 01:16 AM IST
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गुरबख्श सिंह खालसा के अंतिम संस्कार पर निर्णय लेने के लिये लामबद्ध हुए सिख
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र-इस्माईलाबाद
गुरबख्श सिंह के अंतिम संस्कार पर फैसला लेने के लिये उसके पैतृक गांव ठसका अली में तीन बजे सिखों की जत्थेबंदियां लामबद्ध हुईं। तीन घंटे बाद शाम छह बजे तक सिखों के नेता सरकार और पुलिस प्रशासन पर जमकर बरसे। शाम छह बजे सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर विधायक बख्शीश सिंह विर्क, एडीजीपी डॉ. केके मिश्रा व डीसी डॉ. एसएस फुलिया पहली बार मृतक के घर पहुंचे। अधिकारियों व विधायक के साथ सिख जत्थेबंदियों की चार घंटे बंद कमरे में बैठक चली। रात 10 बजे एडीजीपी और डीसी बाहर आए, लेकिन विर्क के साथ सिख जत्थेदारों की बैठक जारी थी। सुरक्षा की क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था रही। एसपी कुरुक्षेत्र अभिषेक गर्ग ने सुबह से ही कई बार मौके का जायजा लिया। शाम तीन बजे से गुरुबख्श सिंह की शोकसभा में सिख नेताओं ने अपनी मांगें व विचार रखे। सरकार के रवैये व प्रशासन की सख्ती का रोष जताया। बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया। मामला सुलझाने के लिए उक्त के अलावा एसडीएम शाहाबाद सतवीर कुंडू, नायब तहसीलदार केके ढुल, बीडीपीओ इस्माईलाबाद राजवीर सिंह भी पहुंचे। विधायक व अधिकारियों की पांच जत्थेदारों के अलावा संत बलजीत सिंह दादूवाला के साथ दो घंटे मीटिंग हुई, लेकिन बात किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।
गांव ठसकाली में सिख नेता गुरदीप सिंह भटिंडा, अमरीक सिंह, बलकार सिंह, परमजीत सहौली अकाली दल नेता, जसपाल सिंह एडीटर के अलावा शिरोमणि अकाली दल, दमदमी टकसाल, श्री अकाल तख्त के जत्थेदार मौजूद रहे। मामले का कोई नतीजा ना निकलने के चलते गुरबख्श सिंह के शव का शुक्रवार को भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका।
चार दिन से परेशानी झेल रहे हैं यह गांव
चार दिनों से चल रहे इस मामले में ग्रामीणों का खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं तीन दिनों से गांव ठसकाली व आसपास के क्षेत्र में पुलिस जवान डेरा डाले हैं। इससे गांव ठसकाली, मंधेडी, बसंतपुर, ढल्ला माजरा, ठोल आदि गांवों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
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फ्रिजर में रखा शव खराब हो इसलिए काटी है बिजली : दादूवाल
शव का अंतिम संस्कार न करने के चलते गुरबख्श सिंह का शव तीन दिनों से फ्रिजर में रखा हुआ है। संत बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि सरकार व प्रशासन जानबूझ कर इस मामले को लटकाने में लगा है। सिख संगत को परेशान करने में लगे हैं। गांव की बिजली इसलिए काट दी गई है ताकि शव खराब हो जाए और परिवार अंतिम संस्कार कर दे, लेकिन पंथ परिवार के साथ है। शव को खराब नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए जनरेटर का प्रबंन कर शव को सुरक्षित रखा जाएगा। सरदार पुरुषोत्तम सिंह युनाइटेड अकाली दल के सदस्य ने कहा कि गुरुबख्श सिंह पंथ के लिए शहीद हुआ है। हर तरह से परिवार की मदद भी करेगा। उन्होंने कहा कि मौके के गवाह सिख युवकों को पुलिस राउंडअप कर बेवजह परेशान कर रही है। संगत यह बर्दाश्त नहीं करेगी।
जानबूझ कर नहीं काटी बिजली: डीसी
इस बारे में डीसी कुरुक्षेत्र ने कहा कि प्रशासन ने जानबूझ कर बिजली नहीं काटी है। किसी फाल्ट की वजह से लाइट चली गई थी, लेकिन जल्द ही उसे दुरुस्त करा दिया गया। न ही इलाके में धारा 144 लगाया है। प्रशासन टकराव की स्थिति नहीं चाहता है। प्रशासन केवल शांतिपूर्ण शव का अंतिम संस्कार करने की सिख समाज से गुजारिश कर रहा है।
शांति भंग से बचाने के लिए तैनात हैं पुलिस जवान : एडीजीपी
एडीजीपी अंबाला रेंज आरसी मिश्रा ने कहा कि गाड़ियों की चेकिंग इसलिए की जा रहा है ताकि कोई शरारती तत्व शांति को भंग न कर दे। पुलिस का किसी को भी तंग करने का कोई इरादा नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वे स्वयं मामले को देखने के लिए गांव में आया हूं। मामला दर्ज कर लिया गया है, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र-इस्माईलाबाद
