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कार्तिंक पूर्णिमा के अवसर पर लक्ष्मी नारायण मंदिर मे भंडारे का आयोजन
Updated Sun, 05 Nov 2017 12:11 AM IST
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कार्तिक पूर्णिमा पर लक्ष्मी नारायण मंदिर में हुआ भंडारा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र ।
सन्निहित सरोवर के समीप स्थित प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा पर भंडारा हुआ। मंदिर में सबसे पहले आरती की गई। इसमें नगरपरिषद चेयरमैन ऊमा सुधा ने भाग लिया। चेयरमैन ने दीप प्रज्जवलित करके मनोकामना पूर्ण का आशीर्वाद मांगा। मंदिर के महंत हरिनारायण गिरि ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन स्नान, दान करने वाला स्वर्ग लोक को प्राप्त करता है। इसके साथ ही केवल स्नान मात्र करने से ही सारे पाप कट जाते हैं। मनुष्य अनंत फल प्राप्त करता है। इन्होंने बताया कि इस दिन स्नान दान करने के बाद शाम के समय दीप प्रज्ज्वलित करने से मनुष्य पुण्य का भागी होता है। इस दिन को देव दीपावली भी कहा जाता है। इस दिन ही भगवान ने शाम के समय मत्सय रूप में अवतार लिया था। जो व्यक्ति तुलसी और पीपल के पौधों के पास दीप जलाकर मन्नत मांगता है, उसकी सभी मनोकामना पूर्ण होती है। कार्तिक पूर्णिमा कार्यक्रम में खिचड़ी का विशेष महत्व होता है। इस अवसर पर कृष्ण कुमार, सुभाष नरेला पंडित बलराज शर्मा मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र ।
सन्निहित सरोवर के समीप स्थित प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा पर भंडारा हुआ। मंदिर में सबसे पहले आरती की गई। इसमें नगरपरिषद चेयरमैन ऊमा सुधा ने भाग लिया। चेयरमैन ने दीप प्रज्जवलित करके मनोकामना पूर्ण का आशीर्वाद मांगा। मंदिर के महंत हरिनारायण गिरि ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन स्नान, दान करने वाला स्वर्ग लोक को प्राप्त करता है। इसके साथ ही केवल स्नान मात्र करने से ही सारे पाप कट जाते हैं। मनुष्य अनंत फल प्राप्त करता है। इन्होंने बताया कि इस दिन स्नान दान करने के बाद शाम के समय दीप प्रज्ज्वलित करने से मनुष्य पुण्य का भागी होता है। इस दिन को देव दीपावली भी कहा जाता है। इस दिन ही भगवान ने शाम के समय मत्सय रूप में अवतार लिया था। जो व्यक्ति तुलसी और पीपल के पौधों के पास दीप जलाकर मन्नत मांगता है, उसकी सभी मनोकामना पूर्ण होती है। कार्तिक पूर्णिमा कार्यक्रम में खिचड़ी का विशेष महत्व होता है। इस अवसर पर कृष्ण कुमार, सुभाष नरेला पंडित बलराज शर्मा मौजूद रहे।