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Karnal News: महिलाओं ने उठाई शहर की सुरक्षा, शिक्षा और सुविधाओं की आवाज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 02:32 AM IST
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Women raised their voices regarding the city's safety, education, and amenities.
.अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में अपने विचार रखती महिलाएं। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। अमर उजाला कार्यालय में मंगलवार को संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें महिलाओं ने शहर की महिलाओं, बच्चों और झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा किए। उन्होंने जोर दिया कि सुविधाओं की व्यवस्था जरूरत के हिसाब से होनी चाहिए। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे। साथ ही, महिलाएं सुरक्षित माहौल में काम व आवागमन कर सकेंगी। महिलाओं ने झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वच्छता, पार्कों की निगरानी, शिशु गृह और शीरोरूम जैसी सुविधाओं की मांग रखी।



महिलाओं ने प्रशासन से शहर के ऐसे क्षेत्रों की अलग से पहचान करने को कहा। वहां स्थानीय जरूरतों के अनुसार सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए। उनका मानना था कि स्कूल और संस्थान दूर होने से श्रमिक परिवारों के बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। वहीं, कामकाजी महिलाओं के छोटे बच्चों की देखभाल सुविधा नहीं होती। इससे वे भी कम उम्र में घरेलू काम के माहौल में पहुंच जाते हैं। महिलाओं ने प्रशासन से क्षेत्रवार सर्वेक्षण कराकर स्कूल, आंगनबाड़ी, शिशु गृह, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसी सुविधाओं को एक साथ विकसित करने की मांग की।
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शिक्षा और शिशु गृह की आवश्यकता

उद्यमी जया सतीजा ने कहा कि झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में बच्चों, खासकर युवतियों के लिए शिक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। आर्थिक मजबूरी से बेटियां काम पर लग जाती हैं, जिससे उनकी पढ़ाई छूट जाती है। उन्होंने इन क्षेत्रों को चिह्नित कर नजदीक शिक्षण केंद्र या स्कूल सुविधा देने की बात कही।
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उद्यमी सुषमा ने श्रमिक बहुल इलाकों में पर्याप्त सरकारी प्ले स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र खोलने पर जोर दिया।
निर्भय फाउंडेशन सशक्त नारी संस्था की अध्यक्ष मोनिका कपूर ने निशुल्क या कम खर्च वाले शिशु गृहों की व्यवस्था को बेहद जरूरी बताया।



सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा और निगरानी

शिक्षिका व समाजसेवी हर्ष सेठी ने रात में बच्चों के साथ पैसे मांगने वाली महिलाओं को रोकने की बात कही। उन्होंने इसे बच्चों के स्वास्थ्य और मानसिक विकास से जुड़ा विषय बताया।
हर्ष सेठी ने ऐसे परिवारों को रोजगार, सरकारी योजनाओं और बच्चों की शिक्षा से जोड़ने का प्रयास करने का सुझाव दिया।
सेवा भारती आश्रम रेनू ने पार्कों में स्थानीय कमेटी गठित कर व्यवस्थाओं और गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की।
सेवा भारती आश्रम से दीप्ति ने बड़े पार्कों के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा गार्ड और नियमित गश्त की व्यवस्था करने को कहा।



स्वच्छता और जागरूकता

समाजसेवी आभा बंसल ने झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में मूलभूत स्वच्छता और स्वास्थ्य व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने साफ पानी, स्वच्छता, कूड़ा उठाने और आसपास के वातावरण की स्थिति सुधारने की बात कही। इन क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने के साथ सफाई व्यवस्था की निगरानी होनी चाहिए।

समाजसेवी नीनी अग्रवाल ने शहर में महिलाओं के लिए शीरोरूम की संख्या बढ़ाने की मांग की। उन्होंने प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और बड़े क्षेत्रों में स्वच्छता व मूलभूत सुविधाओं वाले शीरोरूम उपलब्ध कराने को कहा।
समाजसेवी पूजा वर्मा ने झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्र की महिलाओं को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी देने तथा उनके उपयोग के लिए जागरूक करने पर जोर दिया।
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