गुरबख्श सिंह के अंतिम संस्कार पर फैसला लेने के लिये उसके पैतृक गांव ठसका अली में तीन बजे सिखों की जत्थेबंदियां लामबद्ध हुईं। तीन घंटे बाद शाम छह बजे तक सिखों के नेता सरकार और पुलिस प्रशासन पर जमकर बरसे। शाम छह बजे सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर विधायक बख्शीश सिंह विर्क, एडीजीपी डॉ. केके मिश्रा व डीसी डॉ. एसएस फुलिया पहली बार मृतक के घर पहुंचे। अधिकारियों व विधायक के साथ सिख जत्थेबंदियों की चार घंटे बंद कमरे में बैठक चली। रात 10 बजे एडीजीपी और डीसी बाहर आए, लेकिन विर्क के साथ सिख जत्थेदारों की बैठक जारी थी। सुरक्षा की क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था रही। एसपी कुरुक्षेत्र अभिषेक गर्ग ने सुबह से ही कई बार मौके का जायजा लिया। शाम तीन बजे से गुरुबख्श सिंह की शोकसभा में सिख नेताओं ने अपनी मांगें व विचार रखे। सरकार के रवैये व प्रशासन की सख्ती का रोष जताया। बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया। मामला सुलझाने के लिए उक्त के अलावा एसडीएम शाहाबाद सतवीर कुंडू, नायब तहसीलदार केके ढुल, बीडीपीओ इस्माईलाबाद राजवीर सिंह भी पहुंचे। विधायक व अधिकारियों की पांच जत्थेदारों के अलावा संत बलजीत सिंह दादूवाला के साथ दो घंटे मीटिंग हुई, लेकिन बात किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।
गांव ठसकाली में सिख नेता गुरदीप सिंह भटिंडा, अमरीक सिंह, बलकार सिंह, परमजीत सहौली अकाली दल नेता, जसपाल सिंह एडीटर के अलावा शिरोमणि अकाली दल, दमदमी टकसाल, श्री अकाल तख्त के जत्थेदार मौजूद रहे। मामले का कोई नतीजा ना निकलने के चलते गुरबख्श सिंह के शव का शुक्रवार को भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका।
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चार दिन से परेशानी झेल रहे हैं यह गांव
चार दिनों से चल रहे इस मामले में ग्रामीणों का खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं तीन दिनों से गांव ठसकाली व आसपास के क्षेत्र में पुलिस जवान डेरा डाले हैं। इससे गांव ठसकाली, मंधेडी, बसंतपुर, ढल्ला माजरा, ठोल आदि गांवों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
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फ्रिजर में रखा शव खराब हो इसलिए काटी है बिजली : दादूवाल
शव का अंतिम संस्कार न करने के चलते गुरबख्श सिंह का शव तीन दिनों से फ्रिजर में रखा हुआ है। संत बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि सरकार व प्रशासन जानबूझ कर इस मामले को लटकाने में लगा है। सिख संगत को परेशान करने में लगे हैं। गांव की बिजली इसलिए काट दी गई है ताकि शव खराब हो जाए और परिवार अंतिम संस्कार कर दे, लेकिन पंथ परिवार के साथ है। शव को खराब नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए जनरेटर का प्रबंन कर शव को सुरक्षित रखा जाएगा। सरदार पुरुषोत्तम सिंह युनाइटेड अकाली दल के सदस्य ने कहा कि गुरुबख्श सिंह पंथ के लिए शहीद हुआ है। हर तरह से परिवार की मदद भी करेगा। उन्होंने कहा कि मौके के गवाह सिख युवकों को पुलिस राउंडअप कर बेवजह परेशान कर रही है। संगत यह बर्दाश्त नहीं करेगी।
जानबूझ कर नहीं काटी बिजली: डीसी
इस बारे में डीसी कुरुक्षेत्र ने कहा कि प्रशासन ने जानबूझ कर बिजली नहीं काटी है। किसी फाल्ट की वजह से लाइट चली गई थी, लेकिन जल्द ही उसे दुरुस्त करा दिया गया। न ही इलाके में धारा 144 लगाया है। प्रशासन टकराव की स्थिति नहीं चाहता है। प्रशासन केवल शांतिपूर्ण शव का अंतिम संस्कार करने की सिख समाज से गुजारिश कर रहा है।
शांति भंग से बचाने के लिए तैनात हैं पुलिस जवान : एडीजीपी
एडीजीपी अंबाला रेंज आरसी मिश्रा ने कहा कि गाड़ियों की चेकिंग इसलिए की जा रहा है ताकि कोई शरारती तत्व शांति को भंग न कर दे। पुलिस का किसी को भी तंग करने का कोई इरादा नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वे स्वयं मामले को देखने के लिए गांव में आया हूं। मामला दर्ज कर लिया गया है, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।