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परेशान ग्रामीणों ने आवारा पशुओं को किया स्कूल में बंद, बच्चे खड़े रहे बाहर
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फोटो नंबर - 14 से 16,50 से 52
मास्टरजी और विद्यार्थी बाहर,मेन गेट पर ताला और सरकारी स्कूल के प्रांगण में चारा चरता रहा गौवंश
-बेसहारा गौवंश ने उजाड़ी फसल,गुस्साए किसानों ने स्कूल में बंद कर जड़ा ताला
-तीन घंटे तक स्कूल के बाहर मची रही अफरा-तफरी,अधिकारियों ने मनाया तो शांत हुए किसान
- सेक्टर-13 में करेंट लगने से गाय की दर्दनाक मौत,बेसहारा गौवंश से लोगों की जान जोखिम में
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र/ लाडवा। खेतों में फसल को नुकसान पहुंचा रहे में गोवंश को नाराज ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल में बंद कर दिया। इसके बाद स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने आरोपल लगाया कि बेसहारा गोवंश की समस्या से निपटने के लिये कोई रोडमैप तैयार नहीं किया। जिसकी वजह से तमाम लोगों का जीना मुहाल है। वहीं, स्कूल में गोवंश बंद किए जाने से स्कूल के छात्र व शिक्षक बाहर ही खड़े रहे। जिससे कि स्कूल में आज पढ़ाई भी नहीं हो सकी।
गांव बूढ़ा में वीरवार सुबह राजकीय प्राथमिक पाठशाला में बेसहारा गोवंश से परेशान ग्रामीणों ने स्कूल के भीतर गांव में घूम रहे बेसहारा गोवंश को पकड़ कर बंद कर दिया। इसके बाद स्कूल के मुख्यद्वार पर ताला जड़ दिया। इस दौरान स्कूल आए विद्यार्थी और शिक्षक स्कूल के बाहर खड़े रहे। बेसहारा गोवंश ने स्कूल परिसर की सारी हरियाली चट कर डाली और क्लासरूम को गंदा कर दिया। मुख्य अध्यापिका नीरू आहूजा ने तत्काल खंड शिक्षा अधिकारी व पुलिस को सूचना दी थी। इस सूचना पर पर खंड शिक्षा अधिकारी बलवंत सिंह ने प्रशासन व शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत करा मदद मांगी। पुलिस व बलवंत अधिकारी ने गांव किसानों को समझाते हुए पशुओं को स्कूल से बाहर निकालने के लिए कहा था ,लेकिन ग्रामीण स्थायी समाधान किए जाने पर अडे़ रहे। करीब तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था कर प्राथमिक स्कूल के विद्यार्थियों और स्टाफ को राजकीय उच्च विद्यालय में भेजकर उनकी पढ़ाई का प्रबंध कराया गया। जबकि नगर पालिका मदद से स्कूल से मवेशियों को गोशाला पहुंचाया गया। घटना की सूचना सूचना एसडीएम, तहसीलदार व विभाग के उच्चाधिकारियों को दी गई।
दो दिन पहले सब्जी मंडी में बंद किए थे गोवंश
किसान बृजमोहन, हाकम सिंह, बीरबल, राजगीर, नैब सिंह, रामकरण, बलदेव , विक्रम, सुबे सिंह, रामकुमार आदि ने बताया कि आवारा पशुओं द्वारा फसलें खराब करने की लिखित शिकायत एसडीएम को दी थी, लेकिन उपमंडल प्रशासन ने इसकी कोई सुध नही ली। पशुओं द्वारा फसले उजाड़ने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है जिससे मजबूर होकर किसानों ने आवारा पशुओं को पकडकर स्कूल में बंद किया। किसानों ने बताया कि एसडीएम लाडवा ने उन्हें आवारा पशुओं को पकड़कर बंद करने के लिए कहा था, जिसपर उन्होंने दो दिन पहले सब्जी मंडी में भी पशुओं को बंद किया था।
