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अवसाद विसर्जन में श्रीमद्भगवद् गीता की भूमिका विषय पर अंतरराष्ट्रीय गोष्ठी 2
Updated Fri, 24 Nov 2017 01:15 AM IST
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अवसाद विसर्जन में श्रीमद्भगवद् गीता की भूमिका विषय पर अंतरराष्ट्रीय गोष्ठी 28 को
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
मातृभूमि सेवा मिशन के गीता जयंती महोत्सव पर आयोजित 18 दिवसीय कार्यक्रम के सोलहवें दिवस पर एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी अवसाद विसर्जन में श्रीमद्भगवद् गीता की भूमिका विषय पर फतूहपुर स्थित आश्रम परिसर में 28 नंवबर को दोपहर दो बजे होगी। इस संगोष्ठी में मुख्य वक्तव्य आचार्य सभा के परमाध्यक्ष और जूनापीठाधीश्वर आचार्य अवधेशानंद गिरि का होगा।
मिशन के संयोजक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने बताया कि आज के भौतिक जगत में सारा विश्व अवसाद ग्रस्त है। महाभारत युद्ध के प्रारंभ में जिस प्राकार अर्जुन सुप्त अवस्था में थे, उसी प्रकार आज विज्ञान के विकास ने अध्यात्मिक तौर पर मानव समाज को अवसाद से ग्रसित कर दिया है। प्रतिदिन भारी संख्या में आत्महत्याएं, लूट, डकैती, अपहरण, घरेलू झगड़े आदि सामाजिक विकृतियों ने समाज के सद्भाव को बीमार कर दिया है। इन समस्त समस्याओं का समाधान श्रीमद्भगवद् गीता में है। इस संगोष्ठी का उद्देश्य मानव समाज में फैले अवसाद का विसर्जन करना है। इस संगोष्ठी में अनेक शोधार्थी, विद्यार्थी और समाज के अनेक लोग भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि मातृभूमि सेवा मिशन गीता के प्रचार के लिए हर प्रकार से समर्पित है।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
मातृभूमि सेवा मिशन के गीता जयंती महोत्सव पर आयोजित 18 दिवसीय कार्यक्रम के सोलहवें दिवस पर एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी अवसाद विसर्जन में श्रीमद्भगवद् गीता की भूमिका विषय पर फतूहपुर स्थित आश्रम परिसर में 28 नंवबर को दोपहर दो बजे होगी। इस संगोष्ठी में मुख्य वक्तव्य आचार्य सभा के परमाध्यक्ष और जूनापीठाधीश्वर आचार्य अवधेशानंद गिरि का होगा।
मिशन के संयोजक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने बताया कि आज के भौतिक जगत में सारा विश्व अवसाद ग्रस्त है। महाभारत युद्ध के प्रारंभ में जिस प्राकार अर्जुन सुप्त अवस्था में थे, उसी प्रकार आज विज्ञान के विकास ने अध्यात्मिक तौर पर मानव समाज को अवसाद से ग्रसित कर दिया है। प्रतिदिन भारी संख्या में आत्महत्याएं, लूट, डकैती, अपहरण, घरेलू झगड़े आदि सामाजिक विकृतियों ने समाज के सद्भाव को बीमार कर दिया है। इन समस्त समस्याओं का समाधान श्रीमद्भगवद् गीता में है। इस संगोष्ठी का उद्देश्य मानव समाज में फैले अवसाद का विसर्जन करना है। इस संगोष्ठी में अनेक शोधार्थी, विद्यार्थी और समाज के अनेक लोग भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि मातृभूमि सेवा मिशन गीता के प्रचार के लिए हर प्रकार से समर्पित है।
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