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ओरों को नसीहत, खुद मियां फजीहत ं
Updated Mon, 16 Jul 2018 12:09 AM IST
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कुरुक्षेत्र। औरों को नसीहत, खुद मियां फजीहत, कहावत स्वास्थ्य विभाग पर पूरी तरह से स्टीक बैठ रही है। विभाग जिला भर में डेंगू व मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों पर रोकथाम को लेकर घर-घर जाकर दस्तक दे रहा है। जहां लोगों के घरों में रखे कूलर, गमले, पानी की टंकी व गमलों की भी गहनता से जांच कर डेंगू के मच्छर का लारवा ढूंढ रहा है। लारवा पाए जाने पर अभी तक विभाग की ओर से 144 लोगों को नोटिस थमाए जा चुके हैं, लेकिन विभाग का अपना आंगन ही साफ नहीं है।
एलएनजेपी सिविल अस्पताल परिसर में सीवरेज की लीकेज होने से लगातार गंदगी फैल रही है, जहां लाखों की संख्या में मच्छर पनप रहे हैं। यहीं नहीं अस्पताल परिसर में पिछले कई माह से न सफाई हुई और न ही फोगिंग कराई गई। यहां फोगिंग कराने का कार्य भी स्वास्थ्य विभाग व नगर परिषद प्रशासन के बीच फंस कर रह गया है। दोनों ही एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहे हैं जबकि अस्पताल परिसर से डेंगू व मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी इस बार शुरू होने की आशंका जताई जा रही है। अस्पताल परिसर के हालात को देख मरीजों से लेकर उनके साथ परिजनों में भी बीमार होने का खतरा बना रहने लगा है। परिसर में ही स्थित आवासों को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। बड़ी संख्या में लारवा पाए जाने के बावजूद भी कोई कदम नहीं उठाया जा सका है। मलेरिया विभाग के अधिकारियों की मानें तो मलेरिया विभाग मार्च माह से जागरुकता अभियान चलाने का दम भर रहा है और रेपिड रिस्पोंस टीम गांव से लेकर शहरी क्षेत्र में घर-घर जाकर कूलर से लेकर पानी की टंकियों की जांच कर रही है। जहां लारवा मिलता है उनको नोटिस दे रहा है। अभी तक विभाग ने सिविल अस्पताल के चिकित्सक अधिकारी सहित 144 लोगों को नोटिस थमा दिया है।
बड़ी तादाद में मिल चुका है डेंगू का लारवा, एमएस को दिया नोटिस
जिले भर के सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय सहित एलएनजेपी अस्पताल भी सुरक्षित नहीं है। अस्पताल परिसर से मलेरिया विभाग को बड़ी तादाद में मलेरिया व डेंगू का लारवा मिलाने पर चिकित्सक अधीक्षक को नोटिस दिया गया। आलम यह है कि प्रशासनिक अधिकारियों के ढीले रवैये के चलते अस्पताल परिसर में फैली गंदगी व लीक सीवरेज से निकला गंदा पानी जहरीले मच्छरों की पनाहगाह बन चुका है।
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बरसाती सीजन में डेंगू व मलेरिया की संभावना ज्यादा
मानसूनी मौसम की शुरुआती दौर में लोगों के सिर पर डेंगू व मलेरिया का खतरा मंडराने लगा है। बारिश के चलते बड़े स्तर पर जलभराव की स्थिति बनने लगी है। ऐसे में डेंगू व मलेरिया पर काबू पाना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती भरा होगा। जानकारी के अनुसार 27 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच लारवा डेंगू के मच्छर का रूप धारण कर लेता है।
वर्ष 2017 में मिले थे डेंगू के 326 व मलेरिया के 40 मरीज
पिछले वर्ष लाडवा, पिपली, मथाना और थानेसर के क्षेत्र में सबसे ज्यादा डेंगू के मरीज मिले थे। डेंगू के 326 व मलेरिया के 40 मरीज स्वास्थ्य विभाग के पास आए थे, जिनका डेंगू व मलेरिया की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके अलावा सैकड़ों मरीज ऐसे थे जो संदिग्ध डेंगू के मिले थे, जिनका उपचार निजी अस्पतालों में चला और ये स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में शामिल नहीं हुए।
अस्पताल में फोगिंग करना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी : बीएन भारती
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीएन भारती ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र एवं अस्पताल परिसर में फोगिंग कराना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। नगर परिषद सिर्फ शहरी क्षेत्र में फोगिंग अभियान चलाता है।
रेपिड रिस्पोंस टीम पूरी तरह से चौकस : डॉ. सहौता
मलेरिया नोडल अधिकारी डॉ सुदेश सहौता ने बताया कि जिले भर में रेपिड रिस्पोंस टीम पूरी तरह से चौकस है। टीम ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर जागरुक कर रही है। अस्पताल परिसर में खड़े गंदे पानी में लारवा मिलने पर चिकित्सक अधीक्षक डॉ मनजीत को नोटिस दे दिया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाई गई टीम हर सप्ताह अस्पताल परिसर में खड़े पानी में दवाई का छिड़काव करती है, ताकि पानी में लारवा न बने।
