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Karnal News: चीन के मुकाबले के लिए सस्ते व गुणवत्तायुक्त उत्पाद बनाने होंगे
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करनाल। अमेरिका के टैरिफ और चीन के सस्ते प्रोडक्ट के प्रभाव से निपटने के लिए ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान को कारगर बनाया जाएगा। इसके लिए स्वदेशी जागरण, लघु उद्योग भारती और स्वावलंबी भारत अभियान उद्यमियों को प्रेरित कर रहे हैं। रोजगार देने वाले और रोजगार की जरूरत वाले लोगों को एक साथ पोर्टल पर जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। चीन के मुकाबले के लिए सस्ते और गुणवत्तायुक्त उत्पाद बनाने होंगे।
मंगलवार को भी कृष्णा मंदिर सेक्टर 14 में लघु उद्योग भारती की बैठक में नियोक्ता व बेरोजगारों को जोड़ने वाला ईको सिस्टम देने पर जोर दिया गया। बैठक में स्वावलंबी भारत अभियान के आईटी तकनीकी प्रमुख राधेश्याम चोयल ने कहा कि अभियान के तहत पोर्टल माई एसबीए लॉन्च किया जा चुका है। इसमें एक समय में लाखों युवा नियोक्ताओं के साथ जुड़कर रोजगार की बात कर सकेंगे। इस पोर्टल को बहुआयामी बनाया जा रहा है। स्वावलंबी भारत अभियान के साथ लाखों स्वयंसेवक जुड़ चुके हैं। मकसद युवाओं को रोजगार देने वाला बनाना है। हर हाथ को काम दिए जाने का भी मकसद है। भारत को मेन्यूफैक्चरर सेक्टर का हब बनाना हैं। उन्होंने बताया कि 33 से ज्यादा तकनीक विकसित कर उनको पैंटेंट करवाया जा चुका है। इन तकनीकों को 27 देशों को बेचा जा चुका है। भारत में तकनीक की पहचान कर उसे सही जगह पर उपयोग करने की जरूरत है।
अध्यक्षता करते हुए मेयर रेनू वाला गुप्ता ने कहा कि आज देश के लोगों को स्वदेशी अपनाने की जरूरत हैं। हर परिवार स्वदेशी और स्वावलंबी होना जरूरी है। भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर ने कहा कि ‘हर घर स्वदेशी’ के लिए अभियान चलाएंगे। उद्योगपति जीबी मनचंदा ने कहा कि युवाओं को विदेश से पलायन रोकना जरूरी हैं।
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संचालन श्रुति कांबोज ने किया। स्वदेशी जागरण मंच के सतीश चावला, सुरेश पुरी, गुरुबक्श मनचंदा, एसपी चौहान ने भी विचार रखे। एससी जैन, भूषण गोयल, विनीत भाटिया, मोहन लोधी रजनी परौचा, मनजीत बाबा डाॅ. अशोक आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
स्वदेशी विकल्प को अपनाएं
स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संरक्षक एवं उद्योगपति विजय सेतिया ने कहा कि देश दुनिया का सबसे बड़ा बाजार होते हुए भी कई मामलों में पीछे है। अमेरिका जैसे देश हमारे से ही मुनाफा कमाते हैं और उसे फिर हमारे देश के खिलाफ ही कहीं न कहीं उपयोग भी करते हैं। हमें सिर्फ जरूरी उत्पाद ही विदेशी खरीदने चाहिए। शेष सभी स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी करनी होगी। ऐसी वस्तुएं, जिनका स्वदेशी विकल्प हैं, वह विदेशी न खरीदें।
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मंगलवार को भी कृष्णा मंदिर सेक्टर 14 में लघु उद्योग भारती की बैठक में नियोक्ता व बेरोजगारों को जोड़ने वाला ईको सिस्टम देने पर जोर दिया गया। बैठक में स्वावलंबी भारत अभियान के आईटी तकनीकी प्रमुख राधेश्याम चोयल ने कहा कि अभियान के तहत पोर्टल माई एसबीए लॉन्च किया जा चुका है। इसमें एक समय में लाखों युवा नियोक्ताओं के साथ जुड़कर रोजगार की बात कर सकेंगे। इस पोर्टल को बहुआयामी बनाया जा रहा है। स्वावलंबी भारत अभियान के साथ लाखों स्वयंसेवक जुड़ चुके हैं। मकसद युवाओं को रोजगार देने वाला बनाना है। हर हाथ को काम दिए जाने का भी मकसद है। भारत को मेन्यूफैक्चरर सेक्टर का हब बनाना हैं। उन्होंने बताया कि 33 से ज्यादा तकनीक विकसित कर उनको पैंटेंट करवाया जा चुका है। इन तकनीकों को 27 देशों को बेचा जा चुका है। भारत में तकनीक की पहचान कर उसे सही जगह पर उपयोग करने की जरूरत है।
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अध्यक्षता करते हुए मेयर रेनू वाला गुप्ता ने कहा कि आज देश के लोगों को स्वदेशी अपनाने की जरूरत हैं। हर परिवार स्वदेशी और स्वावलंबी होना जरूरी है। भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर ने कहा कि ‘हर घर स्वदेशी’ के लिए अभियान चलाएंगे। उद्योगपति जीबी मनचंदा ने कहा कि युवाओं को विदेश से पलायन रोकना जरूरी हैं।
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संचालन श्रुति कांबोज ने किया। स्वदेशी जागरण मंच के सतीश चावला, सुरेश पुरी, गुरुबक्श मनचंदा, एसपी चौहान ने भी विचार रखे। एससी जैन, भूषण गोयल, विनीत भाटिया, मोहन लोधी रजनी परौचा, मनजीत बाबा डाॅ. अशोक आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
स्वदेशी विकल्प को अपनाएं
स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संरक्षक एवं उद्योगपति विजय सेतिया ने कहा कि देश दुनिया का सबसे बड़ा बाजार होते हुए भी कई मामलों में पीछे है। अमेरिका जैसे देश हमारे से ही मुनाफा कमाते हैं और उसे फिर हमारे देश के खिलाफ ही कहीं न कहीं उपयोग भी करते हैं। हमें सिर्फ जरूरी उत्पाद ही विदेशी खरीदने चाहिए। शेष सभी स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी करनी होगी। ऐसी वस्तुएं, जिनका स्वदेशी विकल्प हैं, वह विदेशी न खरीदें।