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गुरबख्श सिंह खालसा की आडियो और वीडियो वायरल
Updated Fri, 23 Mar 2018 01:08 AM IST
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80 फुट ऊंची टंकी से छलांग लगाने से पहले बेल्जियम से आया था फोन
अमर उजाला ब्यूरो
ठसका अली (कुरुक्षेत्र )।
वाहे गुरुजी दा खालसा वाहे गुरुजी दी फतेह, जो बोले सो निहाल यह कहते हुए मंगलवार देर शाम को गुरबख्श सिंह खालसा ने ठसका अली गांव में बनी जन स्वास्थ्य विभाग की टंकी से छलांग लगाई थी। इस घटनाक्रम का एक मोबाइल वीडियो अमर उजाला के हाथ लगा है।इसी के साथ एक ऑडियो वायरल हुई है। यह ऑडियो टंकी से कूदने से कुछ देर पहले का है, जिसमें गुरबख्श सिंह खालसा कुछ विचलित और दुखी प्रतीत हो रहा है। इस ऑडियो में जो बातचीत सुना दे रही है उसके अनुसार यह काल बेल्जियम में रह रहे किसी जसविंद्र सिंह की है,जोकि गुरबख्श सिंह खालसा का उत्साहवर्धन करते हुए कौम के लिए किए गए कार्य की सराहना करता है। वह गुरबख्श को बताता है कि उसे फेसबुक के जरिए पता चला है कि वह टंकी पर चढॉकर अनशन कर रहे हैं। इस बातचीत में यकायक गुरबख्श सिंह खालसा की आवाज में रुदन गले से सुनाई देती है। फोन करने वाले सख्श को इसके लिए धन्यवाद करता हुआ कहता है कि उन्हें परेशान न किया जाए। वह यह भी कहते सुनाई दे रहा है कि मैं रो नहीं रहा, बल्कि हंस रहा हूं। कोई गल नहीं मेले नाल धक्का हो रहा। मेरी टंकी तले पूरा प्रशासन पहुंच गया। मैं टकी ते खड़ां, ते मैं अपनी मौत अपने हाथ ले के खड़ां, मैं ते अपना वचन पूरा किया, लेकिन यहां कोई नहीं आया, वो कहां मर गए जो मुझे कहते थे मरा नहीं वो कहां हैं। मैं अपना वचन पूरा करुंगा। चाहे जो मर्जी हो जाए। गुरबख्श सिंह खालसा इस बातचीत में कहते हैं कि उसके पास साइनाइड भी है,मेरे पास पैट्रोल भी है, यहां तमाशबीन इकट्ठे हुए हैं। वह बेल्जियम से बात कर रहे सख्श से कहते हैं कि मुझे दुखी ना करो, सिर्फ लोगों को मैसेज करो।
गुरबख्श सिंह खालसा की मौत के बाद पंजाब की जत्थेबंदिया लामबद्ध हो रही हैं। इन्हीं में से एक अकाली दल 1920 के प्रवक्ता रमनदीप सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि वह कुछ ही देर पहले ठसका से मुक्तसर पंजाब पहुंचे हैं। आडियो सुनकर लगता है कि यह आवाज गुरबख्श सिंह की है,इसकी सही जांच वह शुक्रवार को दुबारा ठसका पहुंच कर परिजनों से बातचीत के बाद ही इसकी पुष्टि करेंगे।
प्रशासन डर रहा है कि शव पंजाब न ले जाएं
रमनदीप सिंह के मुताबिक तख्त दमदमा साहेब के जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल, जत्थेदार तख्त श्रीकेशगढ़ साहिब आनंदपुर साहिब, भाईअमरी क सिंह अजनाला, प्रोफेसर महेंद्र पाल सिंह, जसकरण सिंह कानसिंहवाला, हरजीत सिंह, जगतार सिंह हवारा की ओर बगीच सिंह, बीकर सिंह औलख संगरूर ने वीरवार को निर्णय लिया है कि शुक्रवार को तीन बजे बैठक में गुरबख्श सिंह के संस्कार के विषय पर फैसला लिया जाएगा, जिसमें समूचे सिख पंथ को बुलाया गया है। रमनदीप सिंह ने कहा कि पुलिस जगह जगह नाके लगाकर वाहनों की चेकिंग इस लिये कर रही है,ताकि गुरबख्श सिंह खालसा का शव कुरुक्षेत्र से पंजाब ना ले जाया जा सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