फोटो नंबर - 14 से 16,50 से 52
मास्टरजी और विद्यार्थी बाहर,मेन गेट पर ताला और सरकारी स्कूल के प्रांगण में चारा चरता रहा गौवंश
-बेसहारा गौवंश ने उजाड़ी फसल,गुस्साए किसानों ने स्कूल में बंद कर जड़ा ताला
-तीन घंटे तक स्कूल के बाहर मची रही अफरा-तफरी,अधिकारियों ने मनाया तो शांत हुए किसान
- सेक्टर-13 में करेंट लगने से गाय की दर्दनाक मौत,बेसहारा गौवंश से लोगों की जान जोखिम में
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र/ लाडवा। खेतों में फसल को नुकसान पहुंचा रहे में गोवंश को नाराज ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल में बंद कर दिया। इसके बाद स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने आरोपल लगाया कि बेसहारा गोवंश की समस्या से निपटने के लिये कोई रोडमैप तैयार नहीं किया। जिसकी वजह से तमाम लोगों का जीना मुहाल है। वहीं, स्कूल में गोवंश बंद किए जाने से स्कूल के छात्र व शिक्षक बाहर ही खड़े रहे। जिससे कि स्कूल में आज पढ़ाई भी नहीं हो सकी।
गांव बूढ़ा में वीरवार सुबह राजकीय प्राथमिक पाठशाला में बेसहारा गोवंश से परेशान ग्रामीणों ने स्कूल के भीतर गांव में घूम रहे बेसहारा गोवंश को पकड़ कर बंद कर दिया। इसके बाद स्कूल के मुख्यद्वार पर ताला जड़ दिया। इस दौरान स्कूल आए विद्यार्थी और शिक्षक स्कूल के बाहर खड़े रहे। बेसहारा गोवंश ने स्कूल परिसर की सारी हरियाली चट कर डाली और क्लासरूम को गंदा कर दिया। मुख्य अध्यापिका नीरू आहूजा ने तत्काल खंड शिक्षा अधिकारी व पुलिस को सूचना दी थी। इस सूचना पर पर खंड शिक्षा अधिकारी बलवंत सिंह ने प्रशासन व शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत करा मदद मांगी। पुलिस व बलवंत अधिकारी ने गांव किसानों को समझाते हुए पशुओं को स्कूल से बाहर निकालने के लिए कहा था ,लेकिन ग्रामीण स्थायी समाधान किए जाने पर अडे़ रहे। करीब तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था कर प्राथमिक स्कूल के विद्यार्थियों और स्टाफ को राजकीय उच्च विद्यालय में भेजकर उनकी पढ़ाई का प्रबंध कराया गया। जबकि नगर पालिका मदद से स्कूल से मवेशियों को गोशाला पहुंचाया गया। घटना की सूचना सूचना एसडीएम, तहसीलदार व विभाग के उच्चाधिकारियों को दी गई।
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दो दिन पहले सब्जी मंडी में बंद किए थे गोवंश
किसान बृजमोहन, हाकम सिंह, बीरबल, राजगीर, नैब सिंह, रामकरण, बलदेव , विक्रम, सुबे सिंह, रामकुमार आदि ने बताया कि आवारा पशुओं द्वारा फसलें खराब करने की लिखित शिकायत एसडीएम को दी थी, लेकिन उपमंडल प्रशासन ने इसकी कोई सुध नही ली। पशुओं द्वारा फसले उजाड़ने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है जिससे मजबूर होकर किसानों ने आवारा पशुओं को पकडकर स्कूल में बंद किया। किसानों ने बताया कि एसडीएम लाडवा ने उन्हें आवारा पशुओं को पकड़कर बंद करने के लिए कहा था, जिसपर उन्होंने दो दिन पहले सब्जी मंडी में भी पशुओं को बंद किया था।
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