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Karnal News: जिप अध्यक्ष और कांग्रेस सदस्य में ठनी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jul 2024 07:22 AM IST
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There was a rift between the Zilla Parishad president and Congress member
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। जिला परिषद की सदन की बैठक में उस वक्त हंगामा हो गया, जब अनुदान जारी करने को लेकर कांग्रेस सदस्यों ने अध्यक्ष पर ही भेदभाव के आरोप लगाने शुरू कर दिए। अध्यक्ष प्रवेश कुमारी पर अपने वार्ड और चहेते सदस्यों के क्षेत्र में विकास का आरोप सदस्य अमित बराना ने जड़ा। वहीं अध्यक्ष ने टेंडर प्रक्रिया के तहत विकास कार्य होने से आरोपों को बेबुनियाद बताया, उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछली बैठक में बराना को 50 लाख रुपये के विकास कार्यों का अनुदान जारी किया गया था।

अध्यक्ष का कहना है कि कुछ सदस्यों ने साजिश के तहत बैठक का माहौल खराब किया है, बैठक में कांग्रेस के नीलोखेड़ी विधायक धर्मपाल गोंदर भी मौजूद रहे। उन्हीं की शह पर सदन का भाईचारा खराब हुआ है। अध्यक्ष प्रतिनिधि सोहन सिंह राणा ने कहा कि आरोप लगाने वाले सदस्य अमित ही उन पर ठेकेदारों से कमीशन दिलाने दबाव बना रहे थे।
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साथ ही उन्होंने बेबुनियाद आरोप लगाकर छवि धूमिल करने पर सदस्य को मानहानि का केस करने की भी चेतावनी दी। जांच कराएं अगर हमारे से एक रुपये का भी गलत हेरफेर मिलता है तो हम रिजाइन करके जाएंगे। अन्यथा आरोप लगाने वाले सदस्य अपने पद को छोड़ें।
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एससी-बीसी से भेदभाव, अपने क्षेत्र में करोड़ों खर्च : अमित

वार्ड नंबर-5 से जिला परिषद सदस्य अमित राणा ने आरोप लगाते हुए कहा कि अनुदान वितरण में एससी-बीसी समाज के साथ भेदभाव किया गया। कई पार्षद ऐसे हैं जिन्हें आज तक पांच लाख रुपये भी ग्रांट नहीं मिली, जबकि अध्यक्ष के क्षेत्र में सात करोड़ रुपये की ग्रांट खर्च हुई है, चहेते सदस्यों को भी ज्यादा राशि जारी की गई। करोड़ों रुपये आपस में बांट गए हैं। जांच के लिए सीएम से मांग करेंगे।



प्राथमिकता के काम हुए, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ज्यादा खर्च

सदस्य अमित बराना को पिछली बैठक में 50 लाख का अनुदान जारी किया था। हमने जरूरत और प्राथमिकता के आधार पर ही कार्य किए है। हमारा वार्ड क्षेत्र इंद्री खंड में पड़ता है, जहां गत वर्ष बाढ़ के कारण भारी नुकसान हुआ था, ऐसी ही स्थिति अन्य सदस्यों के वार्डों में भी हुई थी। हालात दुरुस्त करने या जरूरत पर हो सकता है किसी वार्ड में कुछ राशि ज्यादा खर्च हुई हो।

- सोहन सिंह राणा, अध्यक्ष प्रतिनिधि





एससी और बीसी समाज से जुड़े जिला परिषद सदस्य भी हमारे साथ हैं। कभी किसी की ओर से कोई भेदभाव का आरोप नहीं लगा। जिन्होंने आरोप लगाए हैं, वे सदन का भाईचारा खराब करना चाहते हैं। डेढ़ साल हमने ईमानदारी से सदन चलाया है। मेरे पर कोई एक रुपये की हेराफेर का आरोप नहीं लगा। सभी आरोप निराधार हैं, टेंडर ऑनलाइन हुए थे, उसी समय के विकास कार्य हैं।
- प्रवेश कुमारी, अध्यक्ष, जिला परिषद करनाल।
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