सीवरेज की समस्या का जल्द किया जाएगा समाधान : डॉ सुखबीर
सिविल सर्जन डॉ सुखबीर सिंह ने बताया कि अस्पताल परिसर में हो रही सीवरेज की लीकेज का मामला उनके संज्ञान में नहीं था। चिकित्सक अधीक्षक को निर्देश दे दिया जाएगा। जल्द ही सीवरेज की समस्या का समाधान किया जाएगा। अस्पताल परिसर में जल्द ही फोगिंग भी कराई जाएगी।
एलएनजेपी सिविल अस्पताल परिसर में सीवरेज की लीकेज होने से लगातार गंदगी फैल रही है, जहां लाखों की संख्या में मच्छर पनप रहे हैं। यहीं नहीं अस्पताल परिसर में पिछले कई माह से न सफाई हुई और न ही फोगिंग कराई गई। यहां फोगिंग कराने का कार्य भी स्वास्थ्य विभाग व नगर परिषद प्रशासन के बीच फंस कर रह गया है। दोनों ही एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहे हैं जबकि अस्पताल परिसर से डेंगू व मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी इस बार शुरू होने की आशंका जताई जा रही है। अस्पताल परिसर के हालात को देख मरीजों से लेकर उनके साथ परिजनों में भी बीमार होने का खतरा बना रहने लगा है। परिसर में ही स्थित आवासों को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। बड़ी संख्या में लारवा पाए जाने के बावजूद भी कोई कदम नहीं उठाया जा सका है। मलेरिया विभाग के अधिकारियों की मानें तो मलेरिया विभाग मार्च माह से जागरुकता अभियान चलाने का दम भर रहा है और रेपिड रिस्पोंस टीम गांव से लेकर शहरी क्षेत्र में घर-घर जाकर कूलर से लेकर पानी की टंकियों की जांच कर रही है। जहां लारवा मिलता है उनको नोटिस दे रहा है। अभी तक विभाग ने सिविल अस्पताल के चिकित्सक अधिकारी सहित 144 लोगों को नोटिस थमा दिया है।
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बड़ी तादाद में मिल चुका है डेंगू का लारवा, एमएस को दिया नोटिस
जिले भर के सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय सहित एलएनजेपी अस्पताल भी सुरक्षित नहीं है। अस्पताल परिसर से मलेरिया विभाग को बड़ी तादाद में मलेरिया व डेंगू का लारवा मिलाने पर चिकित्सक अधीक्षक को नोटिस दिया गया। आलम यह है कि प्रशासनिक अधिकारियों के ढीले रवैये के चलते अस्पताल परिसर में फैली गंदगी व लीक सीवरेज से निकला गंदा पानी जहरीले मच्छरों की पनाहगाह बन चुका है।
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बरसाती सीजन में डेंगू व मलेरिया की संभावना ज्यादा
मानसूनी मौसम की शुरुआती दौर में लोगों के सिर पर डेंगू व मलेरिया का खतरा मंडराने लगा है। बारिश के चलते बड़े स्तर पर जलभराव की स्थिति बनने लगी है। ऐसे में डेंगू व मलेरिया पर काबू पाना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती भरा होगा। जानकारी के अनुसार 27 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच लारवा डेंगू के मच्छर का रूप धारण कर लेता है।
वर्ष 2017 में मिले थे डेंगू के 326 व मलेरिया के 40 मरीज
पिछले वर्ष लाडवा, पिपली, मथाना और थानेसर के क्षेत्र में सबसे ज्यादा डेंगू के मरीज मिले थे। डेंगू के 326 व मलेरिया के 40 मरीज स्वास्थ्य विभाग के पास आए थे, जिनका डेंगू व मलेरिया की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके अलावा सैकड़ों मरीज ऐसे थे जो संदिग्ध डेंगू के मिले थे, जिनका उपचार निजी अस्पतालों में चला और ये स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में शामिल नहीं हुए।
अस्पताल में फोगिंग करना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी : बीएन भारती
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीएन भारती ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र एवं अस्पताल परिसर में फोगिंग कराना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। नगर परिषद सिर्फ शहरी क्षेत्र में फोगिंग अभियान चलाता है।
रेपिड रिस्पोंस टीम पूरी तरह से चौकस : डॉ. सहौता
मलेरिया नोडल अधिकारी डॉ सुदेश सहौता ने बताया कि जिले भर में रेपिड रिस्पोंस टीम पूरी तरह से चौकस है। टीम ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर जागरुक कर रही है। अस्पताल परिसर में खड़े गंदे पानी में लारवा मिलने पर चिकित्सक अधीक्षक डॉ मनजीत को नोटिस दे दिया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाई गई टीम हर सप्ताह अस्पताल परिसर में खड़े पानी में दवाई का छिड़काव करती है, ताकि पानी में लारवा न बने।
सीवरेज की समस्या का जल्द किया जाएगा समाधान : डॉ सुखबीर
सिविल सर्जन डॉ सुखबीर सिंह ने बताया कि अस्पताल परिसर में हो रही सीवरेज की लीकेज का मामला उनके संज्ञान में नहीं था। चिकित्सक अधीक्षक को निर्देश दे दिया जाएगा। जल्द ही सीवरेज की समस्या का समाधान किया जाएगा। अस्पताल परिसर में जल्द ही फोगिंग भी कराई जाएगी।