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पौने दो लाख बच्चो ने दी यातायात नियमों पर आधारित परीक्षा
Updated Wed, 08 Nov 2017 11:58 PM IST
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पौने दो लाख बच्चों ने दी यातायात नियमों पर आधारित परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
जिला के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में हुई स्कूल लेवल की यातायात नियमों पर आधारित क्विज में जिले के करीब एक लाख 75 हजार बच्चों ने भाग लिया। पुलिस विभाग की तरफ से प्रतियोगिता की नोडल ऑफिसर डीएसपी ट्रैफिक तान्या ने स्कूलों में जाकर परीक्षा का अवलोकन किया।
डीएसपी तान्या ने स्कूलों के दौरे के दौरान पत्रकारों से कहा कि स्कूलों में यातायात के नियमों को पाठ्यक्रम की तरह पढ़ाया जाना चाहिए। इस तरह यातायात नियमों की अनदेखी से होने वाली हानियों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चे किसी भी बात को अच्छे से समझ सकते हैं और यही भविष्य के ड्राइवर हैं। इसलिए बच्चों को यातायात के नियमों की जानकारी होना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारा ये प्रयास है कि बच्चे अपने माता-पिता को भी इस बारे में जागरूक करें। गौरतलब है कि पुलिस विभाग हर वर्ष ट्रैफिक नियमों पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कराता है। इसमें जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चे भाग लेते हैं। इस प्रतियोगिता को चार वर्गों मे बांटा गया है। कक्षा तीसरी से पांचवीं तक, कक्षा छठी से आठवीं तक, नौवीं से बारहवीं तक और कालेज लेवल तक यह प्रतियोगिता हुई। इसी प्रकार यह परीक्षा पांच लेवल की होगी। हर स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर आने वाले बच्चों को इनाम दिया जाएगा। साथ ही उन्हें आगे की प्रतियोगिता में शामिल होने का मौका मिलेगा। शिक्षा विभाग के नोडल आफिसर प्राध्यापक शीशपाल जांगड़ा ने बताया कि शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग के इस प्रयास में बच्चों ने रुचि दिखाई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
जिला के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में हुई स्कूल लेवल की यातायात नियमों पर आधारित क्विज में जिले के करीब एक लाख 75 हजार बच्चों ने भाग लिया। पुलिस विभाग की तरफ से प्रतियोगिता की नोडल ऑफिसर डीएसपी ट्रैफिक तान्या ने स्कूलों में जाकर परीक्षा का अवलोकन किया।
डीएसपी तान्या ने स्कूलों के दौरे के दौरान पत्रकारों से कहा कि स्कूलों में यातायात के नियमों को पाठ्यक्रम की तरह पढ़ाया जाना चाहिए। इस तरह यातायात नियमों की अनदेखी से होने वाली हानियों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चे किसी भी बात को अच्छे से समझ सकते हैं और यही भविष्य के ड्राइवर हैं। इसलिए बच्चों को यातायात के नियमों की जानकारी होना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारा ये प्रयास है कि बच्चे अपने माता-पिता को भी इस बारे में जागरूक करें। गौरतलब है कि पुलिस विभाग हर वर्ष ट्रैफिक नियमों पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कराता है। इसमें जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चे भाग लेते हैं। इस प्रतियोगिता को चार वर्गों मे बांटा गया है। कक्षा तीसरी से पांचवीं तक, कक्षा छठी से आठवीं तक, नौवीं से बारहवीं तक और कालेज लेवल तक यह प्रतियोगिता हुई। इसी प्रकार यह परीक्षा पांच लेवल की होगी। हर स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर आने वाले बच्चों को इनाम दिया जाएगा। साथ ही उन्हें आगे की प्रतियोगिता में शामिल होने का मौका मिलेगा। शिक्षा विभाग के नोडल आफिसर प्राध्यापक शीशपाल जांगड़ा ने बताया कि शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग के इस प्रयास में बच्चों ने रुचि दिखाई है।
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