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तीसरे दिन भी रहा चक्का जाम, सीएम , जमकर स्यापा कर परिवहन मंत्री व एसीएस के फूके पुतले
Updated Sat, 20 Oct 2018 12:01 AM IST
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- निजी शिक्षण संस्थानों की बसों का रोडवेज विभाग ने लिया सहारा
तीसरे दिन भी रहा चक्का जाम, जमकर स्यापा कर परिवहन मंत्री व एसीएस के फूंके पुतले
- निजी शिक्षण संस्थानों की बसों का रोडवेज विभाग ने लिया सहारा
- सहकारी समिति की बसों के भी बढ़ाए फेरे
- शिक्षण संस्थानों की बसों में तैनात रहा एक-एक सुरक्षाकर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। निजी बसों के विरोध के चलते तीसरे दिन शुक्रवार को भी रोडवेज बसों का पूरी तरह से चक्का जाम रहा तो वहीं भड़के कर्मचारियों ने दिन भर ताज पार्क में धरना दिया। बस अड्डे के समीप ही सेक्टर 10 पार्किंग स्थल पर सीएम मनोहर लाल, परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार व विभाग के आयुक्त धनपत सिंह के पुतले फूंके तो जमकर स्यापा भी किया।
वहीं विभाग ने रोडवेज बसों के न चलने से भटकते यात्रियों को राहत देने के लिए शिक्षण संस्थानों व ट्रैवल एजेंसियों की 22 बसों को विभिन्न रूटों पर चलाया तो वहीं अधिकारियों ने रोडवेज की भी पांच बसें चलाने का दावा किया। हर रोज की तरह कर्मचारी सुबह ही रोडवेज की सभी सातों यूनियन से जुड़े कर्मचारी ताज पार्क में एकजुट हुए और धरना देकर जमकर नारेबाजी की। दोपहर के समय कुछ ही दूरी पर स्थित पार्किंग स्थल पर उक्त तीनों पुतलो की पहले शव यात्रा निकाली और उसके बाद इन्हें आग के हवाले करते हुए कर्मचारियों ने जमकर स्यापा किया। इसके बाद फिर कर्मचारी धरने पर बैठ गए और देर सायं तक धरना जारी रहा। बता दें कि विभाग ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों से 13 बसों की मांग की थी, लेकिन पांच बसें ही पहुंच पाई जबकि अन्य बसें ट्रैवल एजेंसियों की भी चलाई गई। सोसायटी की भी जिला भर में 31 बसें चलाई गई, जिनके फेरे भी बढ़ाए गए। शिक्षण संस्थानों की बसों में सुरक्षा के दृष्टिगत एक-एक पुलिस कर्मी भी तैनात किया गया। उधर रोडवेज कर्मचारियों के धरने को विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के अलावा इनेलो ने भी समर्थन दिया।
भटकते रहे यात्री, अनेकों रूट रहे खाली
भले ही विभाग ने शिक्षण संस्थानों से लेकर ट्रैवल एजेंसियों की बसों का भी सहारा लिया, इसके बावजूद करीब आधा दर्जन ही रूटों पर बसें चल पाई जबकि अनेकों रूट खाली ही रहे और यात्री भटकते रहे। दशहरा पर्व के चलते व कुछ बसें बस अड्डे से जाती दिखाई देने पर यात्रियों की भीड़ भी जमा रही, लेकिन अधिकतर को निराशा के साथ ही वापस लौटना पड़ा।
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तीन दिन में लगा विभाग को करीब 40 लाख का फटका
परिवहन विभाग को कर्मचारियों की हड़ताल के चलते तीन दिन में करीब 40 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। विभाग के जीएम के अनुसार करीब 182 बसों से विभाग को हर रोज करीब 13 से 14 लाख रुपये की आमदन होती है। बसें बंद होने से विभाग को हर रोज इतना ही नुकसान हो रहा है।
20 मिनट का रास्ता, दो घंटे से कर रहा इंतजार : श्योचंद
गांव दूदवा निवासी बुर्जुग श्योचंद करीब दो घंटे तक नए बस अड्डे पर बस का इंतजार करता रहा। उन्होंने बताया कि उन्हें गांव झांसा जाना है, जहां जाने में करीब 20 मिनट ही लगते है। अब उन्हें किस समय तक बस मिलेगी यह भी जानकारी नहीं लग रही।
बस अड्डे पर आकर फंस गए : संदीप
