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अमावस्या पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर किया पितरों के निमित पिंडदान
Updated Sun, 23 Jul 2017 11:07 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र/पिहोवा।
सावन माह की अमावस्या पर धर्मनगरी के ब्रह्मसरोवर तीर्थ पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने स्नान कर पूजा अर्चना की तो वहीं सन्नहित सरोवर पर निमित्त पिंडदान भी किया। श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते बिरला मंदिर व गुरुद्वारा छठी पातशाही के समक्ष मुख्य रोड पर जाम जैसी स्थिति बनी रही, जिससे खुलवाने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
उधर पिहोवा में स्थित तीर्थ पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की निमित पिंडदान करवाकर उनके मोक्ष की कामना की। सरस्वती सरोवर में डुबकी लगाकर श्रद्धालुओं स्नान किया और पितरों की आत्मिक शांति के लिए पिंडदान करवाए। तीर्थ पुरोहितों ने विधिवत तरीके से पिंडदान करवाकर पूजा अर्चना करवाई। तीर्थ पुरोहित देवेंद्र रिष्याण, परवेश, संजीव ने बताया कि अमावस्या के दिन दान पुण्य करने का विशेष महत्व होता है। अपने पितरों की आत्मिक शांति के लिए जो भी लोग इस दिन सच्चे मन से उनके निमित क्रिया करवाते हैं उनके घर में सुख शांति बनी रहती है। श्रद्धालु जगदीश चंद, कुलविंद्र कौर, राजो देवी ने बताया कि वे पिछले करीब 20 वर्षों से सरस्वती पवित्र तट पर पूजा करने के लिए आते हैं। यहां पर पवित्र स्नान कर पूजा करने से घर में सुख शांति बनी रहती है। पितरों का आशीर्वाद मिलता है। सरस्वती तट पर स्थित विश्व प्रसिद्ध स्वामी कार्तिकेय मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना रहा। पिंडदान के बाद स्वामी कार्तिकेय मंदिर में तेल चढ़ाने परंपरा है। ऐसी मान्यता है कि यहां तेल चढ़ाने से पितरों को मुक्ति मिलती है।
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रिकार्ड देखकर श्रद्धालु आश्चार्य चकित
अमावस पर दूरदराज से पहुंचे श्रद्धालु अपनी वंशावलियों से संबंधी पुराने रिकार्ड देखकर आश्चर्य चकित हुए। पुराहितों के पास कई प्राचीन अभिलेख रिकार्ड के रूप में सुरक्षित हैं। यह रिकार्ड बही या पोथी कहा जाता है। इन बही खातों में 300 से 400 वर्ष पुराने रिकार्ड मौजूद है। पिंडदान के बाद यात्री इन्हीं बहियों में अपने पुराने रिकार्ड के साथ अपना रिकार्ड दर्ज करवाते है।
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जाम ने निकाला पसीना
पिहोवा में सारा दिन श्रद्धालुओं के आवागमन से शहर में जाम की स्थिति बनी रही। शहर के मेन बाजार तथा सरस्वती तीर्थ पर जाम लगने से पैदल चलने वालों लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी। जाम के फंसने के कारण वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। शाम के समय कुछ राहत मिली।
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कुरुक्षेत्र/पिहोवा।
सावन माह की अमावस्या पर धर्मनगरी के ब्रह्मसरोवर तीर्थ पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने स्नान कर पूजा अर्चना की तो वहीं सन्नहित सरोवर पर निमित्त पिंडदान भी किया। श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते बिरला मंदिर व गुरुद्वारा छठी पातशाही के समक्ष मुख्य रोड पर जाम जैसी स्थिति बनी रही, जिससे खुलवाने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
उधर पिहोवा में स्थित तीर्थ पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की निमित पिंडदान करवाकर उनके मोक्ष की कामना की। सरस्वती सरोवर में डुबकी लगाकर श्रद्धालुओं स्नान किया और पितरों की आत्मिक शांति के लिए पिंडदान करवाए। तीर्थ पुरोहितों ने विधिवत तरीके से पिंडदान करवाकर पूजा अर्चना करवाई। तीर्थ पुरोहित देवेंद्र रिष्याण, परवेश, संजीव ने बताया कि अमावस्या के दिन दान पुण्य करने का विशेष महत्व होता है। अपने पितरों की आत्मिक शांति के लिए जो भी लोग इस दिन सच्चे मन से उनके निमित क्रिया करवाते हैं उनके घर में सुख शांति बनी रहती है। श्रद्धालु जगदीश चंद, कुलविंद्र कौर, राजो देवी ने बताया कि वे पिछले करीब 20 वर्षों से सरस्वती पवित्र तट पर पूजा करने के लिए आते हैं। यहां पर पवित्र स्नान कर पूजा करने से घर में सुख शांति बनी रहती है। पितरों का आशीर्वाद मिलता है। सरस्वती तट पर स्थित विश्व प्रसिद्ध स्वामी कार्तिकेय मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना रहा। पिंडदान के बाद स्वामी कार्तिकेय मंदिर में तेल चढ़ाने परंपरा है। ऐसी मान्यता है कि यहां तेल चढ़ाने से पितरों को मुक्ति मिलती है।
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रिकार्ड देखकर श्रद्धालु आश्चार्य चकित
अमावस पर दूरदराज से पहुंचे श्रद्धालु अपनी वंशावलियों से संबंधी पुराने रिकार्ड देखकर आश्चर्य चकित हुए। पुराहितों के पास कई प्राचीन अभिलेख रिकार्ड के रूप में सुरक्षित हैं। यह रिकार्ड बही या पोथी कहा जाता है। इन बही खातों में 300 से 400 वर्ष पुराने रिकार्ड मौजूद है। पिंडदान के बाद यात्री इन्हीं बहियों में अपने पुराने रिकार्ड के साथ अपना रिकार्ड दर्ज करवाते है।
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जाम ने निकाला पसीना
पिहोवा में सारा दिन श्रद्धालुओं के आवागमन से शहर में जाम की स्थिति बनी रही। शहर के मेन बाजार तथा सरस्वती तीर्थ पर जाम लगने से पैदल चलने वालों लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी। जाम के फंसने के कारण वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। शाम के समय कुछ राहत मिली।