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Karnal News: इस बार पंच शुभ योग में होगी भगवान भोलेनाथ की पूजा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jul 2024 07:19 AM IST
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This time Lord Bholenath will be worshiped in Panch Shubh Yoga.
- 22 को सोमवार से शुरू होगा सावन का महीना, रक्षाबंधन को समापन
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संवाद न्यूज एजेंसी

भगवान दास

करनाल। श्रद्धालुओं को सावन माह का बेसब्री से इंतजार रहता है ताकि वे हरिद्वार से गंगाजल लाकर भोले बाबा का अभिषेक कर सकें। इस साल सावन माह की शुरुआत 22 जुलाई, सोमवार से हो रही है और समापन 19 अगस्त रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर होगा। इस बार सावन के पहले ही दिन सोमवार का व्रत किया जा सकेगा, ऐसा संयोग कई साल बाद बन रहा है, जब सावन मास के पहले ही दिन सोमवारी व्रत रखकर भोलेनाथ की पूजा करने का सौभाग्य प्राप्त होगा। वहीं इस बार पंच शुभ योग में भगवान भोलेनाथ की पूजा की जाएगी।
श्री श्याम बाला जी ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि सावन की सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक और बेलपत्र अर्पित करने से जितना सौभाग्य प्राप्त होता है। उतना पूरे साल पूजा करने से भी प्राप्त नहीं होता। सावन मास में अविवाहित और विवाहित महिलाओं को मां मंगला गौरी का व्रत रखना चाहिए। इस दिन माता पार्वती की विशेष पूजा की जाती है और सोलह शृंगार किए जाते हैं।
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इस बार सावन के पहले सोमवार को पांच अनोखे योग का संयोग बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है। सावन मास के पहले सोमवार को प्रीति योग, आयुष्मान योग बन रहा है। इसके साथ ही चंद्रमा और मंगल एक-दूसरे से नौवें और पांचवें भाव में विराजमान होने के कारण नवम पंचम योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन शनि स्वराशि कुंभ में रहने की वजह से शश योग बन रहा है, शश योग के साथ सभी कार्यों को सिद्ध करने वाला सवार्थ सिद्ध योग भी सावन के पहले सोमवार पर बन रहा है। इन पांच शुभ योग में महादेव की पूजा की जाएगी, जिससे अच्छा लाभ मिलेगा।
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पहले सोमवार को ऐसे करें पूजा
सावन के सोमवार का व्रत ब्रह्म मुहूर्त से लेकर प्रदोष काल तक रखा जाता है। सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करके हाथ में चावल लेकर व्रत का संकल्प करने के बाद मंदिर में शिवलिंग पर गंगाजल, बेलपत्र, दूध, दही, शहद, सुपारी, फल, फूल, भांग, धतूरा चढ़ाकर विधि विधान के साथ शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। भोले बाबा का अभिषेक करने के बाद व्रतधारी फलाहार ले सकते हैं। व्रतधारी को रात्रि के समय जमीन पर ही सोना चाहिए।


किस तिथि को है सोमवार

22 जुलाई को पहला, 29 को दूसरा, पांच अगस्त को तीसरा, 12 अगस्त को चौथा, 19 अगस्त को पांचवां सोमवार है।

व्रत का महत्व

पंडित विनोद शास्त्री के अनुसार इस साल सावन माह की शुरुआत सोमवार से हो रही है और सावन में पांच सोमवार आ रहे हैं। भगवान शिव की पूजा खास तौर से वैवाहिक जीवन के लिए सोमवार को की जाती है। अगर कुंडली में विवाह का योग न हो या विवाह होने में अड़चनें आ रही हों तो सावन के सोमवार पर पूजा करनी चाहिए। सावन की सोमवार को शिव जी की पूजा करने के दौरान जल तथा बेल पत्र अर्पित करना चाहिए। शिव पुराण में भगवान शिव को विवाह का देवता माना गया है, इसलिए सावन में भगवान शिव की पूजा करने पर विवाह में आने वाली बाधा समाप्त हो जाती है।
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