करनाल से किसी तरह कुरुक्षेत्र बस अड्डे तक पहुंचे करनाल निवासी संदीप ने बताया कि उन्हें गांव ठोल में किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जाना था, लेकिन वे यहां परिवार सहित फंस गए। वे बस की इंतजार में ही बैठे है।
बिना टिकट ही चलाई बसें, प्रति किलोमीटर एक रुपये वसूला किराया
रोडवेज विभाग ने जहां यात्रियों को सुविधा देने के लिए शिक्षण संस्थानों व ट्रैवल एजेंसियों की 20 बसें रूटों पर उतारी वहीं इन बसों में यात्रियों को टिकटें नहीं दी गई। उनसे एक रुपये प्रति किलोमीटर की दर से सामान्य तौर पर किराया वसूल किया गया।
सरकार हठधर्मिता छोड़ हड़ताली कर्मचारियों के साथ करे बातचीत : अरोड़ा
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि वह हठधर्मिता छोड़कर हरियाणा रोडवेज के हड़ताली कर्मचारियों के साथ बातचीत का रास्ता अपनाए। अरोड़ा सेक्टर 10 के पार्क में धरने पर बैठे हरियाणा रोडवेज के हड़ताली कर्मचारियों को समर्थन देते हुए संबोधित कर रहे थे। अरोड़ा ने कहा कि सरकार का काम पैसा कमाना नहीं बल्कि जनकल्याण करना है। पिछले 4 दिन से हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पूरे प्रदेश में जनता परेशान है। सरकार बातचीत का रास्ता अपनाने की बजाए दमनकारी नीतियां अपना रही है। अपने चुनावी घोषणापत्र में प्रदेश के कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान देने का वायदा करने वाली भाजपा की सरकार में कर्मचारियों पर एस्मा जैसे काले कानून लगाए जा रहे हैं। सैकड़ों हड़ताली कर्मचारियों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं और अनेक कर्मचारी नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि जनता का चुनाव के इंतजार में है। भाजपा का सूपड़ा साफ करेगी। प्रदेश में इनेलो-बसपा गठबंधन की सरकार चौ. ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व में बनेगी और बहन मायावती देश की प्रधानमंत्री होंगी।
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- निजी शिक्षण संस्थानों की बसों का रोडवेज विभाग ने लिया सहारा
तीसरे दिन भी रहा चक्का जाम, जमकर स्यापा कर परिवहन मंत्री व एसीएस के फूंके पुतले
- निजी शिक्षण संस्थानों की बसों का रोडवेज विभाग ने लिया सहारा
- सहकारी समिति की बसों के भी बढ़ाए फेरे
- शिक्षण संस्थानों की बसों में तैनात रहा एक-एक सुरक्षाकर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। निजी बसों के विरोध के चलते तीसरे दिन शुक्रवार को भी रोडवेज बसों का पूरी तरह से चक्का जाम रहा तो वहीं भड़के कर्मचारियों ने दिन भर ताज पार्क में धरना दिया। बस अड्डे के समीप ही सेक्टर 10 पार्किंग स्थल पर सीएम मनोहर लाल, परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार व विभाग के आयुक्त धनपत सिंह के पुतले फूंके तो जमकर स्यापा भी किया।
वहीं विभाग ने रोडवेज बसों के न चलने से भटकते यात्रियों को राहत देने के लिए शिक्षण संस्थानों व ट्रैवल एजेंसियों की 22 बसों को विभिन्न रूटों पर चलाया तो वहीं अधिकारियों ने रोडवेज की भी पांच बसें चलाने का दावा किया। हर रोज की तरह कर्मचारी सुबह ही रोडवेज की सभी सातों यूनियन से जुड़े कर्मचारी ताज पार्क में एकजुट हुए और धरना देकर जमकर नारेबाजी की। दोपहर के समय कुछ ही दूरी पर स्थित पार्किंग स्थल पर उक्त तीनों पुतलो की पहले शव यात्रा निकाली और उसके बाद इन्हें आग के हवाले करते हुए कर्मचारियों ने जमकर स्यापा किया। इसके बाद फिर कर्मचारी धरने पर बैठ गए और देर सायं तक धरना जारी रहा। बता दें कि विभाग ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों से 13 बसों की मांग की थी, लेकिन पांच बसें ही पहुंच पाई जबकि अन्य बसें ट्रैवल एजेंसियों की भी चलाई गई। सोसायटी की भी जिला भर में 31 बसें चलाई गई, जिनके फेरे भी बढ़ाए गए। शिक्षण संस्थानों की बसों में सुरक्षा के दृष्टिगत एक-एक पुलिस कर्मी भी तैनात किया गया। उधर रोडवेज कर्मचारियों के धरने को विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के अलावा इनेलो ने भी समर्थन दिया।