ठसका अली (कुरुक्षेत्र )।
वाहे गुरुजी दा खालसा वाहे गुरुजी दी फतेह, जो बोले सो निहाल यह कहते हुए मंगलवार देर शाम को गुरबख्श सिंह खालसा ने ठसका अली गांव में बनी जन स्वास्थ्य विभाग की टंकी से छलांग लगाई थी। इस घटनाक्रम का एक मोबाइल वीडियो अमर उजाला के हाथ लगा है।इसी के साथ एक ऑडियो वायरल हुई है। यह ऑडियो टंकी से कूदने से कुछ देर पहले का है, जिसमें गुरबख्श सिंह खालसा कुछ विचलित और दुखी प्रतीत हो रहा है। इस ऑडियो में जो बातचीत सुना दे रही है उसके अनुसार यह काल बेल्जियम में रह रहे किसी जसविंद्र सिंह की है,जोकि गुरबख्श सिंह खालसा का उत्साहवर्धन करते हुए कौम के लिए किए गए कार्य की सराहना करता है। वह गुरबख्श को बताता है कि उसे फेसबुक के जरिए पता चला है कि वह टंकी पर चढॉकर अनशन कर रहे हैं। इस बातचीत में यकायक गुरबख्श सिंह खालसा की आवाज में रुदन गले से सुनाई देती है। फोन करने वाले सख्श को इसके लिए धन्यवाद करता हुआ कहता है कि उन्हें परेशान न किया जाए। वह यह भी कहते सुनाई दे रहा है कि मैं रो नहीं रहा, बल्कि हंस रहा हूं। कोई गल नहीं मेले नाल धक्का हो रहा। मेरी टंकी तले पूरा प्रशासन पहुंच गया। मैं टकी ते खड़ां, ते मैं अपनी मौत अपने हाथ ले के खड़ां, मैं ते अपना वचन पूरा किया, लेकिन यहां कोई नहीं आया, वो कहां मर गए जो मुझे कहते थे मरा नहीं वो कहां हैं। मैं अपना वचन पूरा करुंगा। चाहे जो मर्जी हो जाए। गुरबख्श सिंह खालसा इस बातचीत में कहते हैं कि उसके पास साइनाइड भी है,मेरे पास पैट्रोल भी है, यहां तमाशबीन इकट्ठे हुए हैं। वह बेल्जियम से बात कर रहे सख्श से कहते हैं कि मुझे दुखी ना करो, सिर्फ लोगों को मैसेज करो।
गुरबख्श सिंह खालसा की मौत के बाद पंजाब की जत्थेबंदिया लामबद्ध हो रही हैं। इन्हीं में से एक अकाली दल 1920 के प्रवक्ता रमनदीप सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि वह कुछ ही देर पहले ठसका से मुक्तसर पंजाब पहुंचे हैं। आडियो सुनकर लगता है कि यह आवाज गुरबख्श सिंह की है,इसकी सही जांच वह शुक्रवार को दुबारा ठसका पहुंच कर परिजनों से बातचीत के बाद ही इसकी पुष्टि करेंगे।
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प्रशासन डर रहा है कि शव पंजाब न ले जाएं
रमनदीप सिंह के मुताबिक तख्त दमदमा साहेब के जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल, जत्थेदार तख्त श्रीकेशगढ़ साहिब आनंदपुर साहिब, भाईअमरी क सिंह अजनाला, प्रोफेसर महेंद्र पाल सिंह, जसकरण सिंह कानसिंहवाला, हरजीत सिंह, जगतार सिंह हवारा की ओर बगीच सिंह, बीकर सिंह औलख संगरूर ने वीरवार को निर्णय लिया है कि शुक्रवार को तीन बजे बैठक में गुरबख्श सिंह के संस्कार के विषय पर फैसला लिया जाएगा, जिसमें समूचे सिख पंथ को बुलाया गया है। रमनदीप सिंह ने कहा कि पुलिस जगह जगह नाके लगाकर वाहनों की चेकिंग इस लिये कर रही है,ताकि गुरबख्श सिंह खालसा का शव कुरुक्षेत्र से पंजाब ना ले जाया जा सके।
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