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भटकते रहे यात्री, अनेकों रूट रहे खाली
भले ही विभाग ने शिक्षण संस्थानों से लेकर ट्रैवल एजेंसियों की बसों का भी सहारा लिया, इसके बावजूद करीब आधा दर्जन ही रूटों पर बसें चल पाई जबकि अनेकों रूट खाली ही रहे और यात्री भटकते रहे। दशहरा पर्व के चलते व कुछ बसें बस अड्डे से जाती दिखाई देने पर यात्रियों की भीड़ भी जमा रही, लेकिन अधिकतर को निराशा के साथ ही वापस लौटना पड़ा।
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तीन दिन में लगा विभाग को करीब 40 लाख का फटका
परिवहन विभाग को कर्मचारियों की हड़ताल के चलते तीन दिन में करीब 40 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। विभाग के जीएम के अनुसार करीब 182 बसों से विभाग को हर रोज करीब 13 से 14 लाख रुपये की आमदन होती है। बसें बंद होने से विभाग को हर रोज इतना ही नुकसान हो रहा है।
20 मिनट का रास्ता, दो घंटे से कर रहा इंतजार : श्योचंद
गांव दूदवा निवासी बुर्जुग श्योचंद करीब दो घंटे तक नए बस अड्डे पर बस का इंतजार करता रहा। उन्होंने बताया कि उन्हें गांव झांसा जाना है, जहां जाने में करीब 20 मिनट ही लगते है। अब उन्हें किस समय तक बस मिलेगी यह भी जानकारी नहीं लग रही।
बस अड्डे पर आकर फंस गए : संदीप
करनाल से किसी तरह कुरुक्षेत्र बस अड्डे तक पहुंचे करनाल निवासी संदीप ने बताया कि उन्हें गांव ठोल में किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जाना था, लेकिन वे यहां परिवार सहित फंस गए। वे बस की इंतजार में ही बैठे है।
बिना टिकट ही चलाई बसें, प्रति किलोमीटर एक रुपये वसूला किराया
रोडवेज विभाग ने जहां यात्रियों को सुविधा देने के लिए शिक्षण संस्थानों व ट्रैवल एजेंसियों की 20 बसें रूटों पर उतारी वहीं इन बसों में यात्रियों को टिकटें नहीं दी गई। उनसे एक रुपये प्रति किलोमीटर की दर से सामान्य तौर पर किराया वसूल किया गया।
सरकार हठधर्मिता छोड़ हड़ताली कर्मचारियों के साथ करे बातचीत : अरोड़ा
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि वह हठधर्मिता छोड़कर हरियाणा रोडवेज के हड़ताली कर्मचारियों के साथ बातचीत का रास्ता अपनाए। अरोड़ा सेक्टर 10 के पार्क में धरने पर बैठे हरियाणा रोडवेज के हड़ताली कर्मचारियों को समर्थन देते हुए संबोधित कर रहे थे। अरोड़ा ने कहा कि सरकार का काम पैसा कमाना नहीं बल्कि जनकल्याण करना है। पिछले 4 दिन से हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पूरे प्रदेश में जनता परेशान है। सरकार बातचीत का रास्ता अपनाने की बजाए दमनकारी नीतियां अपना रही है। अपने चुनावी घोषणापत्र में प्रदेश के कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान देने का वायदा करने वाली भाजपा की सरकार में कर्मचारियों पर एस्मा जैसे काले कानून लगाए जा रहे हैं। सैकड़ों हड़ताली कर्मचारियों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं और अनेक कर्मचारी नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि जनता का चुनाव के इंतजार में है। भाजपा का सूपड़ा साफ करेगी। प्रदेश में इनेलो-बसपा गठबंधन की सरकार चौ. ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व में बनेगी और बहन मायावती देश की प्रधानमंत्री होंगी।